बढ़ती हुई जवानीने मुजसे पाप करवालिया

मेरा नाम मीरा है. जबसे मेरे स्तनों का आकर बढ़ा है, बार बार मेरा मन स्तनों को दबानेका करता रहता है. कॉलेज में भी सारे लड़के सिर्फ घूरते ही रहते है. सोचती हु कोई तो आकर मेरी जवानी का मजा ले.

कॉलेज से घर आकर जब अपने कपडे निकलती हु ऐसा लगता है की काश कोई यहाँ कमरे में होता. मे अपना गोरा बदन उसको सोप देती. मचलती हुई जवानी मुजसे संभाली नहीं जा रही थी. रातको चुत को मसले बिना मुझे नींद नहीं आती है. रातको तो ऐसा लगता है के कोई भी आकर अगर मुझे चोदे तो में मना नहीं करुँगी. में हर रोज यही दुआ करती थी के कोई तो आकर मुझे चोदे.

ऐसे ही एक दिन में कॉलेज से घर आयी. आम दिन की तरफ अपने कमरे में गयी और कपडे बदलने लगी. मेने ब्रा निकाला ही था की तभी मेने आईने में देखा पलंग के निचे मेरा छोटा भाई आतिश छुपा हुआ था. वो मुझे ही देख रहा था.

में चौक गयी. लेकिन ज्यादा हलचल नहीं की. मुझे लगा शायद कुछ ढूंढ़ने आया होगा कमरेमे मुझे देखकर डर गया और निचे चुप गया.

मेने अपना ब्रा ऐसे ही अपने स्तनों पर रख दिया और बाथरूम में चली गयी. कुछ देर बाद आयी तो आतिश पलंग के निचे नहीं था वो बाहर चला गया था.

दूसरी दिन फिर से में कॉलेज से घर आयी. कमरे में आते ही मेने कपडे बदलना सुरु किया. फिरसे मुझे आतिश पलंग के निचे छुपाहुआ दिखाई दिया. वो मेरी तरफ ही देख रहा था. मेरी पीठ उसकी तरफ थी तो उसे पता नहीं चला की मेने उसको देख लिया है.

आतिश को ऐसे छुपकर मुझे देखते हुए मन में आया की वो तो मेरा सगा भाई है. लेकिन आखिरकार वो है तो लड़का ही. बहोत दिनों से मुझे किसी लड़के की जरुरत महसूस हो रही थी.

मेने सोचा क्यूँ न में अपने भाई को ही मना लू. इस ख्यालनेही मेरे बदन को तपा दिया. घर में वैसे भी हम दोनों के आलावा और कोई नहीं था. मेने धीरेसे अपने कपडे उतरना सुरु किया.

जैसे ही मेने अपना ब्रा निकाला, मेरे शरीर की गर्मी आसमान छूने लगी. मेने देखा आतिश मुझे टकटकी लगाके देख रहा था. फिर मेने अपना सलवार निचे छोड़ दी.

सलवार उतरतेहि में सिर्फ अपनी निकर में कड़ी थी. श्री की गर्मी और बढ़ गयी. मेने अपने शरीर पर हात घूमना सुरु किया. अपने स्तनों को दबाते हुए में आतिश को देख रही थी. मेने देखा आतिश ने अपना एक हात पेंट में डाल दिया था. वो अपना लंड दबाते हुए मुझे देख रहा था.

कुछ देर तक में अपने बदन से खेलती रही, लेकिन अभी मुजसे रहा नहीं जा रहा था. मेरी चुत तप गयी थी. निकर में चिपचिपा पानी फ़ैल रहा था.

गीली निकर चुबने लगी थी. मुजसे रहा नहीं गया. में पीछे घूमी और आतिश की तरफ हातोंसे इशारा करते हुए कहा…. बाहर आ जायो आतिश, मेने तुम्हे देख लिया है.

में पलंग के पास आकर कड़ी हुई. आतिश निचे से बहार निकला. आतिश काफी डरहुआ दिख रहा था. मेरे स्तनों को घुर रहा था. मेने कहा तुम इन्हे ही देखने केलिए निचे छुपे थे ना.

में उसने लगी. और आतिश को कहा. अभी देख ही लिया है तो हात भी लगा ही लो. आतिश चौक गया. उसने मेरी तरफ देखा और धीरेसे अपने दोनों हाट ऊपर उठाये. मेरे स्तनों पर रखकर दबाने लगा. आआहाह…. किसी लड़के का हात जैसे ही स्तनों पर लगता है. शरीर में आग लग जाती है. अहहहह. उफ्फ्फ्फ़.

आतिश ने जोर जोर से स्तनों को दबान सुरु किया. मेने उसे कहा मुँह में ले लो निप्पल. आतिश ने तुरंत मुँह निप्पल पे रखा और वो चूसने लगा. अहःअहः. उफ्फ्फ्फ़. आतिश मेरे स्तनों को जोर जोर से दबाकर चूस रहा था. बहोत मजा आने लगा. मेने देखा निचे आतिश ने जो पेंट पहनी थी, उसपर उठावदार आकर दिखने लगा है. आतिश का लौड़ा तन गया था.

मेने आतिश को नजदीक लेकर गले लगा लिया. आतिश के मुँह को अपने स्तनों के बिच रगड़े लगी. आतिश स्तनों को चाटने लगा. मेने प्यार से उसका शर्ट उतार दिया. उसकी पीठ पर हात घूमते हुए में चूमने लगी. दोनों के होठ मिल गए और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. अहःअहः.

आतिश का शरीर भी तपने लगा था. निचे उसका तना हुआ लौड़ा मेरी चुत को छू रहा था. मुजसे रहा नहीं गया. होठोंको छोड़कर में सीधा निचे बैठी। आतिश की पैंट को निचे खींचा. जैसे ही आतिश की अंडरवेर निचे गयी. उसका लंबासा लौड़ा उछलकर बाहर निकला. आहहहह. आतिश के लौड़े का लम्बा आकर देख में बहोत खुश हो गयी. काफी बड़ा था लौड़ा.

देखकर ही मुँह से लाल टपकने लगी. मेने लौड़े को मुठी में जकड़ा. धीरे धीरे पिलाने लगी. आतिश ऊपर आअह्ह्ह भरने लगा.

लौड़ा इतना बढ़ा हो गया की दोनों हातोंसे से मेने पकड़ लिया. लौड़े को पकड़कर जो सामने गुलाबी फूल दिख रहा था उसे चाटने लगी. उम्म्म अहहहहांम..

आतिश और उत्तेजित हो उठा. अपनी कमर को आगे पीछे हिलने लगा. मेने तुरंत लौड़े को मुँह में लिया और चूसने लगी. उम्म्म्म अह्हह्हं अहहह्म्म अहहह.

लौड़े को चूसने में इतना मजा आ रहा था के में भूल ही गयी के में अपने भाई का लौड़ा चूस रही हु. जितना मुँह में जाये उतना अंदर लेकर चूस रही थी. अहःअहः

में मजा ले ही रही थी के आतिश ने मेरा सर दोनों हातोंसे से पकड़ा और मुँह में लौड़े को जोर जोर मारने लगा. मुझे मुँह खुला ही रखना पड़ा. लौड़े से मेरा मुँह चोदने लगा. अहहह उम्म्म्म अहहहहहह. अह्ह्ह्ह

अहहहहह उफ्फ्फ्फ़. फकककक अहहहह। ….

कुछ देर बाद में उठी. आतिश पूरा ही हवस से भरा हुआ था. मेने उसे पलंग पे लिया. में निचे सोई. आतिश ने मेरी निकर उतारी और दोनों पैरो के बिच बैठकर मेरी चुत को चाटने लगा.

अहहहहह . उफ्फ्फ्फ़. अह्ह्ह्ह

चुत में जीभ को रगड़ते हुए अपनी एक ऊँगली को अंदर डाल घिस रहा था. आहहह. बहोत ही मजा आने लगा अहहहह. अहःअहः. अहहह.

उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह. इसशहहह

यही पाने के लिए में कबसे तड़प रही थी. लड़के से चुत को चटवाने से एक अनोखा मजा मिलता है.

अहहह. उससस. आह्हः
उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह

चुत को चाटकर जब आतिश पीछे हटा. मेने उसे ६९ की पोजीशन में आने को कहा। वो ऊपर आकर पलटा वैसे ही उसका खड़ा लंड मेरे मुँह के सामने आ गया.

मेने तुरंत लंड को मुँह में डाला और चूसने लगी. आतिश ने भी मेरी चुत चाटना सुरु किया. अहहहहह. दोनों एक दूसरे को खुश कर रहे थे. अहहहहहह. उह्ह्ह. आआह्ह.. उम्मम्मम

मेरी मदहोशी भी अब हवस में बदल गयी थी. में पागलो की तरफ आतिश का लंड जीभ से चाट चाटकर मजे ले रही थी.

काफी देर बाद जब आतिश उतरा मेरे ऊपर से, वो सीधा गया निचे और मेरे पैरो को फैलाकर अपना लौड़ा मेरे चुत में ड़ालकर चोदने लगा. ऐसे लग रहा था कब से वो सिर्फ मुझे चोदने के बारेमे ही सोच रहा है.

अहहह उफ्फ्फ्फ़. ममममम अह्हह्ह्ह

उसका बड़ा लंड चुत के बहोत ही अंदर तक जा रहा था. अहहह अहहह आतिश।।।।। अहहहहह

आतिश की तरफ देखा तो वो बड़ी जोश में मुझे चोद रहा था. जोर जोर से चुत पे अपने लंड को पटक पटक कर चोद रहा था. अहहहहह. अह्ह्ह्ह.

काफी देर चोदने के बाद लौड़े को चुत से बाहर खींचा. फिर मुझे आतिश ने कहा दीदी अब घोड़ी बन जाओ. में पलंग के पास झुककर घडी हो गयी. आतिश पीछे गया और मेरी बड़ी गांड को दोनों हतोसे दबाते हुए बोला। दीदी आपकी गांड बहोत पसंद हे मुझे, आपकी गांड भी मारु.

मेने कहा आज नहीं. अगली बार.

फिर आतिश मेरी गांड पे अपना मुँह घिसने लगा. गांड को चाटने लगा. खड़ा होकर लौड़े को गांड में दबाने लगा. अहःअहः अहःअहः.

आखिरकार उसने लौड़े को धीरेसे चुत में धकेल दिया. लौड़ा फिर चुत के अंदर तक चला गया. धीरे धीरे सुरवात की चोदने’की फिर जो सुने चोदना सुरु किया. अहहहहह. आतिश मुझे जानवर की तरफ चोदने लगा. अहःअहः अहःअहः। उफ्फफ्फ्फ़. अहहहह

आतिश धीरे अहहह. दोनों हातोंसे से कमर को कसकर पकड़कर चोदने लगा. गांड पटक रही उसकी जांग ऐसे महसूस हो रही थी जैसे कोई मेरी गांड पे चपेट मार रहा है.

अहहहह फूफ्फ. अहहहह. अहहह
अहहहह ुस्स्सस्स अहःअहः

आखिर में आतिश ने जोश जोश में आतिश ने कमर को ऊपर उठा के चोदना सुरु किया. फिर अचानक चिल्लाया. दीदी पानी निकलने वाला है. डाल दू अंदर.

मेने कहा नहीं. और लौड़ा चुत से बाहर खींचा. में सामने बैठी और लौड़े को मुँह में ले लिया. लौड़ा मुँह में जाते ही. गरम पानी की बौछार करने लगा. मेने सारा पानी अपने मुँह में ले लिया. सारा पानी चूस चूस के पि गयी.

काफी देर तक पानी निकल रहा था. आतिश भी शाँत हो गया.

यहाँ मेरी भी चुत को चुदने का मजा मिल गया.

उस दिन के बाद आतिश को मेने बहोतबार चोदने का मौका दिया. काफी बार तो लौंडे को चूस चूस के शांत किया है.

Loading

0
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The maximum upload file size: 64 MB. You can upload: image, audio, video, document, spreadsheet, interactive, text, archive, code, other. Links to YouTube, Facebook, Twitter and other services inserted in the comment text will be automatically embedded. Drop file here