दीदी बनी मेरी गर्लफ्रेंड – भाग २

दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया था. पैंट में हात डालकर लौड़े को थोड़ा मसला और ठीक से अंदर बिठाया. फिर उठकर बाहर आया तो दीदी कॉलेज के लिए निकल गयी थी. पापा भी काम पर निकल गए थे. सिर्फ माँ थी जो किचेन में काम कर रही थी.

माँ ने मुझे देखा और कहा खाना बना के रखा है. तू और दीदी खा लेना वक्त पे.

में हा कहकर अंदर कमरे में चला आया. माँ को नहीं पता की मुझे खाने की नहीं लड़की चोदने की भूक है.

माँ भी कुछ देर बाद काम पे चली गयी. में दुपहर तक दीदी का इंतजार करता रहा.

आखिरकार करीब १ बजे दीदी घर आयी. मेने तुरंत अपना मोबाईल रख दिया.

दीदी घर में आयी, उसने दरवाजा बंद किया. दीदी ने नया पिले रंग का पंजाबी ड्रेस पहना था. अपनी बैग वही जमीन पर फेक दी और सीधा मेरे कमरे में आकर कमरेका दरवाजा बंद किया. में उठकर बेड के बगल में ही खड़ा था.

जैसे ही दरवाजा बंद करके दीदी पलटी. हम दोनों की नजरे मिली. दोनों के मन में हवस भरी थी. दीदी धीरेसे मेरे करीब आयी और हम दोनों ने कसकर एक दूसरे को गले लगाया. मुझे महसूस हुआ दीदी का शरीर भट्टी की तरह तप रहा है.

दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. दीदी के होठो पे भी गर्माहट थी. कसकर होठ एक दूसरे पे घिस रहे थे. दोनों एक दूसरे की पीठ पर हात घुमाने लगे. दीदी का शरीर काफी कोमल था. मजा आ रहा था दीदी की पीठ पर हात रगड़ने में.

दीदी के स्तनों की कोमलता मुझे अपने छाती पे महसूस हो रही थी. में दीदी को और कसकर पकड़कर स्तनों को दबा रहा था.

कुछ देर किस करने के बाद जब मेने दीदी की आखो में देखा, दीदी की आँखे नशीली हो चुकी थी. मेरा ध्यान आखोसे होकर दीदी के ऊपर उठे बड़े स्तनों पर गयी.

मेने दीदी को पूछा दबाने का मन कर रहा है. दबा दू.

दीदी ने कहा, तू ऐसे पूछ मत। तू मेरा बॉयफ्रेंड हे. जो करना है बिंदास कर.

दीदी की ये बात सुनकर मानो मेरे अंदर का जानवर जाग गया.

मेने दोनों हातोंसे से दीदी के स्तनों को दबाना सुरु किया. दीदी सिसकने लगी. अहाहा उफ्फ्फ आ ससष्ठ अहहह

स्तनों को दबाते हुए मेरा लौड़ा निचे उछलने लगा था. मेने दीदी का कुर्ता ऊपर उठाया और निकाल दिया.

अंदर के ब्रा में लिपटे दीदी के स्तनों को देखकर मुजसे रहा नहीं गया. मेने सीधा अपना मुँह स्तनों की बिच की दरार में रखा और चूमने लगा. मुलायम स्तनों का मुँह पे होने वाला स्पर्श मुझे पागल कर रहा था. दीदी ने मेरी तड़फड़ाहट देखि और अपना ब्रा खुद ही खोल दिया. ब्रा को जैसे ही हटाया, दीदी के स्तनों को देख में और उत्तेजित हो गया.

आह्ह्ह्ह… क्या बॉल थे दीदी के. मेने जोर जोर से दबाना सुरु किया. निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा. निप्पल काफी कड़क हो चुके थे. मजेदार अनुभव था मुँह को स्तनों पे रगड़ना और निप्पल को चूसना.

दीदी के स्तनों को एक सात दोनों हातोसे दबाते समय मन को बहोत शांति मिल रही थी. स्तनों को ऊपर निचे, दाए बाये सभी तरफ से पकड़कर दबाये जा रहा था. दीदी ने मेरा भी टीशर्ट उतार दिया. मेरी पीठ पर हात घुमाने लगी. अह्हह्ह्ह्ह… दीदी आहहहह

काफी देर तक स्तनों को चूसा. फिर दीदी ने मुझे होठो पे चूमा, धीरे धीरे वो निचे जाने लगी. मेरी गर्दन को चूमते हुए निचे बैठने लगी. मेरे निप्पल को भी दीदी ने जबान से चाट लिया. अपने हात मेरे शरीर पे घिसते हुए जैसे ही वो निचे बैठी. में समज गया दीदी अब मेरा मुँह में लेने वाली है.

दीदी ने मेरी पैंट दोनों हातोंसे से पकड़कर निचे खींच दी. मेरी अंडरवेर दिखी तो वो भी धीरेसे पकड़ी और खींचने लगी. मेरा खड़ा लंड अंडरवेर छोड़ नहीं रहा था. जैसे ही दीदी ने जोर से अंडरवेर निचे खींची, मेरा लौड़ा उछलकर बाहर निकला.

दीदी ने कसकर मुट्ठी में मेरा लंड पकड़ा और हिलाने लगी. आगे पीछे लौंडे को करते हुए मेरी गोटियों को मसलने लगी. आअह्ह्ह्ह श्श्श्श. श्श्श्श. शरीर में ठंड और गर्मी दोनों एकसात महसूस होने लगी.

दीदी ने जैसे ही लौड़े को छोड़ा मेरी नजर निचे गयी, मेने देखा दीदी ने अपना मुँह खोला और मेरा लंड मुँह में ले लिया. अहःअहः. क्या सुन्दर दृश्य था. अहहहह. दीदी के मुँह में मेरा लंड। . अहहहहहह

दीदी लंड को प्यार से चूसने लगी. अंदर बाहर करने लगी. अहहहहह अहहहहह. अहहहह. दीदी अहःअहः अहःअहः…

जोर जोर से लंड अंदर बाहर करते हुए चाट रही थी. ऐसे लग रहा था जैसे दीदी लंड को खा ही जाएगी। आहहहहह उम्मम्मम

बहोत देर लौड़े को चूसने के बाद, दीदी ने लंड को पकड़कर ऊपर उठाया और मेरी दोनों गोटियों को मुँह में लेकर चाटने लगी. आहहहह. अहाहा

लंड को हिला हिलाके गोटियों को चाट रही थी.

फिर दीदी ने लंड को छोड़ा. वो उठकर बेड पर लेटी।  मेरी तरफ पैर फैलाके बोली, अब तेरी बारी है.

में समज गया दीदी का इशारा.

मे बेड के करीब गया, दीदी का पजामा पकड़ा और खींचकर निकाल दिया. दीदी की गोरी जांग देखकर मेने अपना हात जांग पर घुमाया. दीदी मचलने लगी. जांग पे हात घुमाते हुए पैंटी को पकड़ा.

पैंटी को धीरेसे निचे खींचकर निकाल दी. अब दीदी भी पूरी नंगी मेरे सामने थी. दीदी ने शर्म के मारे अपने पैर नजदीक कर लिए. मेने दोनों पैर पकडे और फैला दिए. आंखोके सामने दीदी की चुत को खुलते हुए देखा.

आअह्ह्ह. क्या नजारा था. गोरी चुत अंदर से गुलाबी दिख रही थी. चुत पे एक भी बाल नहीं था.

मेने दीदी के पैर फैलाये और सीधा मुँह चुत पे रखकर चाटने लगा. अहहहह. उम्म्म्म. उम्म्म अहःअहः. अहहह

चुत काफी गरम हो चुकी थी. मेने जीभ को चुत में रगड़ना सुरु किया. दीदी मानो मछली की तरह बेड पे तड़प रही थी. मेने कसकर दीदी की जांग पकड़ रखी थी और चुत को अंदर बाहर सभी तरफ से चाट रहा था.

दीदी की चुत पानी छोड़ने लगी. मेने जीभ से सारा पानी चाट लिया।

काफी देर चुत को चाटने के बाद में पीछे हटा. और अपना लौड़ा खड़े खड़े दीदी के चुत में डाल दिया. धीरेसे लौड़ा चुत के अंदर जाने लगा. दीदी की दोनों जांग पकड़कर लौड़े को चुत में धकेला. दीदी की आँखे बड़ी हो गयी. लौड़ा पूरा अंदर तक चला गया. फिर मेने दीदी को चोदना सुरु किया. अहहहहह. लौड़ा अब चुत में अंदर बाहर होने लगा. अहहह अहहहह. उम्मम्मम आम अहहह उफ्फफ्फ्फ़ आए

मेने धीरे धीरे अपनी चोदने की गति बधाई. लौड़ा कसकर चुत में फस गया था. अहहह अहह उम्म्म

अहहह अहहह अह्ह्ह
उम् मममम

मजा आने लगा. आहहह

मे जोर जोर से दीदी को चोदने लगा. अह्ह्ह। .. अहहह अहहह

दीदी भी चिल्लाने लगी. अहहह हः आह. उफ्फ्फ्फ़. हः मममममम

काफी देर खड़े रहकर चोदने के बाद, मेने लौड़े को बाहर खींचा

फिर दीदी ने मुझे बेड पे सीधा सुलाया. मेरे ऊपर उलटी लेट गयी जिससे उसकी चुत मेरे मुँह के ऊपर और मेरा लंड दीदी के मुँह के सामने।

मेरी आखो के सामने दीदी की गीली चुत थी.

दीदी ने जैसे ही मेरा लंड मुँह में लेकर चूसना सुरु किया, मेने भी बड़ा मुँह खोलकर दीदी की चुत को चाटना सुरु किया. उम्म्म्म अम्म्म उम्म्म्म अअअअअ

दीदी अपनी चुत मेरे मुँह में दबा रही थी. वही निचे मेरे लंड को होठो से कसकर पकड़कर चूस रही थी. आहहहह। मजा आ रहा था. उम्म्म्म उम्म्म्म

अह्ह्ह्हह अहहहहहह
उम्मम्मम ममममममम
अहहह अहहह. आह्हः

काफी देर ६९ की पोजीशन में चुत और लंड के साथ खेलकर दीदी मेरे उपर से हटी.

इसके बाद दीदी मेरे लौड़े पे आकर बैठी. लौड़े को पकड़कर धीरेसे अपनी चुत में ले लिया और लंड को चुत में फसाकर उसपर उछलने लगी.

अहःअहः. अह्ह्ह. लंड फिरसे चुत में घिसने लगा. अह्ह्ह्ह. दीदी को सामने उछलते हुए देखने में बड़ा मजा आ रहा था. दीदी के स्तन ऊपर निचे उछल रहे थे.

लंड पूरा अंदर जाकर बाहर आ रहा था. आह्ह्ह्ह अहहहहह अहहह.

दीदी जोर जोर से उछलने लगी. लंड मानो लोहे जैसा कठोर हो गया था. अहहह अह्ह्ह दीदी.

कुछ देर बाद मुझे एहसास हुआ पानी निकलने वाला है. मेने सिसकते हुए दीदी को कहा, दीदी निकलने वाला है.

दीदी ने सुनते ही. तुरंत लंड को चुत से निकाला। मेरे बगल में बैठी और लंड को सीधा अपने मुँह में ले लिया।

दीदी ने जैसे ही लंड मुँह में लेकर चूसना सुरु किया, मेरे लौड़े ने पानी की बौछार कर दी. शरीर में मानो बिजली सी दौड़ पड़ी. सारा पानी दीदी के मुँह में चला गया.

दीदी ने भी पानी पि लिया. अहहह. उफ्फफ्फ्फ़. उम्मम्मम्म उम्मम्मम्म

लंड को मुँह में लेकर बैठी दीदी काफी सुन्दर दिख रही थी. आखिरकार जब लंड छोटा हुआ, तब दीदी ने उसे मुँह से निकाला।

लंड को पूरा चाट लिया.

हम दोनों भी अब शांत हो चुके थे. दीदी ने अपने कपडे लिए और ऐसे ही नंगी कपडे समेटकर बाहर निकल गयी.

उस दिन के बाद से दीदी और में एक दूसरे के शरीर के साथ खेलते रहते है. जब भी घर पर कोई नहीं होता हम चुदाई करते है.

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