में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम निमिता है. में और निमिता एक ही डिपार्टमेंट में होने की वजसे हमारी हररोज बाते होती रहती थी. हम साथ में खाना खाते थे.
धीरे धीरे हमारी दोस्ती अछि होती गयी. जैसे जैसे निमिता को पता लगने लगा की में अच्छा इंसान हु और उसे मुजसे कोई डर नहीं है. वो और खुलने लगी.
मेने देखा निमिता नए नए विषय लेके आती थी बाते करने के लिए. उन बातो में कभी कभी ऐसी बाते भी करनी लगी जो एक लड़का लड़की आसानीसे नहीं कर सकते।
एक दिन हम खाना खाकर ऑफिस की बिल्डिंग के निचे पार्किंग में टहल रहे थे. तब उसने एक विषय पे बाते सुरु की. वो कहने लगी, के उसके पिछले ऑफिस में उसका मैनेजर था उसका एक ऑफिस के लड़की से चक्कर चल रहा था. वो दोनों ओयो के होटल में जाया करते थे. मेरे लिए ऐसे विषय पे बाते करना थोड़ा कठिन था. क्यूंकि पहले कभी मेने ऐसे विषय पे किसी लड़की से बाते नहीं की थी.
लेकिन मेने निमिता को रोका नहीं। उसे और भी पूछने लगा. तो वो और भी खुलने लगी. ऐसी और भी कहानिया मुझे बताने लगी.
हम दोनों को भी ऐसी बातो में मजा आने लगा. फिर एक वक्त आया के हम लोगोंके विषय पे बाते करते समय सेक्स ये शब्द को भी उपयोग करने लगे.
हमारी बातो में सेक्स शब्द बार बार आने लगा. दोनों भी अभी सेक्स के विषय पे बाते करने में डर नहीं रहे थे.
हररोज कुछ न कुछ विषय निमिता के पास होता था जिसमे सेक्स से संदर्ब में हमारी बाते होने लगी.
एक दिन हम दुपहर को खाना खाकर टहल के जब वापस ऑफिस में आ रहे थे. तो लिफ्ट के अंदर आये. हमारे पीछे और भी बहोत सरे लोग अंदर आय.
लिफ्ट में भीड़ होने की वजसे हमें पीछे कोने में खड़ा रहना पड़ा. लोग इतने ज्यादा लिफ्ट में भर गए की हिलने के लिए भी जगा नहीं थी.
तभी निमिता ने मेरा हात पकड़ा और अपने शरीर से चिपका दिया। में थोड़ा सहम गया. क्यूंकि मेरी बाजु को निमिता के कोमल स्तनों का स्पर्श हो रहा था.
निमिता ने ऐसे कसकर मेरा हात अपने शरीर से चिपकाया था के मेरी उंगलिया निमिता के चुत के करीब पोहच गयी थी.
मेने थोड़ी ऊँगली हिलायी, तो वो निमिता के चुत के करीब जांग को रगड़ गयी. निमिता ने वो महसूस किया।
जैसे ही उसने देखा की मेरी ऊँगली उसके चुत के करीब है. उसने मेरा हात जो चुत से कुछ ही इंच दूर था उसे उसने और नजदीक लिया।
जैसे ही उसने मेरा हात नजदीक लिया, मेरी उंगलिया उसके पेंट के ऊपर से चुत पे लग गयी.
मेरे मन में आया, निमिता इशारा दे रही है. मेने धीरे धीरे अपनी उंगलिया उसके चुत घूमना सुरु की. भीड़ में वैसे किसी को दिखाई नहीं दे रहा था. मेरे सामने एक बड़ी गांड वाली लड़की खड़ी थी. उसके पीछे निमिता छुप गयी थी.
मेने अपने उंगलियों को निमिता के चुत पे रगड़ना जैसे सुरु किया, मेरा लंड खड़ा हो गया. शरीर की गर्मी बढ़ने लगी. निमिता ने भी मेरे हात को कसकर पकड़ा था. उसे भी मजा आ रहा था. कुछ देर में ऐसी ही खड़े निमिता के चुत को पैंट के ऊपर से ही सहलाता रहा.
फिर जैसे मेने देखा हम अब ऊपरी मंजिल पे पोहचने वाले है, मेने आखरी मौका समझकर अपना पूरा हात का पंजा उसकी चुत पे रखा और कसकर चुत को दबा दिया। निमिता भी थोड़ी डर गयी.
सभी लोग लिफ्ट से बाहर निकले, हम भी निकले और अपने ऑफिस में आकर काम करने लगे. पुरे दिन हमने कोई बात नहीं की. लेकिन हमारी आखे बार बार एक दूसरे को देख रही थी.
दोनों को अजीब सा महसूस हो रहा था. आखिर में शाम को घर जाने के पहले, मेने निमिता को व्हाट्सप्प पे मेसेज किया, कल ऑफिस के बाद मूवी देखने चलते है.
तो उसने तुरंत है कर दिया। मेने सोचा सीधा रूम पे जाना ये पूछना सही नहीं होगा। मूवी थेटर में कुछ तो करने मिल जायेगा।
निमिता के हां कहते ही. मेने दूसरे दिन की मूवी की दो टिकटे बुक की. कोई फालतू मूवी थी. मेने जानबूझकर फालतू मूवी की टिकटे ली, ताकि थेटर में लोग कम हो और हमें परेशानी ना हो.
फिर दूसरा दिन आया, निमिता आज नयी नीले रंग की सलवार कमीज पहनकर आयी. ऐसे दिख रही थी मानो उसका आज जन्मदिन है. होठो पे लाल रंग की लिपस्टिक।
सुभह जब उसे देखा, तभी से मेरा लंड खड़ा हो गया था.
किसी तरह दिन ख़तम किया, हम शामको ऑफिस से निकले। ऑटो से हम पास के मूवी थेटर पोहचे। दोनों को भी डरे हुए थे. पता नहीं क्या होगा।
थेटर के अंदर पोहचे, मेने जानबूझकर कोने की सीट ली थी.
आस पास कोई नहीं था. थोड़ी देर में मोवी सुरु हुई. थेटर में अंदर हुआ. मेरी दधकने बढ़ रही थी. दोनों भी ज्यादा बात नहीं कर रहे थे.
में सोच में ही था के कैसे निमिता को अपने नजदीक लू. तभी निमिता ने मेरा हात पकड़ा और मेरे कंधे पे अपना सर रखकर सो गयी.
उसने मेरा हात अपनी जांग पर छोड़ दिया। मेरी उंगलिया उसकी जांग को चुने लगी. मुझे अजीब ही लगने लगा. मेने अपना हात का पंजा मेने निमिता की जांग पे रखा और अपनी उंगलियों से उसे उत्तेजित करने लगा.
कुछ ही पल बाद मुझे उसकी सिसकनेकी आवाज मेरे कानो में गूंजने लगी. उसकी आवाज सुनकर मेने उसकी तरफ देखा। दोनों एक दूसरे को प्यार से देखने लगे.
हम दनो के होठ एक दूसरे के करीब आये, और हमने एक दूसरे को चुम लिया। जैसे ही मेने उसके कोमल होठो को चूमा, मेरा सबर का बांध टूट गया. में उसकी तरफ मुदा और निमिता को कसकर गले लगाकर उसे चूमने लगा. अह्ह्ह। उम्म्म। इसी का तो इतंजार था.
में इतना उत्तेजित था के मेरा हात सीधा उसके बड़े बड़े स्तनों पे चला गया और मेने उसके स्तनों को दबा दिया। अहह निर्माता।।। कबसे में इन स्तनों को दबाने की ख्वाइश लेके बैठा था. आज मौका मिला तो मुजसे रहा नहीं जा रहा था. में कसकर स्तनों को पकड़कर दबाने लगा. अह्ह्ह। काफी बड़े और कोमल स्तन थे. दबाने में बहोत मजा आ रहा था.
ऊपर होठो को चूमना और निचे स्तनों को दबाना, दोनों साथ मिलते ही मेरा लंड पैंट के अंदर उछल ने लगा. अह्ह्ह। होठो को होठ रगड़ रहे थे. एकड़ दूसरे की जबान को हम घिस रहे थे. निमिता भी काफी उत्तेजित लग रही थी.
स्तनों को दबाकर जब में उसके गालो को चूमने लगा. मेने अपने हात निचे से उसकी ड्रेस के अंदर सरका दिया। उसके कोमल पेट से होकर मेरे हात उसके ब्रा तक पोहचे। ब्रा के ऊपर से स्तनों को दबाते हुए उसके गले को चूमने लगा. अहह.. निमिता सिसकते हुए मुझे अपने गले से लगा रही थी. आह्हः उम्म्म अम्मम्म ाममम।।। अहम्म्म्म्म उम्मम्मम्म
निमिता ने देखा के में उसकी ब्रा को ऊपर करने की कोशिश कर रहा हु. तो उसने अपना ब्रा का हुक पीछे से खोला, अंदर ब्रा ढीला होते ही मेने उसे ऊपर किया और स्तनों को दबाने लगा. निप्पल को मेरा हात छूते ही निमिता तड़पने लगी. में कसकर स्तनों को पकड़ के दबाये जा रहा था. उसके पुरे चेहरे पे चुम रहा था. उसकी मदहोश आँखे देख मुझे और भी मजा आ रहा था.
तने हुए निप्पल को छूकर मुझे उसे चूसने का मन किया। मेने धीरेसे उसका ड्रेस उठाना चाहा तो निमिता ने कहा रुको। और अपनी ओढ़नी लेकर अपना ड्रेस उठाया, ओढ़नी के निचे उसके स्तन थे, फिर में जैसे ओढ़नी के अंदर झुका, मेरे मुँह में निमिता के निप्पल आ गए. आह्हः ह.. क्या मजा आ रहा था निप्पल को चूसने में. में पागल सा ही हो गया. निमिता के स्तनों पे मुँह दबाते हुए निप्पल चूसने लगा. एक हात से स्तनों को दबाते हुए आनंद ले रहा था. अह्ह्ह अह्ह्ह। उम्मम्मम
दोनों स्तनों को पागलो की तरह मेने चूस लिया और फिर जब ओढ़नी के निचे से बाहर निकला मेरा शरीर भट्टी तरह तप रहा था.
मेने सीधा बैठे आस पास एक बार नजर घुमाई। आस पास कोई नहीं था. फिरसे निमिता के करीब आया और उसके होठो को चूमते हुए उसकी चुत को मसलने लगा. अह्ह्ह अह्ह्ह। मेरी तड़प इतनी बढ़ गयी थी के चूमते हुए मेने बिना सोचे अपना हात उसके पाजामे में डाल दिया और चुत की दरार में ऊँगली फ़ासके चुत को मसलने लगा.
अह्ह्ह अहहह। हम्म्म्म। .. चुत पहले से ही गीली थी. मेरी ऊँगली तुरंत गीली हो गयी. मेरा हात चुत पे घिसना सुरु हुआ तो निमिता उत्तेजना में मेरे होठो को काटने लगी अह्ह्ह। उम्म्म्म अम्मम्म अम्म्म
मेरा भी सबर टूट रहा था. मेने जोर जोर से उसकी चुत को रगड़ना सुरु किया। आह्हः अहहह। अहह.. उम्म्म।।।
निमिता ने अपने पैर खोल दिए और मेरी उंगलियों को जगा दे दी. मेने एक ऊँगली उसकी चुत में डाली और घिसने लगा. अहह अहहह हम्म्म्म। अम्मम्म। अम्म
आह्हः अहहह। होठो में होठ फसे हुए थे. दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को चुम रहे थे.
निमिता का तड़पता हुआ बदन और मेरा चुत पे रगड़ता हुआ हात.
काफी देर चुत को रगड़ने के बाद, निमिता का शरीर अकड़ गया, उसने अपने पैर कसकर दबाये और मेरा हात चुत में ही फस गया. फिर भी अंदर फसी ऊँगली को में हिलता रहा। .
निमिता के शरीर में एक झटका दिया और चुत ने पानी छोड़ दिया। उसी वक्त मेरे भी लंड ने पानी की बौछार कर दी. अह्ह्ह अह्ह्ह। उम्मम्मम। मेरी अंडरवेर में ही पानी निकल गया.
कुछ देर हम दोनों एक दूसरे को जकड़े हुए थे. फिर हमने कुछ देर थेटर में बिताया और घर चले गए.
उस दिन के बाद हमारी बाते और शरीर एक हो चुके थे. हम एक दूसरे का खाना खाने लगे. मुझे जब भी मौका मिलता में निमिता के स्तनों को दबा देता। में उसको चूमता। रातभर हम व्हाट्सप्प पे बाते करते। गन्दी गन्दी बाते सुरु हो चुकी थी.
करीब १ हफ्ते तक ऐसे ही चलता रहा. मुझे अब निमिता को चोदने का बहोत मन कर रहा था.
शनिवार जैसे नजदीक आया, मेने निमिता को पूछ ही लिया के रूम पे चलते है. पूरा दिन बितेनेगे। बाते करेंगे। मेरी बात सुनकर निमिता मुस्कुरायी, और फिर उसने हा कर दी.
मेने १ ही दिन में सारि तैयारी कर ली. दूर एक होटल में महंगा रूम बुक किया।
शनिवार की सुबह हम होटल पोहचे। दोनों को भी पता था हम रूम में क्यों जा रहे है. तो दोनों को भी रूम के अंदर जाने की दौड़ लगी थी.
मेने होटल के अंदर पोहचते ही रूम की चाबी ली, कमरा ५ वि मंजिल पे था. हम तुरंत लिफ्ट से ऊपर पोहचे।
कमरा खोला, अंदर आये. निमिता अंदर आकर अपनी बैग रखकर खड़ी थी, में पिछेसे दरवाजा ठीक से बंद करके अंदर आया, ऐसी चालू की. और जैसे ही निमिता मेरी तरफ मुड़ी, उसने मुझे कसकर गले लगाया और मेरे होठो पे होठ रखकर चूमने लगी.
जिस तरह निमिता मुझे चुम रही थी, मुझे एहसास हुआ के निमिता तो मुजसे भी ज्यादा हवस से भरी पड़ी है.
दोनों ने एक दूसरे को कसकर गले लगाया और चूमने लगे. उम्म्म अम्मामा। अम्मामा। मेरा तो लंड कबसे खड़ा ही था. में सब दोस्ती यारी भूल के उसे चूमने लगा.
अपने दोनों हात निमिता की पीठ पे घूमने लगा. उसका कोमल बदन छूने में काफी अच्छा लग रहा था. एक दूसरे को चूमते हुए, प्यार जताते हुए मेने जब उसके बड़े स्तनों को दबाना सुरु किया, निमिता तड़पने लगी. चूमते चूमते मेरी गर्दन पर आयी और मुझे काटने लगी. मेने भी जोर जोर से उसके स्तनों को दबाया और अपना मन हल्का किया।
अह्ह्ह्ह।। लड़की के स्तनों को दबाने में जो मजा है, अह्ह्ह इमम्म।। अह्ह्ह्ह उम्मम्मम।
मेरा लंड पैंट में पागल हुए जा रहा था. मेने मुजसे रहा नहीं गया और मेने निमिता के कपडे उतरना सुरु किया, उसका ड्रेस ऊपर उठाके निकल दिया। ब्रा के दर्शन हुए. निमिता ने भी मेटा शर्ट खोलकर उतार दिया।
गुलाबी ब्रा में लिपटे उसके स्तन मेने दबाये और अपना मुँह बिच में रखकर स्तनों की बिच की दरार चाटने लगा. उम्म्म अम्म्म। ममम. अम्म्म
दबाते हुए उसका ब्रा मेने खोल दिया। जैसे ही उसके बड़े बड़े स्तन मेरे सामने आये, में पागल सा हो गया. गोर स्तनों को देख मुँह में पाने आने लगा. प्यार से दबाते हुए मुँह में निप्पल लेकर चूसने लगा. अह्ह्ह अहह.. निमिता सिसकते हुए मेरे बालो में हात घूमने लगी. उसके निप्पल को होठो से पकड़ के में खींचने लगा. निमिता उससे और भी उत्तेजित हो रही थी. मेने अपना मुँह स्तनों को दबाते हुए निप्पल को चूस लिया। दोनों निप्पल को बारी बारी चूसते हुए अपने मजबूत पंजो से दबाये जा रहा था. अह्ह्ह अहहह उम्मम्मम अम्मम्म
फिर जब में पीछे हटा और निमिता को देखा, तो उसकी नशीली आखे सबकुछ बया कर रही थी. वो चुदवाने के लिए तैयार थी.
मेने उसे पास की दीवाल पे टीकाकार खड़ा किया, उसके दोनों हात उठाकर दीवाल पे कसकर पकड़कर उसे जोर जबरदस्ती से चूमने लगा. उसके होठो से होकर स्तनों तक चुम रहा था. जैसे ही उसकी बाजु ऊपर हुई, उसकी बगल में भी मेने चूमा। फिर पेट से होकर निचे गया और उसकी सलवार खोलकर उतर दी, अन्दर पहनी पैंटी दिखने लगी
गुलाबी पैंटी में निमिता बहोत ही सुन्दर दिख रही थी.
मेने दोनों हातोंसे से पैंटी पकड़ी और खींचकर उतारी दी. जैसे ही उसकी चुत मेरे सामने आयी, मुजसे रहा नहीं गया. मेने अपना मुँह सीधा उसके दोनों पैरो के बिच डाला और उसकी चुत चाटने लगा. आह्हः उम्म्म्म। अम्म्मम्म अहंमम। चुत के भीतर अपनी जबान डाले चुत को अपनी जबान से रगड़ने लगा. चुत के अंदर से गरम पानी निकल रहा था, मेने उसे अपनी जबान से चाट लिया। उम्म्म्म अम्मम्म उम्म्म्म
निमिता ने सिसकते हुए अपना एक पैर उठाकर मेरे कंधो पे रखा, उसकी चुत जैसे खुली, मेने अपना मुँह चुत पे दबाया और जबान चुत के अंदर डालकर चाटने लगा. अह्ह्ह अहहह। निमिता। आह्ह्ह्हह। अपनी एक ऊँगली चुत में डाले उसे रगड़ने लगा. आह्ह्ह्ह अहह. निमिता पागल हो गयी, में जोर जोर से जंगली अंदर डालकर घिसने लगा. जबान से चुत का दाना चाटने लगा.
अह्ह्ह यह.. उम्मम्मम अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह
दोनों भी पागल हो गए थे. मेने चुत को इतने जोर जोर से रगड़ा की निमिता तड़पने लगी. उसने तड़पते हुए अपनी दोनों टाँगे मेने कंधो पे रख दी और कंधो पे बैठी।
में निचे बैठे, उसके चुत मुँह से रगड़ते हुए उसे चाट रहा था. अह्ह्ह अहह. निमिता का दीवार के सहारे टिकी थी. अपना मदहोश बदन हिलाते हुए मेरे मुँह पे अपनी चुत रगड़ने लगी. मेने भी अपनी जबान बाहर निकाले रही थी जो उसके चुत पे रगड़ रही थी. आह्हः उम्म्म्म अम्म्म अम्म्म उम्माह्ह्ह
काफी देर चुत से मजा लेने के बाद, में जब उठा. मेने अपनी पैंट पहले उतारी। पैंट उतारते ही जैसे में नंगा हुआ, मेरा खड़ा लंड देखकर निमिता चौक गयी.
लंड को देखकर वो इतनी खुश हुई के सीधा मेरे सामने बैठी और मेरे लंड को चूसने लगी. आअह्ह्ह्ह। लंड निमिता के मुँह में घिसने लगा. अह्ह्ह उसकी जबान मेरे लंड पे घिसने लगी. अह्ह्ह अह्ह्ह, उम्म्म्म अम्मम्म
निमिता ने मुठी में लंड को पकड़के जो हिलाया, मेने अंग अंग में खुशिया बहने लगे, मेरा मन खुश हो गया. निमिता ने अपने मुँह में लंड को लेकर चूसना सुरु किया अहह अहह उम्म्म्म। अम्मम्म उम् उफ्फ्फ्फ़। अम्म्मम्म्म्म
काफी देर निमिता ने मेरे लंड को चाटा फिर जब वो खड़ी हुई. में उसे सीधा बेड पे ले गया, उसे सुलाके में उसके ऊपर सो गया. दोनों एक दूसरे को चूमते हुए, कसकर पकड़े बेड पे एक दूसरे के ऊपर पलटने लगे. दोनों के नंगे शरीर एक दूसरे पे रगड़ते हुए अपनी बड़ी हुई हवस का मजा ले रहे थे.
फिर मेने उसके गालो को चूमते हुए निचे जाना सुरु किया, उसके स्तनों को दबाते हुए निचे गया, उसके पेट को चूमते हुए कमर को छूते हुए जब निचे चुत के पास पोहचा, एक बार जबान चुत पे घिसते हुए उसके पैर फैलाये, फिर घुटनो पे बैठे अपना लंड आगे किया और चुत के खुले हुए दरवाजे के अंदर अपना लंड धीरेसे से घुसेड़ दिया।
अह्ह्ह अह्ह्ह। उम्म्म्म। अम्मम्म। उफ्फ्फ्फ़। आआआ.
लंड चुत के अंदर जाने लगा. आह्हः उम्मम्मम्म।। अह्ह्ह।
चुत काफी जकड़ी हुई थी. मेने अंदर तक लंड डाला और फिर निमिता को चोदने लगा. अह्ह्ह्ह उम्म्म्म अम्मम्म। अम्म्म
उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह आहहह हां उम्मम्मम। अम्म्मम्म्म्म
चुत ने लंड को कसकर पकड़ लिया था. में निमिता के ऊपर सहकर उसे चोदे जा रहा था. अहहह अहहह ाःहाहा। इसी का तो इंतजार कर रहा था. निमिता के चेहरे पे जो चुदाई के वक्त भाव थे वो देखने में मजा आ रहा था. अहहह अहहहह उम्मम्मम्मम।।।
जोर जोर से चुदाई के बाद मे पलटा और निमिता को अपने ऊपर ले लिया, अब निमिता मेरे लंड पे बैठी थी. मेरा लंड चुत में अंदर तक फस गया था. निमिता ने अपनी कमर को हिलाते हुए मेरे लंड को चुत के अंदर बाहर करना शुरू किया, जैसे जैसे वो लंड चोदने लगे, मेरे शरीर की गर्मी आसमान छूने लगी. आह्हः अहहह निमिता अहह उफ्फफ्फ्फ़।
उसके उछलते स्तनों को देखते हुए में लंड पे होने वाला चुत का घिसाव महसूस कर रहा था. अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म। अम्मम्म अम्म्म। उम्मम्मम्मम
उछल उछल के लंड को अंदर ले रही थी. अह्ह्ह उम्म्म्म। अम्म्मम्म। अम्मम्म। . लंड चुत के पानी से गिला हो चूका था.
कुछ देर बाद उसे लंड के ऊपर से हटाया और घोड़ी बना दिया, घोड़ी बनके मेने पहले अपना गिला लंड उससे चटवाया। निमिता ने जबान लंड पे घिसते हुए चिपचिपा पानी चाट लिया। लंड को ठीक से चाटने के बाद, में उसकी गांड की तरफ गया, गांड को दोनों हातो से मसलते हुए उसकी कोमलता को आजमाया, फिर धीरेसे लंड को चुत में डालकर निमिता की कमर को कसकर पकड़ा और चुदाई सुरु की. अह्ह्ह अहहह हां. निमिता अह्ह्ह्ह अहहह।।।।
मेरे लंड में एक अजीब सी कठोरता आ चुकी थी. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह उम्म्म्म। जोर जोर से लंड को चोदते हुए में निमिता का नाम ले रहा था. उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह हहहह। उम्म्म्म अम्म्मम्म आआअह्हह्ह्ह्ह
कुछ देर चुदाई चली, फिर मेरे लंड ने पानी निकलने का इशारा दिया तो मेने लंड को चुत से बाहर खींचा, और निमिता को सीधा सामने बिठाके उसके मुँह में लंड दे दिया। लंड को मुँह में लेकर जैसे ही उसने चूसा मेरे लंड से गरम पानी निकलना सुरु हो गया. अह्ह्ह अहहह। मेरा शरीर झटके देने लगा. अहह अहहह। सारा पानी निमिता पि गयी आआअह्ह्ह। अहह निमिता आह्ह्ह्ह।।।
पानी गिरते ही लंड को उसने ठीक से चाट लिया। फिर हम कुछ देर ऐसे ही नंगे बेड पे पड़े रहे.
उस दिन होटल के रूम में हमने पूरा दिन चुदाई की.
कैसी लगी हमारी कहानी जरूर कमेंट करके बताना
