भारिश की वजेसे आज सुभह बहोत ही अँधेरा था. में सुभह करीब ६ बजे उठ गयी थी. मुझे जल्दी उठाने की आदत थी. सुभह सुभह चाय बनाके पिया करती थी.
आज बारिश होने जैसा माहौल बन ही गया था. हाथ मुँह धोकर मि पास के दूध की डेरी में दूध लेने पोहच गयी. दूध वाले भैया से हर रोज मिलना होता था. आज भी में डेरी में आकर भाई से एक लीटर दूध देने कहा. दूध वाला भैया अंदर से बाहर निकला। कोने में एक छोटासा कमरा दिखाई दे रहा था. वही पे वो बैठा था.
मेरी तरफ आते आते अपनी सफ़ेद रंग की धोती को ठीक करते हुए आगे बढ़ा. ऊपर सफ़ेद रंग की बनियान पहनी थी. जैसे ही भैया बाहर निकला, मेने पैसे दिए. भैया ने दूध भरते हुए कहा, आज बहोत जोर की बारिश होगी लगता है भाभी। मेने भी कहा हां शायद। लग तो रहा है बारिस जैसा माहौल।
हमारी बात चलने लगी. दूध वाला भैया बड़बोला था. हम बात कर ही रहे थे. तभी मेरे पास से एक कुत्ता गुजरा। वो सीधा सामने की और भागा। दुकान से कुछ ही दूर एक कुतिया उसे दिखी तो वो कुत्ता उसको जाकर सुगने लगा.
उसे कटने जाकर पहले तो कुतिया का पिछवाड़ा सुंगा और जैसे ही कुतिया जगे पे रुकी, वो कुत्ता अचानक उसके ऊपर चढ़ गया.
दूध वाला भैया यहासे कुत्ते को देखकर चिल्लाने लगा.
ये क्या कर रहा है. छोड़ उसे… जाने दे….
फिर मेरी तरफ देखते हुए कहने लगा. देखो ना भाभी, अकेली कुतिया को देखकर कैसे उसपर चढ़ गया. कैसा कुत्ता है.
मुझे दूध वाले भैया की बाते सुनकर हसी आ गयी…
दोनों ने कुत्ते की और देखा तो कुत्ता अब उस कुतिया के ऊपर चढ़ गया था और पीछे से कुतिया को चोदने भी लगा था……
दूध वाला भैया फिर से कुत्ते को चोदने लगा. सुभह का वक्त था आस पास भी कोई नहीं था. बारीक़ के दिन थे सुभह में ठंड और अँधेरा भी काफी था.
भैया मेरी तरफ देखता और कुत्ते को आवाज लगता।
फिर भैया मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगा. तब मेरे ध्यान आया के भैया मुझे ऊपर से निचे तक घूरे जा रहा है. मेने मैक्सी पहनी थी. मैक्सी के निचे सिर्फ ब्रा और पैंटी थी. भैया ने मुझे एक लीटर दूध हात में थमाया, और कुत्ते को देखते हुए मुजसे कहने लगा.
इन कुत्ते का तो कोई टाइम नहीं होता। कही पे भी सुरु हो जाते है. और ऐसे कहते हुए अपनी धोती के ऊपर से अपने लंड को सहलाने लगा.
मेरी नजर जब उसके धोती पे पड़ी तब मेने देखा के धोती के निचे कुछ लटक रहा था. में थोड़ी सहम गयी. ये में क्या देख रही हु. इतना बड़ा कैसे हो सकता है दूध वाले भैया का.
उसने जब धोती के ऊपर से लंड को दबाया तब मुझे दिखा के सच में काफी बड़ा है भैया का.
आस पास कोई था भी नहीं तो में डर गयी. मेने तुरंत अपनी दूध की थैली अपने हात में ठीक से पकड़ी और सीधा अपने घरी की और निकल पड़ी. जाते समय कुत्ते को कुतिया से चुदाई करते देखते हुए आगे बढ़ने लगी.
घर आई तो चाय बनाते समय मुझे दूध वाले भैया का वो देखा हुआ लंबा लंड ही याद आ रहा था. मेने इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। अपने पति को भी नहीं।
पूरा दिन में उसी के बारे में सोचती रही. शाम होते होते मेरा मन कहने लगा, एक बार अगर दूध वाले भैया का लंड देखने मिल जाये तो मजा आ जाये।
अचानक से जो दर था, वो उस्सुक्ता में बदल गया.
दूसरे दिन हर दिन की तरह में सुभह दूध लेने निकली। रात भर बारिश चल रही थी. बाहर देखा तो बहोत तेज बारिश चल रही थी. मेने अपना छाता लिया और घर से निकल पड़ी.
दूध वाले भैया के दुकान पे पोहची। भैया मुझे देखकर खुश हुआ. उसके चेहरे पे आज अजीब सी मुस्कान दिख रही थी. शायद उसे पता चल गया के कल जो वो कर रहा था. मुझे पसंद आ गया है.
वो मुझे देखकर मुस्कुराया और बोलै, भाभी देखो आज किती अछि बारिश हो रही है. रात से ऐसे ही बारिश चल रही है. पूरा अँधेरा कर दिया है.
मेने भी दूध वाले भैया से बातचीत सुरु की. वो आगे मुजसे बाते करते हुए कहने लगा. रात को तो बिजलिया कड़क रही थी.
मेने कहा, है मेने भी रात को सुना। बहोत ज्यादा बिजली कड़क रही थी.
फिर बातो बातो में भैया ने कहा, भाभी इधर अंदर आकर खड़े हो जाओ. बाहर बारिश बहोत है ना.
तो मुझे लगा सही कह रहा है. मेने आस पास देखा, पानी भर रहा था. अँधेरा भी काफी था. बारिश होने की वजसे ज्यादा कोई दिखाई भी नहीं दे रहा था.
में दुकान के अंदर आई और कोने में दरवाजे के पास खड़ी हो गयी.
तभी भैया आगे आया और दरवाजे आधा बंद करने लगा. कहने लगा, अब आपको पानी नहीं लगेगा। दरवाजा बंद करते समय वो मेरे काफी करीब आ गया था.
जैसे ही उसने दरवाजा बंद किया और वो मुड़कर जाने लगा, उसका हात मेरे शरीर से छू गया. उसका कन्धा मेरे स्तनों को रगड़ा।
में थोड़ी सहम गयी.
भैया कोने में खड़े होकर दूध भरने लगा. मुझे कहने लगा, भाभी धोड़ी देर रुकाये, ये अभी दूध आया है उसे में अंदर रख दू. और वो काम करने लगा.
मेने कहा ठीक है भैया। कर लो.
बाहर हो रही तेज बारिश। अँधेरा छाया हुआ और में दुकान के अंदर दरवाजे के पीछे खड़ी. मुझे कोई बाहर से देख नहीं सकता था.
कुछ देर बाद, अंदर से भैया ने मुझे आवाज लगाई।
कहने लगा, भाभी वो सामने रखा पतीला मुझे देना ना.
मेरे सामने टेबल पे एक पतीला रखा था. मेने वो उठाया, अंदर की तरफ देखा तो दूध वाला भैया में एक बड़ा सा दूध का डिब्बा था. उसने मुझे कहा.
है भाभी वही पतीला जरा यहाँ लाकर रखना ना.
मेने पतीला उठाया और अंदर के कमरे में चली आयी, कमरा काफी छोटा था.
अंधेर आते ही, भैया ने कहा बस यहाँ रखकर पकड़े रहना। में पतीला टेबल पे रखकर खड़ी थी. भैया छोटीसी जगह में मेरे आस पास घूमने लगा.
उसका शरीर मेरे शरीर से रगड़ रहा था.
फिर भैया मेरे पीछे खड़े होकर हात में पकड़ा डिब्बा पास की टंकी में खाली करने लगा.
उसने पूरा डिब्बा खली किया। मेरी पीठ उसके तरफ थी.
अचानक, दूध वाले भैया ने मुझे कसकर पीछे से पकड़ लिया। में चौक गयी. ये क्या कर रहे हो भैया।।
दूध वाले भैया ने मुझे कसकर पीछे से पकड़ा और मेरे मम्मो को जोर जोर से दबाने लगा. में चौक गयी. आह्हः भैया क्या कर रहे हो… छोड़ो मुझे।
भैया ने कसकर मेरे मम्मो को दबाना सुरु किया। उसके बड़े बड़े पंजे मेरे तरबूजों को कसकर दबा रहे थे. अह्ह्ह अहहह अहहह अह्ह्ह।।।
उसी वक्त मुझे अपनी गांड के कुछ लम्बा सा रगड़ते हुए भी महसूस होने लगा. मुझे ज्यादा देर नहीं लगी ये समझने में के ये लंबासा जो है वो दूध वाले भैया का लैंड है. आह्हः अहह उम्मम्मम्म
मेने मैक्सी पहनी थी. अंदर सिर्फ ब्रा और पैंटी। पतले कपडे की वजसे लंड का स्पर्श अच्छे से महसूस हो रहा था.
में सिसकने लगी. भैया छोड़ो मुझे।।।।
लेकिन भैया माना नहीं और मेरी गर्दन पे चूमने लगा. आह्हः अहहह।। भैया के होठ मेरी गर्दन पे छूते ही, मेरा शरीर कापने लगा. अह्ह्ह्ह अहहह।।।।।
कमरा छोटा होने की वजसे में दूर भी जा नहीं पा रही थी. भैय्या ने उसी का फायदा उठा लिया।
आगे से मेरे मम्मो को दोनों हातो से दबाये जा रहा था, होठ मेरी गर्दन को चुम रहे थे. और पीछे से लंड मेरी गांड पे दबाये रगड़ रहा था.
में मुँह से तो अपने आप को छोड़ने को कह रही थी लेकिन अंदर से एक ख़ुशी भी महसूस होने लगी. शरीर की गर्मी बढ़ने लगी. चुत मेरी खुलने लगी. आह्हः अहह अहह.. अहहह।।।।
फिर भैया ने मेरी गर्दन को चूमते हुए, मुझे अपनी तरफ किया, पास की दीवार को टिकाके मेरे दोनों हात को दीवार पे दबा के मेरे होठो की तरफ बड़ा. में उसे दूर करने की कोशिश कर रही थी. वो मेरे गालो को, गर्दन को चूमने लगा अह्ह्ह अहहह।।।
उसने अपने शरीर को मेरे शरीर पे दबाये रखा था, इस वजसे में हिल भी नहीं पा रही थी. आह्हः अहहह।।।
में छटपटाती हुई दिवस से सटी कड़ी, कुछ कर ही नहीं पा रही थी. उसमे बाहर चली रही बारिश भी तेज हो गयी तो मेरी आवाज उस कमरे से भी बाहर नहीं जा रही थी.
भैया ने मेरे गलो को चूमते हुए अपने होठ मेरे होठो तक पोहचा ही दिए और मुझे चूमने लगा. अह्ह्ह अहहह।। भैया के होठो तो काफी कोमल ते. होठो पे होठ रगड़ने लगे. अह्ह्ह अहह अहह उम्म्म्म अम्म्मम्म।।। चूमते हुए भैया ने अपनी जबान मेरे मुँह में डाल दी, अह्ह्ह। दोनों की जबान एक दूसरे को रगड़ने लगी.
अह्ह्ह अहह हाहहममम उम्मम्मम अह्ह्ह्ह उम्म्म्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़
होठो को पूरा चूमकर जब भैया पीछे हटा, मेरे बाल बिखरे हुए थे. में कुछ सोच ही नहीं पा रही थी. मुझे एक तरह का नशा हो चूका था.
तब भैया ने मेरी मैक्सी उठाइए और मेरे शरीर से अलग कर दी. उस वक्त मुझे ही नहीं पता की मेने ऐसे क्यों करने दिया। जब मैक्सी उतरी और में ब्रा और चड्डी पे भैया के सामने अपने आप को देखने लगी, तब मुझे होश आया के ये क्या हो गया.
में फिर से भैया को दूर करने लगी. अपनी मैक्सी की तरफ बढ़ने लगी, तो भैया ने मुझे कसकर पकड़ा और गले लगाके मुझे चूमने लगा. चूमते हुए मेरी गर्दन को चूमने लगा. चूमते चूमते मम्मो को तरफ बड़ा, मेरे मम्मो का आकर देखकर वो पागल हो गया था. दोनों हातो से दबाते हुए अपनी जीभ को बिच की दरार में रगते हुए भैया ने मेरा ब्रा निचे खींच लिया। में उसे दूर करने में लगी थी लेकिन भैया ने मेरे निप्पल को मुँह में पकड़ लिया और जोर से खींच लिया। आआह्ह हहह हां हहह हॉममममम उफ्फ्फफ्फ्फ़।
जोर जोर से मम्मो को दबाते हुए जैसे उसने मेरी ब्रा निचे जोर से खींची, ब्रा फट गयी और निचे गिर पड़ी.
जैसे ही मेरे मम्मे भैया ने खुले हुए देखे, वो उनपर टूट पड़ा, अह्ह्ह अहहह हाहाहा। मेरे दोनों निप्पल को चूसने लगा. अपने मजबूत हातो से दबाने लगा. अह्ह्ह्ह उम्म्म्म ओफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह।।।पूरा दबाये जा रहा था. आह्ह्ह्हह्ह। ….
मेरे शरीर में तो आग ही लग रही थी. मुँह पे उस्सुक्ता और ख़ुशी दोनों साथ दिखाई पड़ रही थी.
दूध वाले भैया को अपने मम्मो को चूसते हुए देख एक अलग ही मजा आ रहा था. आअह्ह्ह उम्म्म्म।।। आअह्ह्ह। ..
में तो उस दौरान भूल ही गयी के मुझे भैया को दूर करना है.
अपने आपक को होश में लेकर मेने भैया को फिर से दूर किया।
अब भैया पूरा जोश में आ चूका था.. उसने अपनी धोती की तरफ इशारा किया। मेने निचे देखा तो भैया का लंड खड़ा हो चूका था. में डर गयी. धोती का तम्बू हो चूका था.
में भैया को मना करने लगी, तो भैया ने कहा भाभी कुछ नहीं होगा। थोड़ी देर और बस. आपको भी मजा आएगा.
ऐसे कहकर उसने मेरे कंधो पे हात रखा और मुझे निचे बिठा दिया। जैसे ही में निचे बैठी, भैया ने अपनी धोती खोली, धोती जैसे निचे गिरी, भैया का लंबासा लंड मेरे सामने मुँह के सामने आकर खड़ा हुआ.
में भैया के लंड को देखकर चौक गयी. ये क्या हे. आह्ह्ह्ह। में लंड की तरफ देख ही रही थी के, भैया ने कहा, कैसा लगा. दूध पि पि के लंबा किया है.
मुझे नहीं पता था के दूध पि कर लंड बड़ा होता है.
सच कहु तो लम्बा लंड देखकर मेरे मुँह में पानी आने लगा. चुत की बढ़ती गर्मी ने मेरे दमाग को सुन कर दिया। मेरे हात आगे बढे और मेने दूध वाले भैया के लंड को कसकर मुठी में पकड़ा और हिलने लगी. अह्ह्ह्हह्हह। लंड को काफी मजबूत था. अह्ह्ह्ह अहहह।। लंड हिलाते हुए दिमाग में विचार आया, जब ये मेरी चुत में जायेगा, तो कितना मजा आएगा। आह्ह्ह्हह अहह उम्म्म।।।
लम्बा होने की वजसे मेने दोनों हातो से लंड को पकड़ लिया और हिलने लगी. लंड की नोक पे गुलाबी फूल देखकर मेरी आखे खुश हो गयी. मेने अपनी जीभ आगे की और गुलाबी फूल को चाटने लगी.
अह्ह्ह अहहह अहहह अहहह उम्म्म।।। उम्म्म्म आह्ह्हह्ह्ह्ह
लंड को पूरा अंदर मुँह में लिया और चूसने लगी. अह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम्म फ्फ्फफ्फ्फ़
भैया भी सिसकने लगा. आह्हः अहहह अह्ह्ह्हह अहहह।।।।।
मेने जितना अंदर मुँह में लंड को ले सकू इतना अंदर लेकर चूसने लगी. आह्हः अहहह अहह.. मुझे बड़ा लंड बहोत पसंद है. आअह्ह्ह अहह उम्मम्मम्म।।।
मुठी से हिलाते हुए लंड को मुँह में लेकर चूस रही थी. अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।। चूसकर फिर जबान को पुरे लंड पे घिसते हुए चाटने लगी. आअह्ह्ह अहहह अह्ह्ह उम्मम्मम।।।।
भैया के गोटे निचे लटके हुए देखे तो हात में पकड़कर दबाने लगी. आह्ह्ह्ह अम्मम्म आअह्हह्ह्ह्ह
लंड को चाटते हुए गोटो को दबा रही थी. अह्हह्ह्ह्ह। बहोत मजा आ रहा था. चुत ने पानी छोड़ना सुरु किया आअह्ह्ह्ह अहहहह
काफी देर लंड को चूसने के बाद भैया ने वही मुझे निचे सुला दिया, में निचे लेटी तो भैया मेरे पैरो के तरह आकर बैठा, मेरी चड्डी को उतार दी.
जैसे ही में नंगी हुई, में बहोत ही अजीब महसूस कर रही थी. जहा में लेटी थी वह से मुझे बाहर गिरती हुई बारिस दिखाई दे रही थी. अभी भी बाहर तेज बारिश चल रही थी. सुबह होने लगी थी.
निचे की तरफ देखा तो दूध वाला भैया मेरे पैर फैलाके मेरी चुत की तरफ बड़ा और अपना मुँह चुत पे रखकर चाटने लगा। आह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम आअह्ह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़। आअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम। आआआहहहहह
एक तरफ बारिश को देखने का मजा और निचे की तरफ दूध वाला भैया मेरी चुत को चाट रहा है. आअह्ह्ह अहहहह अह्ह्ह। .. आत्मा खुश हो गयी मेरी। आआह्ह्ह्हह
ऐसा आनंद जीवन में कभी नहीं मिला। आअह्ह्ह्ह अहहह
भैया ने अपनी जबान चुत का मुँह खोलकर अंदर डाली और चाटने लगा. अहहू मममम।म चुत से पानी निकलने लगा. आह्ह्ह्हह अहहह उम्
में जमीं पे तड़पने लगी. छटपटाहट की आवाज आने लगी. आह्ह्ह्हह्ह।। भैया ने मेरी जांग कसकर पकड़े रखी थी और चुत में अपन जबान दबाये चाट रहा था.
काफी देर बाद, भैया पीछे हटा, उसने मेरी चुत की तरफ अपना लंड लिया और धीरेसे से मेरी चुत में लंड दबाकर जो उसने चुदाई सूरी की. आह्ह्ह्हह।। भैया का लंड पूरा अंदर तक चला गया. आह्ह्ह्हह हहहहह अह्ह्ह्ह।। पहली बार में अपनी चुत में इतने अंदर तक लंड को महसूस कर रही थी. अह्ह्ह हफ्फ्फ्फ्फ्फ़ आअह्ह्ह
भैया ने चुदाई सुरु की तो चुत में झनझनाहट होने लगी. चुत ख़ुशी से उछलने लगी. आज पहली बार असली लंड मिला है चुदवाने को.
जोर जोर से चुदाई सुरु हुई. अह्ह्ह अह्ह्ह अहहह आ.. उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ भाई मेरे ऊपर लेता और जोर से चुदाई करने लगा. अह्ह्ह अहहह उम्मम्मम आआअह्ह्ह आह्हः उफ्फफ्फ्फ़ आअह्ह्ह्हह
शरीर की गर्मी आसमान चुने लगी. चुत पानी से भर गयी… आह्हः अहहह अहह…
आखिर कर मेरी चुत ने पानी निकाल दिया। अह्ह्ह्हह अहहह उम्मम्मम्मम।।।।
भैया का लंड अभी भी चुदाई किये जा रहा था.
कुछ देर बाद जब भैया ,ने अपने लंड को चुत से बाहर खींचा तब जाकर सास लेने का मौका मिला।
फिर भैया ने मुझे घोड़ी बना दिया। मेरी गांड को देखकर कहने लगा, आअह्ह्ह्ह।। भाभी आपकी गांड तो काफी बड़ी है. आह्ह्ह्ह। .
और गांड को दबाते हुए चुम लिया। फिर अपने लंड को चुत में धकेल के फिर से पीछे से चुदाई सुरु की आह्हः अहहह अहह अहहह ः…..
अब तो जोर जोर से मेरी चुत को मरने लगा. आह्हः अहह उम्म्म्म। अम्म्म। स्स्स्सह्ह्ह्ह
मेरा शरीर आगे पीछे होते हुए झटके खा रहा था. आह्हः। लंड चुत में घिस रहा था और भैया की जांग मेरी गांड पे चपेट मार रही थी. आआह्ह्ह अहहह यह उम्मम्मम आअह्ह्ह्ह हहह
काफी देर बाद जब भैया ने मुझे आवाज दी, भाभी आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह। और चिल्लाते हुए उसने लंड को बाहर खींचा, मुझे अपनी और आने को कहा, में जैसे पलटी, भैया ने अपना लंड मेरे मुँह के तरफ किया ही था के लंड से पानी की जोर से पिचकारी उडी और मेरे मुँह पे फ़ैल गयी, उसके बाद एक के बाद एक पानी की पिचकारी लंड से उड़ने लगी. मेने मुँह खोल दिया तो मेरे मुँह में चली गयी. कुछ मेरे मुँह पे फ़ैल गयी. आअह्ह्ह अहहह।।।।
मेने सोचा नहीं था के इतना पानी किसी के लंड से निकलेगा। में मुँह खोलकर बैठी थी, पानी निकलते ही जा रहा था. पानी मेरे मुँह में भर गया. मुँह में गिरा पानी में पि गयी. लेकिन और भी निकल रहा था. आअह्ह्ह अहहह।।। इतना पानी निकला के मेरे मुँह से बहकर मेरे मम्मो पे पानी फ़ैल गया. आह्ह्ह्ह।।।।
आखिरकार भैया की टंकी ख़तम हुई. लंड शांत होने लगा.
मेरा मुँह तो पूरा लंड के पानी से भर गया था.
मेने भैया को कहा, मुझे मुँह धोने के लिए पानी देदो। तो भैया ने कहा. पानी से क्यों धोती हो. आज दूध से मुँह धो लो.
और उसने पूरा जार भरकर मुझे दूध दिया। मेने कोने में मुँह धोने की जगह थी वहा मुँह धोया। अपने मम्मो को धो लिया।
फिर कपडे पहनें लगी. ब्रा तो फट गयी थी. तो सिर्फ चड्डी और मैक्सी पहनकर मेने अपना दूध लिया। भैया ने जाते जाते मुझे गले लगाया। और बोला आज से तुम्हे मेरी तरह से दूध फ्री में मिलेगा। और कहते हुए उसने मेरे होठ चूमे गले लगाकर मेरी गांड को जोर से दोनों हातो से दबाया। प्यार से मेरी तरफ देखते हुए मुझे जाने को कहा
में भी मुस्कुरायी। और दुकान से बाहर निकल गयी. मेने कभी अपने पति को इस बारे में भनक भी नहीं पड़ने दी.
भैया महीने में ४ से ५ बार चोदता था. २ से ३ बार सिर्फ लंड चूस के उसे कुश करती थी. और २ से ३ बार सर मम्मो को चूसने देती थी.
इस बदले में पूरा महीना एक लीटर दूध भैया से मुफ्त में मिलता था.
कैसी लगी मेरी कहानी मुझे कमेंट करके बताना
