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मेरा नाम मालिनी है. में और मेरे पति हम दोनों एक बड़ी सोसाइटी में रहते है. में हमेशा घरका सामान
मेरा नाम तन्वी है. में २४ साल की हु. मेरे पापा एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिज़नेस करते है. माँ डॉक्टर है. कुछ
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी
हेलो दोस्तों में आज जो आपको अपनी घर की कहानी सुनाने जाने वाली हु वो पूरी तरह सत्य घटना पे
नमिका और में कॉलेज में दोस्त बने. मेरा नाम गिरिजा है. नमिका के पिता नहीं है. वो जब छोटी थी
मेरा नाम रेनू है. में एक गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में पढ़ती हु. कॉलेज की छुट्टियों में घर आयी थी.
मेरा नाम रेनू है. मेरे पति नीरज काफी दिनों से हम बाते कर रहे थे की एक बार बीवियों की
मेरा नाम वैभवी है. मेरी शादी घरवालों ने करवा दी. मेरे पति आदित्य एक प्रायवेट कंपनी में जॉब करते है.
सुभह का वक्त था. माँ मंदिर चली गयी थी. पापा शहर से बाहर थे. में सुभह के करीब ७ बजे
हेलो दोस्तों, मेरा नाम जोति है, में एक एअरहोस्टेस हु इंडिगो फ्लाइट में. मेरी उम्र २२ साल है. आज जो
कैसे हो दोस्तों. मेरा नाम अदिति है. कुछी महीनो पहले मेरी शादी अशोक से हुई थी. अशोक एक गवर्नमेंट जॉब
सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश
मेरा नाम श्याम है में कॉलेज में पढता हु. कुछ ही महीनो पहले हमारी फॅमिली अल्ल्हाबाद आ गयी थी. पापा
सतीश के साथ काफी दिनों से व्हाट्सप्प पे बात चल रही थी. कॉलेज के वक्त उसने मुझे पटा लिया था.
सुबह का वक्त था मेने नाहा लिया और कॉलेज जाने के लिए निकल रहा था. अपनी बैग उठाई और सारी
सुभह का वक्त था. मेरे पति नहाकर निकले और कमरे में आये. उन्होंने टावल पहना था. में बेड की चद्दर
२० साल का हो गया हु. जब से लंड खड़ा हो गया है, रातको हिलाये बिना नींद ही नहीं आती.
भारिश की वजेसे आज सुभह बहोत ही अँधेरा था. में सुभह करीब ६ बजे उठ गयी थी. मुझे जल्दी उठाने
मेरी बीवी अपनी कपड़ो की दुकान चलाती थी. तो हमने सोचा घरके काम में हात बटाने के लिए हम एक
शीतल दीदी के घर आज में रहने आयी थी. शीतल दीदी मेरी मौसी की बेटी है. दोनों पति पत्नी बड़े