२० साल का हो गया हु. जब से लंड खड़ा हो गया है, रातको हिलाये बिना नींद ही नहीं आती. आज भी सुभह से लंड
नम्रता और मेरे बिच हमेशा ही एक दोस्ती का नाता रहा है. शादी के बाद हमने अपने खुले विचारोंका पूरा उपयोग किया और करते आ
सुभह का वक्त था. माँ मंदिर चली गयी थी. पापा शहर से बाहर थे. में सुभह के करीब ७ बजे उठी. नहाने जा रही थी,
मेरा नाम रेनू है. में एक गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में पढ़ती हु. कॉलेज की छुट्टियों में घर आयी थी. गर्ल्स कॉलेज में सभी लड़कियों
में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम निमिता है. में और निमिता
मेरा नाम चारुलता है. में अच्छा जीवन कैसे जीना है इस विषय पे लोगो को सलाह देती हु. कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे
बहोत दिनों बाद मेरे मौसी का लड़का हमारे घर आया था. उसका नाम अनुज है. अनुज के साथ मेरी अछि बनती थी. सुभह सुभह वो
सुभह का वक्त था. मेरे पति नहाकर निकले और कमरे में आये. उन्होंने टावल पहना था. में बेड की चद्दर ठीक कर रही थी. अचानक
सुभह का वक्त था. करीब ८ बजे थे. मेरे पति नहाकर आये और नास्ता करने बैठ गए. आज मेरे एक कॉलेज के दोस्त के साथ
एक छोटे से गांव में मंदिर को सम्भालनेका काम गांव का एक पंडित किया करता था. गांव में ज्यादातर बुजुर्ग लोग थे. जवान सारे काम
पार्ट २ के बाद से हर दिन ऑफिस में उसकी एक झलक भी मुझे पागल कर देती थी। वो जानबूझकर टाइट ब्लाउज पहनती, स्कर्ट थोड़ी
उस पहली रात के बाद से हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। रुचिका अब मेरी लाइफ का सबसे बड़ा एडिक्शन बन चुकी थी। ऑफिस में
शामको में जिम से आया, लिफ्ट के लिए रुका था, तभी हमारे बिल्डिंग के ७वी मंजिल पे रहने वाले अंकल अपनी बीवी राधिका के साथ
सुभह का वक्त था. नहाकर निकली और कपडे पहनके ऑफिस के लिए निकल रही थी. कमरे से बाहर आई तो माँ ने आवाज लगायी, कियारा
नमस्कार दोस्तों, मैं शुभम हूँ, उम्र २४ साल। अहिल्यानगर में रहता हूँ और एक प्राइवेट आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर जॉब करता
