मौसी के बेटे की गांड मारी – Gay erotic stories
सुभह जब में उठा, निचे काफी शोर गुल चल रहा था. उठकर आया आया और झांककर देखा तो मौसी और उसका बेटा घर आये थे. ये मेरी दूर की मौसी थी. बहोत दिनों बाद गांव…
सुभह जब में उठा, निचे काफी शोर गुल चल रहा था. उठकर आया आया और झांककर देखा तो मौसी और उसका बेटा घर आये थे. ये मेरी दूर की मौसी थी. बहोत दिनों बाद गांव…
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी थी. कॉलेज की भी छुट्टिया चल रही थी तो और बहोत सालो बाद गांव जाने…
मेरा नाम अली है. बचपन से घर में गरीबी होने की वजसे ठीक से परवरिश हो नहीं पायी. पापा टैक्सी चलाते है. माँ बचमन में ही गुजर गयी थी. मेरी बड़ी दीदी सलमा हम दोनों…
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया था. पैंट में हात डालकर लौड़े को थोड़ा मसला और ठीक से अंदर बिठाया. फिर…
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी ने आकर मुझे गले लगा लिया. कसकर गले लगाकर बोली. कैसा है मेरा जानू। मुझे…
कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे हॉस्टल के फ्रेंड मनीष से मेरी फोन पे बात चल रही थी. मनीष इंजीनियर बन गया था. मेने इंजीनियरिंग के बाद मॉडलिंग सुरु की. अभी भी काम ज्यादा…
मेरा नाम सुनीता है. में २१ साल की हु. शहर से काफी दूर एक गांव में रहते है. मेरे पापा एक ट्रक ड्राइवर है. ज्यादातर वो बाहर ही रहते है. लेकिन जब भी घर आते…
मेरा नाम नमिका है. में दिल्ली की एक कंपनी की मालकिन हु. पापा का बिज़नेस था जो अभी में चलाती हु. पापा अब अमेरिका में अपना बिज़नेस करते है. मेरा एक ही साल में डिवोर्स…
मेरा नाम युसूफ है. में स्कूल में पढता हु. ये मेरे बचपन की कहानी है. अब्बू ने दो शादिया की थी. मेरी अम्मी पहली बीवी थी. दूसरी बीवी गांव में रहती थी. अब्बू कभी कभी…
ये कहानी मेरी गर्लफ्रेंड पूजा की है. पूजा का फिगर ३२ २७ ३२ हे. हम कॉलेज में साथ में पढ़ते थे. कॉलेज में ही हमारा प्यार सुरु हुआ था. मेरा एक दोस्त अमर और पूजा…
कुछ दिनों पहले की बात है. एक १२ मंजिला ईमारत में फ्लैट खरीदने गए थे. मेरे पति को फ्लैट बहोत ही पसंद आया था. घर ८ वे मंजिल पर था और घर से बाहर का…
मेरा नाम मीरा है. जबसे मेरे स्तनों का आकर बढ़ा है, बार बार मेरा मन स्तनों को दबानेका करता रहता है. कॉलेज में भी सारे लड़के सिर्फ घूरते ही रहते है. सोचती हु कोई तो…
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के माँ दुपहर को बाहर चली जाती थी. और शामको ५ बजे घर आती थी. हफ्ते…
मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह का वक्त था. में दोस्तों के साथ खेलकर करीब ११ बजे घर पोहचा. घर के…
में अपनी यूपीएसी की तैयारी कर रहा था. मेरा नाम युग है. परिवार के साथ हरियाणा में रहता हु. कुछ दिनों पहले ही मुझे अपने कॉलेज से पता चला की मेरी जो टेस्ट होने वाली…
