Home » बीवी निकली छिनाल

बीवी निकली छिनाल

शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर ली थी. कुछ देर बाद मेरा जिगरी दोस्त अनुपम घर आया. अनुपम से मेरी स्कुल के जमानेसे से दोस्ती थी। उसे मेने अपने कमरे में बुलाया और हम अंदर ही पिने बैठे। हमारी बाते सुरु हुई. टीवी सामने चल रहा था. देखते ही देखते  मेने इतनी पि ली के मुझे चढ़ने लगी. मेरा होश खोने लगा.

तभी मेरी बीवी सुनंदा पानी की बोतल लेकर अंदर कमरे में आई. आकर मुझे पूछने लगी कब खाना खाएंगे। मेरा होश काम हो चूका था. आँखे बंद हो रही थी. मेने कहा अभी देर है. थोड़ी देर बाद में तुम्हे बताता हु.

हमारी बाते चल ही रही थी के मेने देखा मेरा दोस्त अनुपम मेरी बीवी को टकटकी लगाकर देख रहा है. उसकी आँखे सुनंदा के शरीर को ऊपर से निचे टटोल रही थी. सुनंदा ने साडी पहनी थी. कोने से उसका ब्लाउज़ दिख रहा था. अनुपम बड़ी तीखी नजरो से उसके स्तनों को घूर रहा था.

जब सुनंदा मेरी तरफ मुड़कर मुजसे बात कर रही थी तो मेने देखा अनुपम सुनन्द की गांड को देख रहा है. उसकी नजरे सुनन्द की गांड से हट ही नहीं रही थी.

हमारी बात ख़तम हुई और सुनंदा टेबल पर रखी खाली बोतले और गिलास उठाने झुकी, जैसे वो झुककर सबकुछ समेट रही थी तब मेने देखा सुनन्द भी अनुपम की तरफ देखे जा रही थी. दोनों की आखो ही आखो में बाते चलने लगी. दोनों भी मुस्कुरा रहे थे.

मुझे कुछ शक हुआ. जैसे ही सुनंदा कमरे से बाहर गयी. हम फिर से पिने लगे. मुझे लगा कुछ तो गड़बड़ है. मेने पिने का नाटक किया। और ऐसे जताया के मुझे बहोत ज्यादा हो गयी है.

अनुपम मुझे और पिने के लिए कह रहा था. मेने अनुपम को कहा अब मुझे होश नहीं रहा में सो रहा हु. और जैसे तैसे उठकर में पास के मेरे बेड पे सो गया.

अनुपम ने मुझे गहरी नींद में देखा। वो उठा और उठकर उसने कमरे की लाइट बंद की.

उसने धीरेसे दरवाजा खींचकर बंद कर दिया।

अनुपम जैसे ही कमरे से बाहर निकला में उठकर खड़ा हो गया. मुझे शक था के अनुपम और सुनंदा के बिच कुछ चल रहा है. मेने जैसे ही कमरे का दरवाजा धीरेसे खोला और बाहर देखा तो मेरी आँखे खुली की खुली ही रह गयी.

सामने अनुपम ने सुनंदा के दोनों हात पकड़े थे और दोनों एक दूसरे की और देख रहे थे.

सुनंदा ने अनुपम से पूछा मेरे पति उठ जायेंगे। तुम चले जायो घर. तो अनुपम ने कहा, मेने उसे बहोत पीला दिया है. अभी वो सीधा सुभह ही उठेगा।

ऐसे कहते हुए अनुपम ने सुनंदा को अपने करीब खींचा और गले लगा लिया। दोनों ने एक दूसरे को कसकर गले लगाया।

अह्ह्ह। . ये क्या हो रहा है. मेरा जिगरी दोस्त और मेरी बीवी दोनों एक दूसरे को गले लगा रहे है।  अह्ह्ह। .. कुछ अजीब सा मुझे महसूस होने लगा.

अनुपम ने सुनंदा की गर्दन चूमना सुरु किया। सुनंदा सिसकने लगी. अह्ह्ह अह्ह्ह। चूमते चूमते अनुपम के होठ सुनंदा के होठो पे पोहच गए. दोनों  ने एक नजर एक दूसरे को देखा और होठो को चूमने लगे. आह्हः अह्ह्ह उम्मम्मम।।।।

दोनों के इतने प्यार से चूमते हुए देख मेरा शरीर गरम होने लगा. सुनंदा ऐसे अनुपम को चुम रही थी जैसे वो उसका आशिक हो. एक दूसरे के बदन पे हात रगड़ते हुए प्यारे से चूमे जा रहे थे.

चूमते हुए अनुपम  सुनंदा के बड़े बड़े स्तनों को दबा दिया। आह्हः अहह अपने ही दोस्त को अपनी बीवी के स्तनों को दबाते हुए देख मेरे मस्तक की नस तपने लगी. अह्ह्ह हहह. अनुपम सुनंदा के स्तनों को दनो हातो से दबाते हुए उसे चुम रहा था.  सुनंदा का तड़पता हुआ शरीर देख मेरे अंग अंग में बिजली बहने लगी.

अनुपम ने चूमते हुए सुनंदा की साड़ी उतरना सुरु किया। पहले उसका पल्लू निचे गिरा। पल्लू को पकड़ते हुए साडी को कमरे से खोल दिया। जैसे ही साडी निकली। सुनंदा ब्लाउज़ और निचे निकर पे खड़ी थी. सुनंदा ने भी अनुपम का टीशर्ट उतार दिया।

अनुपम की पेंट खोल दी और अनुपम ने पेंट निकालकर पास में रख दी. दोनों ने एक दूसरे की तरफ हवस भरी नजरो से देखा और एक दूसरे को गले लगा लिया। अह्ह्ह आह्ह्ह्ह। . अनुपम का खड़ा लंड उसकी अंडरवेर के ऊपर से स्पस्ट दिख रहा था. अंडरवेर का उठाव सुनंदा की चुत पे रगड़ते हुए देख में पानी पानी हो गया. अह्ह्ह अहहह। उफ्फफ्फ्फ़

दोनों ने एक दूसरे को देखा और अनुपम ने सुनंदा का ब्लाउज़ निकाल के फेक दिया। अंदर का ब्रा दिखने लगा तो अनुपम उसपर से स्तनों को चूमने लगा. सुनंदा ने भी प्यार से अनुपम को अपने स्तनों के बिच उसका मुँह दबाया और सिसकते हुए आनंद लेने लगी. आह्हः अहहह। सुनंदा के चेहरे पे जो ख़ुशी दिख रही थी. देखकर ही पता चल रहा था के उसे भी यही चाहिए था. उफ्फ्फ्फ़ आअह्ह्ह्ह

अनुपम ने सुनंदा के दोनों निप्पल चूसते हुए स्तनों को अपने पंजे से कसकर पकड़कर दबाया। उसके निप्पल को चूसते हुए देख मुजसे रहा नहीं गया. मेने अपने कपडे उतरना सुरु किया। अह्ह्ह क्या चूस रहा था. अह्ह्ह। ….

वहा अनुपम ने सुनंदा के स्तनों को अचे से चूसकर ख़तम किया, यहाँ में अपने पुरे कपडे उतार के नंगा होकर अपने लंड को हात से सहलाने लगा. दोनों गोटो को पकड़के दबाने लगा.

अनुपम जैसे पीछे हटा, सुनंदा ने फिर से उसे गले लगाकर चुम लिया। सुनंदा की बढ़ी हुई हवस देख में चौक गया. इतनी भरी पड़ी थी दूसरे मर्द से चुदवाने के लिए मुझे पता नहीं था.

अनुपम के होठो को चूमते हुए निचे जाने लगी. उसके निप्पल को चूमते हुए निचे बैठी और जैसे ही अनुपम की अंडरवेर उसने उतरी। अंदर से जो उसका लंबासा लंड उछल कर बाहर निकला। सुनंदा देखकर ही खुश हो गयी.

सुनंदा ने तुरंत अनुपमा का लंबा लंड मुठी में पकड़ा और सीधा मुँह में लेकर चूसने लगी. अह्ह्ह अहहह। सुनंदा अह्ह्ह्ह। कैसे चूस रही है लंड मेरे दोस्त का.

सुनंदा छिनाल की तरह लंड चूस रही थी. उसकी मदहोशी देख मेने अपना लंड मुठी में जकड के जोर जोर से हिलाना सुरु किया। अह्ह्ह अहाः सुनंदा अहह हहह ओफ्फफ्फ्फ़ उफ्फ्फफ्फ्फ़

सुनंदा ने पूरा लंड ऐसे मुँह में लिया था जैसे, लॉलीपॉप खा रही हो. अनुपम का मुँह ऐसे खुला था जैसे उसे अपने जीवन का सबसे अच्छा अनुभव मिल रहा है. आह्हः की आवाज मेरे कानो में गूंज रही थी. कमीना मेरा दोस्त ही मेरी बीवी के मुँह में लंड देके खड़ा है. अह्ह्ह हह..

सुनंदा ने अनुपम का पूरा लंड चूस लिया। फिर जैसे ही वो पीछे हटी, अनुपम ने उसे निचे ही जमीं पे सुला दिया। सुनंदा के दोनों पैर फैलाये और उसकी चुत को चाटने लगा. आअह्ह्ह। सुनंदा जमीं पे मछली की तरह तड़पने लगी. आह्ह्ह्ह। अनुपम अपनी एक ऊँगली चुत में अंदर डालते हुए उसकी चुत को चाटे जा रहा था. अह्ह्ह उम्मम्मम। अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह उम्म्म दोनों की ख़ुशी अब सातवे आसमान पे थी. आह्हः अहहह। सुनन्दा अपने पुरे पैर फैलाकर अनुपम को अंदर तक आने दे रही थी.

काफी देर अनुपम ने सुनंदा की चुत चाटी फिर अपना लंड आगे लिया और दोनों पैरो के बिच बैठे लंड को धीरेसे चुत के अंदर धकेला। अंदर लंड को जाते हुए देख मेरी सासे थंब गयी थी. मेरी आखो के सामने जो हो रहा है, वो देखकर ही मुझे भरोसा नहीं हो रहा था. मेरे दोस्त का लंड मेरी बीवी के चुत के अंदर. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह। मेरा शरीर भट्टी की तरह तप गया.

अनुपम का लंड धीरे धीरे पूरा अंदर चुत में चला गया. फिर वो सुनंदा के ऊपर लेटा और चुदाई सुरु हुई. अह्ह्ह्हह अहहह। मेरी आखो के सामने ही अनुपम का लंड मेरी बीवी की चुत चोदने लगा. अहहह अहहह हां क्या नजारा था. मेने अपना लंड पकड़के जोर जोर से हिलना सुरु किया। अह्ह्ह अहहह उफ्फफ्फ्फ़

बहोत जोर जोर से सुनंदा को चोद रहा था. अहह अह्ह्ह अहह की आवाज पुरे कमरे में गूंज रही थी. आह्हः

चुदाई कुछ देर बाद रुकी। फिर अनुपम ने सुनंदा को अपने लंड पर बिठाया। सुनंदा भी ख़ुशी ख़ुशी लंड को चुत में लेकर उसपर बैठी और उछलने लगी. अह्ह्ह अहहह। यहाँ से मुझे चुत के अंदर लंड जाते हुए साफ़ साफ दिख रहा था. अह्ह्ह अहह उफ्फ्फ्फ़. सुनंदा अपने बालो को लहराते हुए अपने स्तनों को दोनों हातो से दबाते हुए चुदाई का पूरा आनंद ले रही थी. अह्ह्ह अहह उम्म्म्म अह्ह्ह्ह

ऊपर से चुदाई का आनंद लेकर सुनंदा उठी और सीधा जाकर अनुपम के मुँह पे बैठी। अपनी चुत अनुपम के मुँह में देकर उसे चटवाने लगी. आह्हः अह्ह्ह सुनंदा का खेल देखकर तो में चौक गया. इतने मजे लेकर तो सुनंदा मेरे से कभी चुदवाई नहीं थी. अनुपम ने चुत को अपने मुँह में लिया और जबान से चुत को चाटने लगा. चुत से टपकता हुआ पानी अनुपम निगल रहा था. आह्हः अह्ह्ह। सुनंदा अपनी गांड हिलाते हुए चुत को अनुपम के मुँह में घिस रही थी. अह्ह्ह अहह यह उम्म्म्म आह्हः अहहह।।।।।

चुत चटाई के बाद अनुपम खड़ा हुआ. उसने वही सुनंदा को घोड़ी बनाया। उसकी गांड की तरफ आकर गांड को चूमने लगा. सुनंदा की बड़ी गोरी गांड देखकर वो भी खुश हो गया था. सुनंदा को कहने लगा. क्या गांड है तेरी सुनंदा और चाटने लगा. अह्ह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम्म

गांड को चाटने के बाद अनुपम ने अपना लंड आगे लिया। घुटनो पे बैठा और धीरेसे पीछे से चुत में लंड को धकेल ने लगा. आह्ह्ह्ह फिर से मेरी बीवी के चुत में लंड को जाते हुए देख में यहाँ तड़पने लगा. मेरा लंड उछलने लगा.अह्ह्ह अहह साली रंडी आह्ह्ह्ह। . में अपने लंड को जोर जोर हिलने लगा. अहहह अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़। आह्हः

वहा अनुपम जोर जोर धक्के देते हुए सुनंदा को चोद रहा था. सुनंदा की गूंजती आवाज अहह अह्ह्ह अहहह अहहह अह्ह्ह .. अनुपम अहह अहहह उफ्फ्फ्फ़आह्हः अहह फक आह हहहह

कुछ देर बाद सुनंदा ने गहरी सास ली और वो झड़ गयी. अनुपम लगा रहा. उसका लंड अभी भी चुत में अंदर बाहर हो रहा था. अहह अहहह। . सुनंदा की कमर को कसकर पकडे लंड को चुत में डालते हुए काफी देर चुदाई चली फिर अनुपम की झड़ने की बारी आयी तो उसने अपना लंड बाहर खींचा और सारा पानी सुनंदा के मुँह में दे दिया। अह्ह्ह सुनंदा ने भी बड़े प्यार से लंड को मुँह में लिया और चूसते हुए सारा पानी पि गयी. हात में लंड को पकड़े रगड़ते हुए अपने मुँह में लंड को दबा रही थी. उसे देखाक्ति हुए मेने बह अपना पानी निकाल दिया। आह्ह्ह्ह।।। कमरे के दरवाजे पे सारा पानी उड़ा

पूरा पानी निकलने तक लंड सुनंदा के मुँह में ही रहा फिर जब मुँह से निकला तो अनुपम का लंड छोटा हो चूका था. दोनों ने एक दूसरे की और देखा। खड़े होकर एक दूसरे को कसकर गले लगाया। फिर चूमकर अपने अपने कपडे पहने लगे.

अनुपम फिर घर से निकल गया. इसके पहले के सुनंदा कमरे में आये में जाकर पलंग पे सो गया.

उस दिन मुझे पता चला की सुनंदा अनुपम से चुदवाती है. और ये चुदाई काफी दिनों से चली आ रही है. इसलिए इतनी आसानीसे सुनंदा ने अनुपम को रात को चुदाई के लिए हां कर दी.

तुम्हारा क्या ख्याल हे इस कथा को पढ़ने के बाद मुझे कमेंट करके जरूर बताना

0
0

Related Posts

Leave a Reply