ब्रेकअप के बाद मिली दोस्त की चुत

दो दिन पहले की बात है. संजना ने मुझे फोन किया और मिलने बुलाया। संजना और में कॉलेज के दोस्त है. कॉलेज के बाद दोनों अछि कंपनी में जॉब पे लगे है. दोनों का भी करियर अच्छा चल रहा था. बिच बिच में फोन पे बाते भी होती थी.

आज जब फोन आया, तो उसने बताया के उसके बॉयफ्रेंड से उसका झगड़ा हो गया है तो अब ब्रेकउप कर लिया है. वो काफी रो रही थी. तो संजना ने खुद कहा के मिलते है और थोड़ा वक्त सात में बिताते है तो उसे अच्छा लगेगा।

जैसे बात होइ थी, मेने एक अचे रेस्टुरेंट में उसे मिलने बुलाया, हम मिले, हमारी बाते चलने लगी. बैठने के लिए कोने का टेबल मिला था, जहा आस पास कोई नहीं था. शांति से बैठे हमने बाते की, थोड़ा खाना खाया। उसने जो हुआ उसके बारेमे मुझे बताया।

अचानक संजना ने मेरे हात पे हात रखा और मुझे कहने लगी. तुम्ही मेरे सच्चे दोस्त हो. जब भी में परेशानी में होती हु, पहले मुझे तुम्हारी ही याद आती है.

मेने भी बड़े प्यार से संजना के कोमल हातों को सहलाना सुरु किया। दोनों एक दूसरे की आखो में देखते हुए बाते कर रहे थे. कुछ देर तक तो में संजना को अपनी दोस्त समझते हुए उसे शांत करने की कोशिश कर रहा था. लेकिन संजना के कोमल हात को रगड़ते हुए जब उसकी तरफ देख रहा था, मेरी नजर बार बार उसके बड़े मम्मो को तरफ जा रही थी.

संजना ने एक सफ़ेद रंग का टॉप पहना था जिसमे उसके मम्मो का आकर काफी बड़ा लग रहा था. मेरे मन में ये बात घूमने लगी, मम्मो को दबाने में कितना मजा आएगा।

अह्ह्ह।। उसकी तरफ देखते हुए मेरी धड़कने बढ़नी लगी. निचे पैंट में लंड खड़ा होने लगा. संजना बाते किये जा रही थी, लेकिन उसकी बातो के सिर्फ कुछ शब्द ही मेरे कानो तक पोहच रहे थे.

संजना को देखने में इतना बह गया के मेरे हातो ने गन्दी हरकते करना सुरु किया। मेने संजना के हात को कसकर पकड़ा, संजना ने भी वो देखा। में उसके हात पे अपना हात रगड़ने लगा.

संजना थोड़ी मुस्कुराई। उसने अपना हात पीछे खींच लिया।

शायद मेरी आखो में संजना ने मेरी भावनाओ को पहचान लिया। मुझे शर्म आने लगी, मेने उसे सॉरी कहा.

मुझे लगा मेने कुछ लगत किया है. लेकिन मेरा सॉरी सुनकर संजना फिर से मुस्कुराई।

हम खाना खाने लगे. बाते चल रही थी. रभी संजना ने अपने पैर मेरे पैर पर रगड़े। मेने संजना की तरफ देखा वो शर्मा रही थी.

हमारे पैर एक दूसरे से लढने लगे.

यहाँ तक तो ठीक था. लेकिन उसके बाद जो संजना ने किया उससे में दंग रह गया, सनजना का पैर को रगड़ते हुए ऊपर आने लगा. संजाने अपने पैर को धीरे धीरे ऊपर सरकाया। मेरे दोनों पैरो के बिच घिसते हुए अपने पैर को वो सीधा मेरे लंड तक ले आयी.

ऊपर आते आते संजना की पैर की उंगलिया मेरे जांग तक पोहची। अब कुछ ही दुरु पे मेरा लंड था. वो वही पे रुकी और धीरे धीरे अपने पैर को मेरे मेरी जांग पे एकदम लंड के पास घिसने लगी. आह्हः। आह.. मेरे चेहरे पे एक अजीब सी हड़बड़ाहट थी. मुझे समज नहीं आ रहा था के क्या हो रहा है.

सामने बैठी संजना खाना खाने का नाटक कर रही थी. और टेबल के निचे उसके पैर का अंगूठा मेरे लंड के पास घिस रहा था.

मेरे लंड ने तो सलामी दे दी थी. तनकर खड़ा था. में सोच रहा था के अब घिस ही दे लंड पे अपना पैर

लेकिन अभी वेटर आया. तो संजना ने अपना पैर पीछे ले लिया।

मेने उसे बिल लाने कहा. मेने बिल भर दिया और फिर वह से चल पड़े.

रेस्टुरेंट से निकलते समय संजना और भी खुल गयी थी. उसने मेरा हात प्यार से पकड़ा जैसे में उसका बॉयफ्रेंड ही हु. काफी करीब आ गयी थी.

मुझे उसके कोमल बदन का स्पर्श होते ही मन में भावना बढ़ने लगी.

हम बाहर निकले तो संजना कहने लगी, कही जाते हे. तो मेने पूछा कहा चले.

तो संजना कहने लगी. कही अकेले में जाकर बाते करते है. जहा कोई हमें डिस्टर्ब ना करे.

मेरे मन में तो एक ही जगह दिख रही थी और वो थी होटल का रूम. लेकिन सीधा कैसे संजना को होटल रूम में जाने के लिए पूछे।

तो मेने कहा तुम्हारे आज कितना वक्त है. वो संजना कहने लगे. वक्त ही वक्त है. शाम को अभी घर जाउंगी। घरपे माँ को कहकर आई हु.

तो मेने कहा, पास में एक स्विमिंग पूल वाला होटल है. वही जाकर बैठते है. तुम कहो तो वहा कमरा बुक कर लेता हु.

संजना मुस्कुराई। उसकी मुस्करात में कुछ अजीब बात थी. लेकिन फिर उसने कहा. है ठीक है.

उसके हां कहते ही मेने अपनी गाडी सीधा होटल की तरफ घुमाई। जाते जाते रूम भी बुक कर लिया।

कुछ ही देर में हम पोहचे।

अंदर आये. काफी बड़ा होटल था. सामने ही स्विमिंग पूल था. मेने होटल के रिसेप्शन से चाबी ली.

हमारा कमरा ऊपर चौथे माले पे था.

हम कमरे में अंदर आये. मेने दरवाजा ठीक से बंद किया। संजना बड़ी आराम से कमरे के अंदर चल रही थी. अपनी बैग राखी और सामने के परदे को हटके देखा तो वहा से निचे का बड़ा स्विमिंग पूल का नजारा था. सामने बड़े गार्डन का नजारा और दूर हाइवे दिख रहा था.

संजना बहोत खुश हुई. मेने पूछा कैसे लगा.

बहोत सुन्दर है. थैंक यू तुषार।

थैंक यू कहते हुए संजना ने मुझे कसकर गले लगाया।

अह्ह्ह। उसके बड़े मम्मो का स्पर्श छाती पे होते ही में तड़पने लगा. मेने भी उसकी पीठ पे हात रखा और कसकर उसे गले लगाया। उसके कोमल बदन को छूते ही मेरे तन मन में आग लग गयी.

मुजसे रहा नहीं गया और मेरे हात संजना की पीठ को सहलाने लगे. संजना भी मुझे कसकर पकड़े नजदीक लेने लगी. दोनों को भी कुछ होने लगा.

जैसे ही मेने अपना हात निचे सरकाया और उसकी गांड की तरफ जाने लगा. संजना ने अपने होठ मेरे होठो के पास लाये और हमने एक दूसरे को चुम लिया। आह्हः अहह.
दोनों एक दूसरे को कसकर पकड़े चूमने लगे. चूमते चूमते मेरे हात संजना की फूली हुई बड़ी गांड पे पोहच गए और अपने दोनों हातो के पंजो को खोलकर मेने कसकर संजना की गांड दबायी। आअह्ह्ह्ह। क्या गांड थी संजना की.

मेने जैसे ही संजना की गांड दबाई, संजना उत्तेजित हो उठी. दोनों ने कसकर एक दूसरे के होठो को चूमना सुरु किया। जबान से जबान लढने लगी. संजना भी भरी बैठी थी.

दोनों भी एक दूसरे के शरीर को रगड़ने लगे. संजना अपने हात मेरी पीठ पे रगड़ने लगे.

एक दूसरे को किस करने में हम इतने खो गए थे के ये भी नहीं देखा के खिड़की से परदा हटा हुआ है. दूर से कोई हमें देख सकता है.

कुछ देर बाद संजना ने अपने होठ पीछे किये। मेने दूर होकर खिड़की पे परदा डाल दिया।

जैसे वापस संजना की और मुड़ा दोनों एक दूसरे को हवस भरी नजरोसे देख रहे थे.

संजना मुझे आखो ही आखो में इशारे देकर अपने पास बुला रही थी. में धीरेसे नजदीक गया, मेरी नज़ारे संजना के बड़े मम्मो पे थी. पास जाकर सीधा उसके दोनों मम्मो को मेने दबाया और अपना मुँह उसकी गर्दन पे रखकर चूमने लगा.

संजना तिलमिलाने लगी क्यूंकि काफी जोर से मेने उसके दोनों दूध दबा दिए. इतने बढे मम्मो को हातो में लेकर बड़ा मजा आ रहा था. उसकी गर्दन चूमते हुए उसके मम्मो को दबा रहा था. अह्ह्ह उम्म्म अह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़।। दोस्ती करने का आज सही फायदा हुआ है. अह्ह्ह अहहह उम्म्म।।

में दबाने ने मग्न था तभी संजना ने अपना टॉप ऊपर खींचा और उतार के पास में रख दिया।

संजना की काले रंग की ब्रा इतनी छोटी थी के उसके मम्मो को उसमे सामने की जगह नहीं थी. संजना के स्तन कभी भी आसानी से उछल के बाहर निकल जायेंगे ऐसे लग रहा था.

मेने अपना मुँह दबाया उसके दोनों मम्मो के बिच और चेहरे को दोनों मम्मो पे घिसते हुए चूमने लगा. अह्ह्ह अहह. मम्मो की कोमलता चेहरे पे लगते ही मेरे लंड ने उछलना सुरु किया। अह्ह्ह ाहहमम

मेने मम्मो को दबाना सुरु किया तो दायी तरफ का स्तन उछल के बाहर निकला, मेने निप्पल देखा तो बिना कुछ सोचे सीधा मुँह में ले लिया। निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा. अह्ह्ह उम्.. अम्म्म अम्म्म अम्म्मा।

संजना तड़पने लगी. उसने हड़बड़ाहट में अपना ब्रा भी उतर दिया। दोनों मम्मो को सामने पाकर में उत्तेजित हो उठा और दोनों हातो से दबा दबा के चूसने लगा. आठ अहह उम्म्म। अम्म्म आजम. उफ्फ्फ्फ़ फ़फ़फ़फ़फ़

जोर जोर से दबा रहा था. चूस रहा था. संजना भी सिसकती हुए मुझे अपने मम्मो पे दबा रही थी.

काफी देर मम्मो को दबाने के बाद, मुजस रहा नहीं गया. मेने अपनी शर्ट और पेंट उतरी। संजना शरमाते हुए मुझे देखने लगी. क्यूंकि मेरा तानहुआ लंड अंडरवेर के अंदर टेड़ा होकर लेता हुआ था. अंडरवेर के ऊपर से लंड की लंबाई पता चल रही थी।

हम दोनों ने एक दूसरे की और देखा। मेरा हात में लंड पे रखकर लंड को सहला रहा था. संजना के पास गया और उसे गले लगा दिया। मेरे नंगे बदन को चुकार संजना मदहोश हो उठी.

उसकी नंगी पीठ पे हात घूमते हुए मेने उसकी सलवार पकड़ी और कमर से ढीली करते हुए निचे उतार दी. सलवार निचे गिरी वैसे ही संजना की सिसकती हुई आवाज अब हवस में बदल गयी.

मुझे चूमते हुए मेरे कानो में कहने लगी. कबसे ये सब करना चाहते थे तुम, मेने उसकी उसकी गर्दन को चूमते हुए कहा. जबसे हमारी दोस्ती हुई है. और कहते हुए मेने उसकी गांड दबा दी.

संजना तड़पने लगी. मुझे चूमते हुए निचे जाने लगी. मेरी छाती से होकर जैसे वो निचे बैठी। मेरी धधकने बढ़ने लगी. मेरी दोस्त संजना आज पहली बार मेरा लंड देखने वाली थी.

संजना ने मेरी अंडरवेर धीरेसे निचे खींची। में नंगा होने लगा. जैसे मेरा लंड संजना के सामने आया. मेने आखे ही बंद कर दी. अह्ह्ह्ह। . कुछ ही पल में मुझे संजना का कोमल हात लंड पे महसूस होने लगा. संजना लंड को मुठी में पकड़े सहलाने लगी. अह्ह्ह उम्म्म्म अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह

मुठी में लंड को पकड़े हिलाने लगी. जैसे ही मेने आखे खोली और निचे देखा, संजना ने अपना मुँह खोला और लंड को मुँह में ले लिया अह्ह्ह अहहह ःअह्ह्ह्ह।

उम्मम्मम्मम

संजना के कोमल गुलाबी होठ मेरे लंड के गुलाबी भाग को जब घिसने लगे. में पागल ही हो गया. आह्हः ाहाहहममम।।

कसकर लंड को मुँह में पकड़े चूसने लगी. आह्हः अह्ह्ह। आधे से ज्यादा लंड संजना के मुँह में था. कुछ समज नहीं आ रहा था. जैसे जैसे संजना ने मेरे लंड को मुँह में अंदर बाहर करना सुरु किया, में तो वही पिगल गया. आह्हः अहहह ाःहाहुम्म।।

संजना लंड को हिलाते हुए चूस रही थी. लैंड को अपनी जबान घिस रही थी. अह्ह्ह उम्म्म्म।।।

सच कहु तो इतना मजा कभी मेरी गर्लफ्रेंड ने भी नहीं दिया था. संजना लंड चूसने में माहिर थी.
गोटियों को दबाके एक हात में पकड़ा था. और लंड को मुँह में लेकर चूसे जा रही थी. गोटियों को दबा रही थी. जिससे मेरे अंग अंग में बिजली दौड़ने लगी.

काफी देर लंड की चुसाई चली.

फिर संजना खड़ी हुई. मेने उसे बेड पे सुलाया। और ऊपर से निचे उसे चूमने लगा. प्यार से चूमते हुए निप्पल को चबाया, उसकी नाभि को चाट लिया। फिर कमर को चूमते हुए निचे गया. पहले उसकी गोरी जांग को चाटते हुए मेने उसकी चड्डी पकड़ी। दोनों हातो से चड्डी को उतरा।

सनजना की तड़पती हुई आवाज सुनकर और भी जोश जाग रहा था. जैसे ही मेने संजना की चुत सामने देखि, मेरे होठो ने अपने आप मेरे मुँह को चुत पे दबा दिया और में संजना की चुत को चाटने लगा. अह्ह्ह उम्म्म्म। अम्म्म ामम. उफ्फफ्फ्फ़। आअह्ह्ह्हह

जबान को चुत के अंदर घिसते हुए. चुत का दाना जीभ से मसलते हुए चुत को अछि तरह चाटने लगा.

संजना का तड़पता बदन देख मेरे अंदर की आग और भड़कने लगी. मेने ऊँगली चुत में डाली और जोर जोर से रगड़ते हुए चुत को चूमने लगा. आअह्ह्ह उम्म्म उम्म्म ाममम अम्म्मा।।।

काफी देर चुत को चाटने के बाद अब वक्त था चुदाई का. मेने संजना के पेअर फैलाये और संजना को एक बार देखा। उसकी आखो में देखते हुए निचे से लंड को चुत में धकेला। लंड चुत में जाने लगा तो संजना के चेहरे का रंग गुलाबी होने लगा. संजना के मुँह से आह्हः की आवाज सुनकर में लंड को चुत में दबाये जा रहा था. आअह्ह्ह्ह है.. जैसे जैसे लंड चुत की गहराई में जा रहा था, चुत और भी सख्त हो रही थी.

अह्ह्ह अह्ह्ह। उम्म्म्म अह्ह्ह्ह उम्मम्मम

पूरा लंड चुत में डालकर दबाया, फिर में सनजना की ऊपर लेता और उसे होठो को चूमते हुए जो निचे से चुदाई सुरु की आह्हः अहहहह ाःहाहा। पूरा लंड चुत में डालते हुए चोदने लगा अहह अहह हहह ओमममम। उफ्फफ्फ्फ़। आह्हः अहहह।

चुत के चिकने पन से लंड गिला होने लगा. मेने अपनी गति बधाई और जोर जोर से चोदने लगा अहहह अहाः उम्म्म्म। अहहह्म्म।। उफ्फ्फफ्फ्फ़ आअह्ह्ह्ह

अह्ह्ह अहहह उफ्फ्फफ्फ्फ़,

संजना भी मुझे कसकर पकडे हुए अपनी उंगलिया मेरी पीठ में दबाये मुझे अपने ऊपर खींच रही थी. में चोदे जा रहा था. अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म

करीब ५ से ६ मिनट चुदाई की. फिर में पीछे हुआ, संजना के पीछे लेटा। उसका एक पैर ऊपर उठाया और फिर पीछे से लंड को चुत में डालकर चुदाई सुरु की अहह अहहह यह उम्म्म्म।।

जांग को कसकर पकड़े दबाकर रखा और पीछे से लंड चुत में डालकर चुदाई सुरु की.

अह्ह्ह उम्म्म आह्हः अहहह अह्ह्ह संजना आह्हः हाहाहा अहह अहहह अहह..

काफी देर बाद जब लंड चुत बाहर निकला तो लंड अब पूरा खुल गया था. गुलाबी भाग गीली चुत के पानी से चिपचिपा हो चूका था.

मेने अपने आप को पलटा, संजना हाफ रही थी. मेने उसके ऊपर अपने पैर फैलाये और ६९ की पोजीशन में उसके मुँह के ऊपर अपना चिपचिपा लंड रखा, और में झुककर उसकी चुत को चाटने लगा.

में चुत चाटे रहा था. लेकिन संजना मेरे लंड को मुठी में पकड़े हिला रही थी. मे सोचने लगा, के मुँह में ले. तो वो मुँह में लंड नहीं ले रही थी. तो मेने जबरदस्ती लंड को उसके मुँह में मरना सुरु किया। संजना ने मुँह खोला और लंड सीधा उसके गले तक दबा दिया।

संजना चूसने लगी लंड को। में भी चुत को अच्छे से चाट रहा था. अहह उम्म्म्म अह्ह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़।

६९ का मजा लेने के बाद, में ऊपर से हटा.

मेने संजना को घोड़ी बनाया। उसकी गांड को पीछे से देखते हुए मेरे मन में पहली बात आई. गांड पे चपेट मरू. तो पहले तो मेने धीरेसे चपेट मारी और गांड को दबाने लगा.

चपेट मरते ही संजना हसने लगी. और कहने लगी बस थक गए क्या, तो मुझे ग़ुस्सा आया और मेने जोर से गांड पे चपेट मारी। संजना चिल्लाई। आह्ह्ह्हह।।।

और दो तन चपेट गांड पे लगाई। गांड लाल हो गयी. संजना की कहराने की आवाज सुनकर बड़ा मजा आ रहा था. गांड को दोनों हातो से दबाया और फिर लंड को चुत की और लेकर चुत में दबा दिया। आआह्ह्ह।। जिस तरह संजना ने अपनी गांड ऊपर की और सर निचे किया। साली चुदाई के बारे में सबकुछ सिख गयी थी.

गांड ऊपर आते ही लंड बड़ी आसानीसे चुत के अंदर जाने लगा. सनजना की चुत में लंड डालते हुए चुदाई सुरु की. गांड को देखते हुए, संजना की गोरी पीठ पे हात घूमते हुए में उसे चोदने लगा. अह्ह्ह ाःहाहा हहहह हहह उफ्फ्फ। आह्हः ाहः हहह

कसकर संजान की कमर पकड़ी और लंड को जोर जोर से चुत में मरने लगा. अहह अहह अम्म्म आह्ह्ह्हह अहहह
चढाई अब आखरी चर्म पे पोहच चुकी थी. मेरा शरीर कपङे लगा. मेने जोर जोर से धक्के देना सुरु किया। गांड को हिलते हुए देख, लंड को चुत में घिसते हुए महसूस करते हुए जो मजा आ रहा था. अह्ह्ह अहहह हाहाहा हहह…

बहोत देर चुत की चुदाई के बाद जब लंड पानी निकालने ही वाला था तभी मेने लंड को बाहर खींचा, संजना को सीधा अपने लंड के तरफ खींचा, और उसके मुँह पे आपने पानी उड़ने लगा. संजना ने अपना मुँह भी खोल दिया था. कुछ पानी उसके मुँह चला गया. उसके मुँह में पानी गिरते देख एक सुकून महसूस हो रहा था. काफी उसके गालो पे दिरा और होठो से निचे बहने लगा. उसके मुँह का आधे से ज्यादा हिंसा सफ़ेद पानी से भर गया था. अह्ह्ह अहहह।।।

संजना ने आखिर बार मेरा लंड मुठी में पकड़ा, हिलाते हुए लंड को चाटने लगी. अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म।। पूरा लंड चूस लिया फिर जाकर में शांत हुआ.

वो उठकर मुँह धोने अंदर चली गयी, में वैसे ही नंगा बेड पे सोया रहा.

मझे कब नींद लगी पड़ा ही नहीं चला, २ घंटे बाद जब नींद खुली तो संजना मेरे बगल में सोइ थी. चद्दर के अंदर देखा तो में पूरा नंगा ही था.

कुछ देर मुझे लगा ये याद करने में के आज मेने संजना को चोदा है.

मेने संजना को गले लगाया।

शाम को घर जाने के पहले फिर से एकबार संजना को में अच्छे से चोदा

वो भी काफी खुश थी. उसे भी बहोत मजा आया.

हमारी दोस्ती अब और भी गहरी हो गयी थी.

कैसी लगी हमारी कहानी कमेंट करके जरूर बताना

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *