पैसे कमाने की लालच में मैनेजर फसा लिया | Office Hindi Sex Story

सुभह का वक्त था. नहाकर निकली और कपडे पहनके ऑफिस के लिए निकल रही थी. कमरे से बाहर आई तो माँ ने आवाज लगायी, कियारा बेटा अपना टिफिन याद से लेके जाना।

सामने रखा हुआ टिफिन उठाकर बैग में रखा और ऑफिस के लिए निकल पड़ी. एक तो ये गवरमेंट की बस भी इतनी देरी से चलती है के बस स्टॉप पे कुछ ही देर में भीड़ हो जाती है. बहोत देर बाद एक बस आयी, भीड़ के बिच जगा बनाते हुए में बस में चढ़ी.

अंदर जाते ही बस चल पड़ी. भीड़ में सभी एक दूसरे को चिपके खड़े थे. तभी मेरे पीछे खड़े आदमीने अपना शरीर मेरी पीठ पे चिपका दिया। अब भीड़ है तो में उसको कुछ कह भी नहीं पायी। पेट निकलहुआ अंकल जैसे दिखने वाला आदमी मेरी पीठ पे अपना शरीर रगड़ने लगा. जैसे जैसे बस हिल रही थी उसका शरीर वो पीठ पे रगड़े जा रहा था. मेने सलवार कमीज़ पहनी थी.

कुछ देर बाद मुझे अपनी गांड पे कुछ महसूस होने लगा. मुझे तुरंत समज आ गया था के अंकल का लंड खड़ा हो रहा है. धीरे धीरे उसका लंड और बड़ा होने लगा. अंकल भी बस हिलने के साथ मेरी गांड पे लंड को धीरेसे पटकते और घिसते।

मुझे थोड़ी चिंता होने लगी. समज में नहीं आ रहा था के में क्या करू. भीड़ में आगे भी जाने का रास्ता नहीं था तो वही खड़े रहना पड़ा. जैसे जैसे बस आगे जा रही थी. अंकल का लंड भी आगे आये जा रहा था. अंकल ने लंड को मेरी गांड पे दबाये रखा और में कुछ नहीं कर पायी। अंकल का बड़ा पेट और उनका लम्बा लंड मेरी पीठ पे रगड़ते जा रहा था. काफी देर तक ऐसे ही रगड़ाई चली.

फिर आगे जाकर जब बस खाली हुई. मुझे बैठने की जगह मिली। मेने बैठकर पीछे खड़े अंकल को देखा। तो वो मेरी तरफ बड़ी हवस भरी नजरो से देख रहा था.

इन मर्दो को सिर्फ जिस्म की भूक है.

किसी तरह ऑफिस पोहची। आज बड़ी देर हो गयी ऑफिस आने में. आते ही काम सुरु किया।

मेरा मैनेजर अर्जुन आया. उसने कहा केबिन में आओ मीटिंग करनी है.

अर्जुन मेरा मैनेजर था लेकिन, मेने अपना काम निकलने के लिए फसा के रखा था. उसकी शादी हो चुकी थी.

में और अर्जुन केबिन में आये. अर्जुन ने मुझे कहा के कस्टमर के साथ उसकी कल मीटिंग है तो सब काम आज पूरा करलेना। में खुर्सी पे बैठी थी. अर्जुन केबिन में चलते चलते मुजसे बाते कर रहा था.

मेरा मैनेजर बाते करते हुए मेरी कुर्सी के पीछे आकर खड़ा हुआ और मेरे कंधो पे हात रखकर कंधे दबाने लगा. अह्ह्ह अहह लग रहा था. आदमी के हातोंसे मसाज मिलना मतलब मन की शांति मिलना। अह्ह्ह अहह. उम्म्म। अंदर कोई नहीं देख सकता हमें तो अर्जुन बिना डरे मेरे शरीर से खेलने लगा.

अर्जुन के हात कंधेसे निचे सरकने लगे.  देखते ही देखते उसके दोनों हात मेरे  स्तनों पे आये और दोनों हातो से मेरे स्तन दबाने लगे. अहह हहहह। उम्म्म्म। अम्म्म।

मर्द के हातो में स्तन आते ही वो पागल सा हो जाता है. उसके मर्दाने पंजे मेरे कोमल स्तनों को कसकर दबा रहे थे. अहह अह्हह्ह अहहह। अहह उफ्फ्फ।

सुबह सुबह स्तन दबाना अच्छा लग रहा था. शरीर में गर्माहट बढ़ने लगी. अर्जुन ने काफी देर तक स्तनों को प्यार से दबाया, फिर धीरेसे निचे मेरी गर्दन की और झुका, मेरे कंधेसे कुरता थोड़ा हटाया और मेरे कंधे को चुम लिया। में सिसक पड़ी. अह्ह्ह्ह। ..उसके होठो का होनेवाला स्पर्श मेरी उत्तेजना बढ़ने लगा.

अह्ह्ह।। उम्म्म्म। सुभह सुबह बस में नकल ने लंड गांड पे घिसकर मेरी भावना को जगा दिया था. अब ये मेरा मैनेजर आग में घी डालने का काम कर रहा था.

अह्ह्ह।।उम्. कंधो को चूमते हुए उसने मेरा मुँह अपने तरफ किया और होठो को चुम लिया। उम्मम्मम।।।।

मेरी गर्दन पकड़कर मुझे होठो पे चुम रहा था. उम्म्म्म अम्म्मम्म। एक हात से मेरे स्तनों को दबाते हुए चूमने लगा.

काफी देर तक चूमने के बाद, अर्जुन पीछे हटा. मेरे बगल में आकर खड़ा हुआ. मेरे मुँह के सामने अपने आप को लेकर उसने अपनी पेंट की चैन खोली और अपना खड़ा लंड मुठी में पकड़के बाहर निकाला। जैसे ही लंड बाहर निकला, उसने मेरे मुँह के सामने रख दिया।

कोई आये इसके पहले मेने लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी. उम्म्म अम्म्म उम्म्म्म अम्म्म। उम्म्म्म आअह्ह्ह्ह अहाः

लंड काफी बड़ा था. जितना अंदर मुँह में ले सखी उतना अंदर लिया। जबान लंड पे घिसते हुए गुलाबी भाग को चाटते हुए मुट्ठी में लंड पकड़लिया। कसकर मुठी में पकड़कर जोर जोर से हिलाने लगी. अह्ह्ह, अर्जुन की सिसकती आवाज उनकर और जोर जोर से लंड हिलने का मन करने लगा. लंड को कसकर पकड़े हिलाते फिर मुँह में लेकर चुस्ती। अह्ह्ह उम्म्म अम्मम्म।।

काफी देर लंड चूसने के बाद अर्जुन ने धीरे से कहा निकलने वाला। ऐसे कहकर उसने मेरा सर पकड़ा और लंड को मुँह के अंदर तक दबाके सिसकने लगा. अहह हहह हहहह। कुछ ही पल में लंड से गरम पानी की धार निकली जो सीधे मेरे गले से निचे उतर गयी. आह्ह्ह्ह। उम्मम्मम अम्म्मा

मेरा मुँह गरम पानी से भर गया. में धीरे धीरे उस गाढ़े पानी को पि गयी. उम्म्म उम्म्म्म

पूरा पानी निगलने के बाद जैसे ही मेने लंड को मुँह में निकालके अर्जुन की और देखा। उसके चेहरे पे ख़ुशी थी.

उसने अपना लंड पेंट के अंदर डाला। फिर हम केबिन से बाहर आये.

मैनेजर को अपने करीब रखने का फायदा ये था के कुछ भी काम नहीं करना पड़ता था और हर साल सैलरी भी अछि बढ़ रही थी. घूमना फिरना उसका तो अलग ही मजा था.

अर्जुन हमेशा कहता के तुम मेरी बीवी से भी अच्छा लंड चुस्ती हु. उसकी बीवी लंड चूसने से मन ही कर देती है. मेने इसी बात का फायदा उठा लिया और जब भी हम ऐसे जगह होते जहा हमें कोई देख नहीं सकता, में उसका लंड चुसलती ।

कुछ दिन बाद शनिवार था. हमें ऑफिस में छुट्टी थी. दो इन पहले गुरुवार को अर्जुन ने मुझे कहा, की गर्मिया सुरु हो चुकी है. चलो कही घूमकर आते ये.

मेने पूछा कहा जाये। तो कहने लगा, किसी रिसोर्ट में जाते है. वह स्विमिंग पूल होगा। पूरा दिन स्विमिंग पूल में रहेंगे। एक रूम भी ले लेंगे। कुछ देर रूम में आराम भी कर लेंगे।

अर्जुन की रूम में आराम करने की बात सुनकर में हस पड़ी. उसे भी समाज आया के में क्यों हस रही हु.

मुझे भी फ्री में घूमने मिल रहा है तो में क्यूँ मना करू. मेने हां कर दी. हम दोनों ने अपने अपने घर झूट कहा के आज ऑफिस है.

शनिवार आया. सुभह के ८ बजे हम निकल पड़े रिसोर्ट की और. अर्जुन अपनी गाड़ी लेकर आया था. २ घंटे का सफर करके जब हम पोहचे. दोनों भी थक गए थे . सफर तो वैसे काफी अच्छा रहा. लेकिन अब जैसे जैसे हम कमरे की और बढ़ने लगे. दोनों की हवस बढ़ने लगी.

हमारा कमरा ऊपर की मंजिल पे था. सीढ़ियों से जाते समय हमारे आगे एक लड़का कमरे की चाबी लेकर चल रहा था. चलते चलते अर्जुन ने मेरे पीठ पे हात रखा और मेरी पीठ पे हात रगड़ते हुए वो मेरी गांड को उसने दबा दिया। मे चौक गयी. मेने कहा अरे.. आगे वो लड़का चल रहा है. रुको। नहीं वो कहा मानने वाला था.

उसने फिर मेरे स्तन को दबाया। मेने उसका हात तुरंत दूर किया। उसकी मस्ती बढ़ने लगी. जैसे ही कमरे के पास पोहचे। लड़के ने दरवाजा खोला, अंदर आकर ऐसी चालू की. कमरा दिखाया और चला गया.

कमरा काफी सुन्दर था. सारि सुविधा थी. अर्जुन ने जाकर दरवाजा बंद किया। जब वो मेरी तरफ आ रहा था, उसकी आखो में हवस साफ़ दिख रही थी. मेरी तरफ आया और मुझे गले लगाकर मुझे चूमने लगा. अह्ह्ह। उम्म्म्म। ओमममम।।

बहोत दिनों से अर्जुन इसी मौके की तलाश में था. मेरे होठो को चूमते हुए मेरे दोनों स्तनों को कसकर पकड़े दबाने लगा. अह्ह्ह अहहह। उम्म्म। आहहह। काफी जोर जोर से दबाये जा रहा था. उसकी जानवर भरी हरकते महसूस करके में उत्तेजित होने लगी. अहह अहह..

मेने भी उसे कसकर गले लगा लिया। चूमते हुए मेरा कुरता उतार दिया। मेरी ब्रा दिखने लगी. अहहह।।अह्ह्ह
अब अर्जुन निचे सरकने लगा. गालो से चुनते हुए उसके होठ मेरे ब्रा की और बढे. गर्दन से निचे उतर के मेरे स्तनों के बिच अपनी जबान लगाकर चाटने लगा. दोनों हतोसे स्तनों को दबाये जा रहा था. पहले सी इतने बड़े हो चुके थे के दबाकर ये और बड़ा कर रहा था.

अर्जुन को रहा नहीं गया तो ब्रा ऊपर उठा दी और निचे से स्तनों को बाहर निकाल दिया। मेरे निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा. अहहहह अहहहह। उसकी गर्म मुँह में मेरे निप्पल घिसने लगे. उसकी जबान निप्पल पे महसूस होने लगी. अह्ह्ह अह्हह्हौंमम

सिसकते हुए मेने अपना ब्रा निकाल के पूरा मैदान खुला छोड़ दिया। अर्जुन कसकर मेरे स्तनों को दबाते हुए चूसे जा रहा था. उम्म्म्म अह्ह्ह ओमममम अम्माम्मा

दोनों स्तनों को चूसकर जैसे वो पीछे हटा, मेने देखा उसकी आखे नशीली हो चुकी थी. मेरी तरफ़ अर्जुन ने एक नजर देखा और कसकर मेरा मुँह पकड़के मुझे होठो पे चूमने लगा. मेने चूमते हुए उसके शर्ट के बटन खोल दिए और उसकी शर्ट उतार दी.

उसके छाती पे काफी बाल थे. मेरे कोमल हात अर्जुन की छाती पे घूमने लगी. उसके निप्पल को ऊँगली से मसलने लगी. आह्हः अहहह। वो भी मेरे निप्पल को मसलने लगा.

अह्ह्ह अह्ह्हौंमम उम्मम्मम्म

कुछ समय बाद अर्जुन ने मुझे छोड़ा, मेरा पजामा निचे खींच लिया। मेने पजामा उतार दिया और निकर पे खड़ी हो गयी.

अर्जुन ने जल्दबाजी में अपनी पेंट उतारी । वो पूरा नंगा हो गया. मेरी नजर अर्जुन के खड़े लंड पे पड़ी. उसका लंड ऊपर निचे उछल रहा था. लंड को देखकर मुजसे रहा नहीं गया, मे सीधा निचे घुटनो पे बैठी और अर्जुन के लंड को मुँह में खींच लिया। आह्हः। उम्म्म। ममममम अम्म्म।

उम्म्म अम्म्मम्म अम्मम्म।। लंड मुँह में लेकर बहोत मजा आ रहा था. अह्ह्ह उम्म्म में पागलो की तरह लंड को चूस रही थी. चूसते हुए मेने लंड को हिलाया और फिर से मुँह में लेकर चाटने लगी.

काफी देर लंड चूसकर जैसे ही कड़ी हुई, अर्जुन ने मुझे पीछे बेड पे धकेला, मेरे पैर ऊपर उठाकर बेड पे सुलाया, फिर मेरे निकर पकड़कर निचे खींच दी. मुझे पूरा नंगा करके, मेरे पैर फैलाये और चुत पे मुँह रखकर चाटने लगा. अह्ह्ह,,, इसी का तो इंतजार था. मेरी चुत पहले से तपी हुई थी. उसपर जैसे ही अर्जुन की जबान घिसने लगी, मेरे अंग अंग में पानी के फवारे फूटने लगे. चुत ने पानी छोड़ना सुरु किया. अह्ह्ह्हह। अर्जुन की जबान चुत के अंदर घिसने लगी. मेने अपने पैर और फैलाके अर्जुन को चुत के भीतर जाने दिया। अहह अहहह उम्म्म्म अम्मम्म अह्ह्ह उम्म्म

आज तो बड़ा मजा आ रहा था अह्ह्ह अहहह। चुत को चाटते हुए अर्जुन ने अपनी एक ऊँगली अंदर डाली और जोर जोर घिसने लगा. अहह अहह अहहू उम्म्म अम्म्म अम्म काफी मजा आ रहा था.

बहोत देर अर्जुन ने चुत चाटी फिर बेड के पास खड़े खड़े मेरे पैर फैलाके लंड लो चुत में धकेल दिया। अहह अहह। .. लंड अंदर चला गया अहह उफ्फफ्फ्फ़। उम्म्म्म

अर्जुन मुझे चोदने लगा. अहह अहह उम्म्म्म अम्म्म। अम्म्मा। बहोत जोर जोर से धक्के लगाते हुए मेरी चुत में लंड को पटक रहा था. अहह अह्ह्ह अहह उम्म्म

मेरी जांग को कसकर पकड़ते हुए अपने लंड को चुत के अंदर घुसेड़ रहा था. अह्ह्ह हह..ऐसे लग रहा था के अपनी बीवी का बदला मुजसे ले रहा है.

चुदाई करते हुए मेरे ऊपर झुककर मेरे स्तनों को दबाने लगा. लंड अभी भी मेरी चुत में फसा हुआ था. उम्म्म्म। ममम.

स्तनों को दबाकर जब चुत से उसका लंड बाहर निकला, मेने देखा काफी गिला हो गया था.

अपने गीले चिप चिप्पे लंड को लेकर मेरा हात पकड़ा और मुझे खींचकर मेरा सर अपनी और ले लिया। जैसे ही मेरा मुँह बेड के कोने के पास आया. मेरे मुँह में खड़े खड़े वही गिला लंड डालकर मुँह को चोदने लगा. अह्ह्ह्ह अहह. मेने आशा भी नहीं की थी के ऐसे कुछ होगा। मेरे मुँह के अंदर गले तक अर्जुन का लंड जा रहा था. मुँह में जबरदस्ती दबा दबाके अपने लंड से मेरा मुँह चोद रहा था. अहह हहह अहहह। उम्म्म। अम्मम्म। मउम्म्म अम्म्म अम्म्मा

मुँह की चुदाई के बाद लंड बाहर खींचा, और फिर बेड के ऊपर चढ़कर मेरे ऊपर लेट गया. मुझे कसकर पकड़के चूमते हुए. मेरे स्तनों को दबाने लगा. निप्पल को दबते लगा. निचे धीरे धीरे मेरे पैर फैलाके उसके लंड ने चुत को ढूंढ लिया और धीरेसे लंड को चुत में डालकर कुछ देर ऊपर सोकर होठो को चूमता रहा।

चूमते चूमते धीरे धीरे उसकी कमर हिलने लगी. लंड चुत में अंदर बहार होने लगा. मेरे पैर फीस फैलने लगे. और देखते ही देखते जोर से चुदाई सुरु हुई.ा हहह अह्ह्ह्ह उम् अम्माम्मा। अम्मा। आज तो चुत की खैर नहीं ऐसे लग रहा था. अर्जुन इतने जोश में था की एक पल भी लंड को चुत के बाहर नहीं रख रहा था. अहह अहह। उम्म्म उम्म्म

लंड को चुत में पटक पटक के चुदाई चलने लगी. आह्हः। पूरा कमरा हमारी आवाज से गूंजने लगा. अहह अहहह उम्म्म्म। फक अह्ह्ह।।

काफी देर बाद अर्जुन पीछे हटा. हमने एक दूसरे की तरफ देखा मेरी तो हालत ख़राब थी. कबसे चोदे जा रहा था

अर्जुन ने मेरी तरफ देखकर कहा, अभी तो सुरवात है .आज तो पूरा दिन तुझे चोदने वाला हु.

ऐसे कहकर उसने मुझे पलट दिया। में जैसे पलटी, मेरी गांड के बिच अर्जुन का मुँह घिसने लगा. आह्ह्ह्ह। वो मेरी गांड को हातों से दबाते हुए फैला रहा था और अंदर अपनी जबान डालकर गांड को चाट रहा था. अह्ह्ह अहहह। एक अजीब सा ही मजा आने लगा. आह्हः अहहह। उम्मम्मम

मेरी बड़ी गांड पे चपेट मारने लगा. अहह अहहहहह। उम्म्म्म। चपेट मारकर उसने मेरी कमर उठाकर मुझे घोड़ी बना दिया। लंड को मेरी गांड पे मारते हुए चुत में घुसेड़ा और कसकर धक्का देते हुए पूरा लंड अंदर धकेल दिया अह्ह्ह अहहह। उम्मम्मम। अम्मम्म

लंड काफी अंदर घुस गया. अह्ह्ह्ह अहहह। उम्मम्मम। आह्ह्ह्ह मममममम फिरसे अर्जुन चोदने लगा. मेरी पीठ पे अपना हात घूमते हुए लंड को चुत में पटक रहा था. अह्ह्ह अह्ह्ह्ह। उम्म्म्म में कुछ ही देर में झड़ गयी. लेकिन अर्जुन अभी भी चोदे जा रहा था. अहह अहहह। उम्म्म।।

काफी देर चुदाई के बाद जैसे ही उसने लंड बाहर खींचा, मेरी गांड पे गरम पानी की बौछार होने लगी. अह्ह्ह अह्ह्ह उम्म्म्म। मेरी पूरी गांड गरम पानी से भर गयी.. काफी देर तक लंड से पानी निकलता रहा।

पुरे दिन हम नंगे ही बेड पे सोये रहे. अर्जुन पूरा दिन मुझे चोदता रहा. उसकी बीवी का दुपहर को फोन आया तब में अर्जुन का मुँह में लेकर चूस रही थी.

अर्जुन से अभी तक काफी मजा मिला है मुझे। अह्ह्ह्हह अहह

कैसी लगी मेरी कहानी जरूर कमेंट करके बताना.

0
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *