सुबह की बात थी. पापा ने मुझे बाहर से आवाज लगायी. अर्जुन स्कूल नहीं जाना. जल्दी उठो. में पापा से बहोत डरता था तो आवाज सुनते ही जल्दी से उठकर नहाने चला गया. आधे घंटे में तैयार होकर, स्कूल की बैग लेकर में घर से निकल पड़ा. जैसे ही में घर से निकल रहा था, मेने देखा अनुपम भैया सामने से हमारे घर की और ही आ रहे थे. अनुपम भैया पापा के अच्छे दोस्त थे. वो हमारे घर काफी बार आ चुके थे. हफ्ते में २ से ३ बार तो घर आते ही थे.
उन्होंने मुझे देखा और पूछा स्कूल जा रहे हो. मेने कहा, हां भैया स्कूल जा रहा हु. अनुपम भैयाने तुरंत अपने पेंट के जेब से १० रुपये निकाले और मेरे हाथो में थमाए और बोले मम्मी को नहीं बताना. में १० रुपये देख खुश हो गया. मेने कहा, हां भैया नहीं बतायूंगा.
भैया से कहकर में स्कूल की और निकल पड़ा. भैया घर चले गए.
में आधे रास्ते पोहचा ही था के मेरा दोस्त अभिषेक मुझे मिला. उससे बात करते हुए मुझे पता चला की आज गणित की किताब भी ले अणि थी. गणित के सर आज परीक्षा लेने वाले है. सर बहोत ही खड़ूस थे. अगर में किताब नहीं ले गया तो मुझे स्कूल से निकल देंगे.
मेने तुरंत रुककर अपनी बैग देखि तो पता चला की गणित की किताब में घर ही भूल गया हु. मे बिना सोचे घर की तरफ फिर से मुड़ा और भागकर घर तक पोहचा. घर के बाहर आया तो पापा घर के बाहर ही खड़े थे. पापा मुझे देख चौक गए. मुझे पूछने लगे वापस क्यों आया तू. मेने सारि बात बताई. लेकिन पापा ने मुझे घर के अंदर जाने से मना कर दिया. मुझे बोले मम्मी कुछ काम कर रही है अभी अंदर नहीं जा सकते
मेने पापा से पूछा आप बाहर क्या कर रहे हो. तो बोले में मम्मी का काम ख़तम होने का इंतजार कर रहा हु.ऐसे कहकर पापा ने मुझे वह से जाने के लिए कहा. मुझे कुछ समज नहीं आ रहा था के क्या हो रहा है.
में वापस स्कूल की और जाने के लिए पलटा ही था के घर के अंदर से मम्मी की सिसकनेकी आवाज आने लगी. अहा अहह. स्श अहहह. … मम्मी की पैर की पायल की छन छनती आवाज काफी तेजीसे आ रही थी. मेने मुड़कर पापा से पूछा मम्मी कुछ तकलीफ में है.
तो पापा बोले। ….. अरे… नहीं …… बेटा वो अपने काम को जल्दी से ख़तम करने की कोशिश में हे इसलिए ऐसी आवाज कर रही है. तुम जाओ स्कूल जल्दी से नहीं तो स्कूल का गेट बंद हो जायेगा. .
में उस दिन निकल गया स्कूल. लेकिन मुझे अभी भी शक था की कुछ तो गड़बड़ है.
में घर में होने वाली हर एक हलचल पर नजर रखने लगा. काफी दिनों तक तो कोई भी ऐसी बात नहीं हुई जिससे मुझे कुछ पता चले.
लेकिन कुछ दिन बाद जब में बाथरूम में नाहा रहा था. तो मुझे बाहर पापा और मम्मी की बाते सुनाई दी. पापा मम्मी को कह रहे थे आज अनुपम आने वाला है. दोनों की वही बाते चल रही थी.
मेने सोचा यही मौका है पता लगानेका.
मेने तुरंत नाहा लिया, और अपने कमरेमे जाकर स्कूल के कपडे पहन लिए. पापा कम्मी किचेन में बाते कर रहे थे. मेने उनको कहा मि जा रहा हु स्कूल.
ऐसी कहकर में किचेन से बाहर निकला. और जैसे में बहार आया, में दबे पाव मम्मी पापा के कमरेमे चला गया. उनके कमरेमे जो बड़ी अलमारी थी उसमे छुप गया.
कुछ देर बाद दरवाजे की घंटी बजी. फिर मुझे अनुपम अंकल की आवाज आने लगी. वो घर आ गए थे.
फिर कमरेमे कोई आनेकी आवाज आयी. पायल की आवाज से लगा मम्मी शायद कमरेमे आ गयी है. उसके पीछे पीछे अनुपम अंकल भी कमरे में मम्मी से कुछ बाते करते हुए अंदर आये.
मम्मी और अनुपम अंकल की बाते चल ही रह थी के पापा भी कमरे में आये. उन्होंने कमरे में आकर कहा की में एक काम से बहार जा रहा हु. १ घंटे बाद आयूँगा ऐसी कहकर पापा चले गए. मुझे बहार का दरवाजा बंद करने की आवाज भी आयी.
अब कमरे में मम्मी और अनुपम अंकल ही थे. कुछ देर तक तो बाते चल रही थी लेकिन अचानक से कमरेमे पूरा सननाटा सा छा गया. मुझे समज़ नहीं आ रहा था की क्या हो रहा है. कुछ देर बाद मम्मी की सिसक सिसक कर सास लेने की आवाज आने लगी. पायल की आवाज धीमी धीमी सुनाई दे रही थी. आह अहह. की आवाज भी आने लगी.
आवाज सुनकर लगा की अभी भी दोनों कमरे में ही है.
मुझे बाहर क्या हो रहा है देखनी की बहोत इच्छा हो रही थी. लेकिन अलमारी का दरवाजा खोलने में डर भी लग रहा था. कुछ देर तक में ऐसे ही अल्मारिसे आवाज सुनते हुए खड़ा रहा.
लेकिन फिर मम्मी की सिसकने की आवाज बढ़ने लगी. मुजसे रहा नहीं गया और मेने धीरेसे अलमारी का दरवाजा खोला और दरार से बहार की और देखने लगा.
तब जो मेने सामने देखा देखकर में दंग रह गया.
अनुपम अंकल माँ के चूचियों को चूस रहे थे. मम्मी बिना ब्लाउज़ की कड़ी थी. सदी उतर गयी थी और निचे सिर्फ चड्डी दिखाई दे रही थी. दूसरी तरफ अनुपम अंकल चूचियों को दबा दबाकर चूस रहे तो और मम्मी आह भर रही थी.
अनुपम अंकल के भी कपडे उतर गए थे. वो सिर्फ अंडरवेर पर खड़े थे.
ये सब देखकर मेरी आँखे खुली की खुली रह गयी. मुझे कुछ देर तक कुछ समज नहीं आया के ये सब क्या हो रहा है.
में शांत अलमारी खड़ा रहकर देखता रहा.
अनुपम भैया ने फिर मम्मी को अपने सामने निचे बिठाया. माँ भी तुरंत निचे बैठी और अनुपम भैया के अंडरवेर पर हात घूमने लगी. वो सीधा अनुपम अंकल के लवडे पर हात घुमा रही थी. फिर धीरेसे माँ ने अंडरवेर को निचे खींचा, अनुपम अंकल का बड़ा लंड बाहर निकला. अंडरवेर निकल कर दूर कर दी और मम्मी ने सीधा लंड को हात में लेकर हिलना सुरु किया. वो लंड को पास से देखते हुए जोर जोर से हिलने लगी. उसे जरा भी डर नहीं लग रहा था की किसी पराये मर्द का लंड अपने हात में पकडे है.
यहाँ तक तो ठीक था, मेरे होश तो तब उड़े जब मम्मी ने लंड को हिलाते हुए झटसे अनुपम भैया के लवडे को सीधा मुँह में ले लिया. इतना नहीं नहीं लंड पूरा का पूरा वो मुँह में लेकर चूसने लगी.
मम्मी को ऐसा कर देखकर यहाँ मेरा मुँह खुला रह गया. मम्मी बहोत चाव से लंड को चूस रही थी. मुँह में लवडे को अंदर बाहर कर रही थी.
भैया के दोनों गोटो को दबाकर लवडे को चूस रही थी. माँ को देख ऐसा लग रहा था की उसे बहोत आनंद आ रहा है. उसे ऐसा कर देख यहाँ मेरा भी लंड खुजलाने लगा. मेने अपने पैंट में हात डालकर अपने लंड को खुजलाना सुरु किया…..
वह अनुपम भैया जोर जोर से आह भरे जा रहे थे. उनको काफी मजा आ रहा था….
काफी देर तक लंड को चूसने के बाद अनुपम भैया ने माँ को उठाया और पलंग पे लिटा दिया. लिटाकर सीधा माँ की चड्डी को खींचकर उतर दिया और उसे पूरा नंगा कर दिया.
फिर पलंग के किनारे खड़े होकर माँ के पैर फैलाये और सीधा चुत पे मुँह रखकर चुत को चाटने लगे.
जैसे ही अनुपम भैया चुत पे अपनी जबान घूमने लगे मम्मी पलंग पे तड़पने लगी. उसकी मदहोश हरकते देख मेरा मन मचलने लगा. मेने यहाँ पैंट का बटन खोला और पैंट निचे उतार कर लंड को बाहर निकला. माँ को देखे हुए में भी लंड हिलने लगा. माँ बिना कपड़ो के काफी सुन्दर देख रही थी.
फिर चुत के साथ खेलने के बाद अनुपम भैया ने अपना लंड आगे लाया और खड़े खड़े ही माँ की चुत में लंड डालकर वो उसे चोदने लगे.
माँ जोर जोर से आवाज करने लगी. अहहहाआ अहहह अहहह ष्ष्स अहःअहः श्श्श्श ासशश। …
उसकी आवाज सुन ऐसे लगा के में भी एक बार माँ को चोदू। ……. अनुपम भैया जोर जोर से माँ को चोद रहे थे. उनका खड़ा लंड माँ के अंदर पूरा जा रहा था.
मेने पहले किसो को चोदते हुए देखा नहीं था. वीडियो में सिर्फ देखा था. ऐसे सामने देखने में और भी मजा आ रहा था. और वो भी अपनी ही माँ को चोदते हुए देखना एक अलग ही अनुभव था.
काफी देर माँ को चोदने के बाद अनुपम भैया उठे और खुद पलंग पर सो गए. उन्होंने माँ को लंड पर बैठने कहा. माँ तुरंत उठकर लवडे पर चढ़ गयी. लंड को हातो से चुत में डालकर उछल ने लगी. अहह अहह अहा… अनुपम भैया आवाज करने लगे. अहह अहहह अहह. श्श्श ष्ष्श शश. अहहह अहह…
माँ की जवानी आज मुझे देखनी मिली थी. बड़े मजे लेकर चुदवा रही थी. बड़े बड़े मम्मे ऊपर उछल रहे थे. दोनों भी मदहोश होकर चुदवा रहे थे.
थोड़ी देर बाद मम्मी भैया के ऊपर से उतर गयी. पलंग पर वो लेटी और अनुपम भैया उपर आकर माँ के उपर सो गए. उन्होंने लवडे को माँ की चुत में घुसाया और चोदने लगे.
अहहहह.. इस बार दोनों भी पूरी जोश में चुदवा रहे थे. दोनों के मुँह से आह.. शशशशश.. ष्ष्श. आवाजे आ रही थी. में उनकी हवस देख और भी तप गया था. मेने भी जोर जोर से अपना लंड हिलना सुरु किया. अनुपम भैया माँ को चूमते हुए जोर जोर से लंड को माँ की चुत में धकेल रहे थे.
मेने भी अपने लंड को कसकर पकड़ लिया था और जोर जोर से हिला रहा था. अहह अहहह हहहा हाहाहा अहहहह। …
कुछ देर बाद अनुपम भैया ने जोर से सास लिया। उनका बदन अकड़ गया और लंड को चुत में ही रखकर वो हाफने लगे. शायद उनका पानी निकल गया. यहाँ मेरे भी लंड ने जोरसे पानी की बौछार कर दी. ऐसे लगा की गरम पानी की धार निकल रही है. अलमारी के दरवाजेपर सफ़ेद रंग पोत दिया.
अनुपम भैया कुछ देर माँ के ऊपर लेटे रहे और फिर वो अपने कपडे पहनकर निकल गए. माँ भी अपने कपडे पहनकर बहार निकल गयी. में फिर धीरेसे वह से निकला. और माँ जैसे बाथरूम में चली गई में घर से बाहर निकल गया.
शामको स्कूल छूटने के वक्त घर आया. ऐसे बर्ताव कर रहा था जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं.
माँ को दिखा तो वो बहोत खिल खिलाते हुए पापा से बाते कर रही थी. काफी खुश लग रही थी.
मुझे अभी भी नहीं पता था के पापा और मम्मी क्यूँ ये सब कर रही है.
आपको अगर पता है तो कृपया कमेंट में मुझे बता देना
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