ईशा की खूबसूरती और हॉट एंड सेक्सी फिगर ने कॉलेज के सभी लड़कों को दीवाना बना रखा है। उसका
एक क्लासमेट समीर तो उसके लिए पागल हो गया। समीर ईशा को बहुत पसंद करता है, उससे प्यार भी
करता है। वह उसे पाना चाहता है, उसे अपना बनाना चाहता है।
समीर ईशा के करीब आने की हर मुमकिन कोशिश करता है, लेकिन ईशा समीर को अवॉइड करती है। ऐसा नहीं है कि उसे समीर पसंद नहीं। समीर
का फिट बॉडी, हॉट एंड सेक्सी लुक और कॉन्फिडेंस से भरी चाल ईशा को भी अट्रैक्ट करती है। लेकिन वह
अपनी दिल को रोक लेती है। वह एक कंजर्वेटिव फैमिली से बेलाग करती है, जहाँ लड़की को लड़के से प्यार
करने की इजाज़त नहीं है।
ईशा के लिए समीर का पागलपन दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा था। एक दिन कॉलेज के कॉरिडोर में ईशा
को अकेला पाकर समीर ने अचानक उसके होंठों को kiss किया। ईशा चिल्ला उठी, “ये क्या बदतमीज़ी है
समीर। मैं तुमसे प्यार नहीं करती हूं। तुम क्यों मेरे पीछे पड़े हो?” “तो तुम मुझसे प्यार नहीं करती? तो
ठीक है, जाओ और सबको बता दो कि मैंने तुम्हें kiss किया है,
और मुझे कॉलेज से निकलवा दो,” समीर ने
बेपरवा होकर बोला। ईशा ने और कुछ नहीं कहा और चुपचाप वहाँ से चली गई।
ईशा ने समीर के उसे kiss करने की बात किसी को नहीं बताई। क्या बताती? समीर के kiss ने उसके दिल
में भी हलचल मचा दी। लेकिन फिर भी, ईशा ने समीर को अपने दिल की बात नहीं बताई। ईशा की
खामोशी ने समीर की ईशा को पाने की चाहत को और बढ़ा दिया।
एक दिन, ईशा कॉलेज से घर जाने के लिए सड़क पर ऑटो का इंतज़ार कर रही थी। तेज बारिश हो रही थी।
इत्तेफाक से समीर भी उस दिन ऑटो का इंतज़ार कर रहा था। उसने अपनी बाइक सर्विसिंग के लिए दी थी,
इसलिए उस दिन वह ऑटो से कॉलेज आया था और अब वापस जाने के लिए ऑटो पकड़ रहा था। समीर
और ईशा एक-दूसरे को देख कर मुस्कुराए।
समीर ने एक ऑटो रोका और ईशा को अंदर बैठने को कहा। ईशा ने मना कर दिया। “मैं दूसरा ऑटो ले
लूँगी, तुम जाओ, समीर,” ईशा ने सॉफ्टली कहा। “अरे, जब हमें दोनों को एक ही road से जाना है, तो दो
ऑटो क्यों लें? और वैसे भी, इतनी बारिश में दूसरा ऑटो मिलना मुश्किल है,” समीर ने कहा। फिर, ईशा
का हाथ पकड़कर, समीर ने उसे ऑटो के अंदर बिठाया और खुद भी बैठ गया।
बाहर बारिश हो रही थी। ऐसे रोमांटिक मौसम में समीर के मन में अरमान जाग उठे। ऑटो में कोई और
पैसेंजर नहीं था। सिर्फ़ समीर और ईशा। ऑटो ड्राइवर तेज़ बारिश में पैसेंजर्स को उनके location तक
पहुँचाने की जल्दी में था। उसे इस चीज पर कोई ध्यान नहीं कि पीछे क्या हो रहा है।
समीर ने इस बारिश का पूरा फ़ायदा उठाया। अब तक वह ईशा का हाथ पकड़े हुए था, अब उसका हाथ
ईशा की कमर पर चला गया। वह ईशा की कमर और पेट को अपने हाथ से सहलाता रहा। ईशा उत्तेजित हो
रही थी, पर ओटी मे ये सब! “समीर, तुम क्या कर रहे हो, हम ओटी में हैं”, ईशा ने बहुत धीमी आवाज़ में
समीर के कान में कहा। “मैं मौके का फ़ायदा उठा रहा हूँ, तुम कहां मुझे अपने करीब आने देती हो? आज तुम
मिली हो, थोड़ा अपनी हसरत तो पूरी कर लूँ”, समीर कामोत्तेजना में बोला।
ईशा समीर का हाथ अपनी कमर से हटाने की कोशिश करती रही, पर उसे अपनी मनमानी करने से रोक
नहीं पाई। कही ऑटो ड्राइवर सुन न ले, इस डर से वह ज्यादा कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। अब समीर
अपने हाथ से ईशा के ऊपरी जिस्म से खेलने लगा। उसका हाथ ईशा के पेट से पीठ की ओर बढ़ रहा था।
उसने झट से ईशा की ब्रा का हुक खोल दिया और हाथ आगे लाकर ईशा के स्तन को सहलाने लगा। दो-तीन
मिनट तक वह ईशा के दोनों स्तनों को मसलता रहा और अपनी वासना की आग बुझाता रहा। ईशा सिर
झुकाए समीर की हरकतों को बर्दाश्त करती रही, या मजा लेती रही।
समीर का हाथ का खेल खत्म हुआ। उसने अपना हाथ ईशा की कमीज़ के अंदर से बाहर निकाला, उसकी ब्रा
का हुक लगाया और फिर ईशा के कान में फुसफुसाते हुए कहा, “ईशा, तुम्हारे boobs कमाल के हैं। मैंने
इनका अच्छी से नाप लिया है। मैं तुम्हें इम्पोर्टेड ब्रा का एक सेट गिफ्ट करूँगा, जिसे मैं तुम्हे पहनाऊंगा और
मैं ही उतारूँगा।”
ईशा की लोकेशन आ गई। वह ऑटो से उतर गई। शर्म के मारे उसने समीर की तरफ देखा तक नहीं, bye भी
नहीं बोली। बारिश थम गई। ऐसा लग रहा था मानो ये बारिश समीर और ईशा को रोमांस का मौका देने
आई थी।
ईशा और समीर के बीच बहुत कुछ हो चुका है। अब ईशा भी समीर से दूर नहीं रह सकती। समीर की बर्थडे
पार्टी है। कॉलेज के कुछ दोस्तों के साथ ईशा भी उस पार्टी में शामिल हुई। पार्टी खत्म होने के बाद, सभी
अपने-अपने घर चले गए। अचानक ईशा को याद आया कि वह अपना फ़ोन समीर के घर पर ही भूल आई
है। अपना फ़ोन लेने वह समीर के घर गई। “समीर, मैं अपना फ़ोन यहीं छोड़कर चली गई थी, ज़रा उसे ले
आना please,” ईशा ने दरवाज़े से ही समीर से कहा। “हाँ ईशा, मैंने तुम्हारा फ़ोन अपने कमरे में रखा है।
अंदर आओ,” समीर बोला।
ईशा समीर के पीछे-पीछे उसके कमरे में गई। ईशा ने समीर के हाथ से अपना फ़ोन लिया और उसे thank
you बोल कर जैसे ही पीछे मुड़ी, समीर ने अचानक उसे खींचकर अपनी बाहों में जकड़ लिया। ईशा चौंक
गई, “क्या कर रहे हो समीर? छोड़ो मुझे। तुम्हारे मम्मी-पापा ने देख लिया तो क्या होगा, कुछ अंदाजा है?
” कोई कुछ नहीं देखेगा। मम्मी-पापा अपने कमरे में आराम कर रहे हैं। अब वे अपने कमरे से बाहर नहीं
निकलेंगे”, यह कहते हुए समीर ने ईशा को अपनी बाँहों में और कस लिया और पागलों की तरह उसके होंठों
और गालों को kiss करने लगा।
ईशा समीर की बाहों से छूटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन हवस के भूखे समीर के आगे वह कमज़ोर पड़
गई। समीर ने ईशा को अपने bed पर पटक दिया। एक-एक करके उसने ईशा की सलवार, कमीज़, ब्रा, पैंटी,
सब कुछ उतार दिया। खुद भी पूरा नंगा हो गया। फिर उसने ईशा के नंगे बदन को चाटना शुरू किया। वह
उसके स्तनों को ज़ोर-ज़ोर से दबाता रहा और निप्पलों को दांतों से काटने लगा। ईशा दर्द से चिल्ला उठी।
समीर को कहां ईशा की चीख सुनाई देती। वह तो अपनी हवस मिटाने में लगा हुआ था।
अब ईशा की feelings भी जाग उठीं। वह समीर के नंगे बदन को kiss करने लगी। सिर से पाँव तक, कोई
भी अंग बाकि नहीं रहा। दो शरीर एक-दूसरे से लिपटकर अपनी शारीरिक भूख मिटा रहे थे। जब यह sex
का खेल चरम पर पहुँची, समीर ने अपना लोहे जैसा hard लिंग ईशा की योनि में डाल दिया। ईशा चिल्ला
उठी, पर उसे मज़ा भी आ रहा था। Sex का यह खेल एक घंटे तक चलती रही। फिर जाकर दोनों शांत हुए।
समीर और ईशा एक दूसरे से पूरी satisfied। ईशा को पूरी तरह से पाने की समीर की महीनों की चाहत
आज जाकर पूरी हुई। ईशा के रूप, जवानी का दीवाना समीर आज ईशा की जवानी का रस पीकर सुखी।
![]()
