Antarvsna

मैं इल्विश मेरठ से हूं, और आज कल दिल्ली रहता हूं। यह घटना मेरे साथ 2024 में हुई। मेरी उम्र
मेरा नाम अली है. बचपन से घर में गरीबी होने की वजसे ठीक से परवरिश हो नहीं पायी. पापा टैक्सी
सडक पर खड़े खड़े अपनी तीसरी सिगरेट के बट को नवीन ने खिंच खिंच के उसके आखरी धुंए को भी
मेरा नाम जय है. में रोहतक में रहता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. में अपनी छोटी चाची के
दोस्तों ये जो कहानी में आपको सुनाने जा रहा हु ये मेरे जीवन का एक काला सच है जो मेने
मेरी मम्मी का नाम हैं दीपिका और मेरी मम्मी बहुत ही चुदासी औरत है, वो अक्सर पराये मर्दों को घर
मेरा नाम धीरज है और मैं आप लोगों को अपनी सच्ची कहानी बता रहा हूँ जो की कुछ साल पहले
मेरा नाम अनुज है. में ऑफिस में काम करता हु. ऑफिस छोटा है. सिर्फ ९ लोग ऑफिस में काम करते
मेरा नाम शंकर है. में उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु. हमारा घर रास्तेके किनारे एक दुकान के ऊपर के
मेरा नाम कविता है. में कॉलेज में पढ़ती हु. में बहोत दिनों से इसी बात पे ध्यान दे रही थी