Chachi sex story

मैं पढ़ाई के लिए दिल्ली आया और एक कमरा लिया रहने के लिए. मकान मालकिन भाभी को देख कर लगा
पम्मी दीदी के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुए अभी महिना ही गुज़रा था की एक दिन जब मैं और
कुछ दिनों पहले की बात है. शाम को दरवाजेकी घंटी बजती है. में अपने मोबाइल पे गेम खेल रहा था.
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
ये तब की कहानी है जब मेरी दीदी की शादी नहीं हुई थी। मैं और मेरी दीदी (बड़ी बहन) दादाजी
सेक्सी आंटी सेक्स स्टोरीज में, मेरी चाची अपने चाचा से झगड़े के बाद हमारे घर में रहने लगीं। वह एक
कुछ दिनों पहले की बात है. ऑफिस में दिवाली का त्यौहार मनाया जाना था. सारे लोगो को हॉल में बुलाया
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया
इकलौता लड़का होने के कारण मेरे घर के अमूमन हर काम का बोझ मेरे ही सर पर था और वैसे
ससुर और बहू यह कहानी उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक गांव के एक परिवार की है। ननकू 45