Family group sex story

मेरी मम्मी का नाम हैं दीपिका और मेरी मम्मी बहुत ही चुदासी औरत है, वो अक्सर पराये मर्दों को घर
मेरा नाम अर्जुन है. ये घटना कुछ दिनों पहलेकी है. में और मेरा दोस्त आरव ने घर पे दारू पिने
मेरा नाम पंकज है. में और मेरी गर्लफ्रेंड साक्षी दोनों मेट्रो से जा रहे थे. कुछ देर बाद मेने देखा
मेरा नाम आशुतोष है. में बिहार का रहने वाला हु. कुछ ही दिन पहले मेरा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन हुआ.
मेरा नाम नैना है. में २४ साल की हु और माँ के साथ रहती हु. जब से मेरे माता पिता
मेरा नाम अंकुश है, मैं 28 साल का एक जवान लड़का हूँ, मैं दिखने में ख़ूबसूरत भी हूँ.. लेकिन काम
हाय दोस्तों, ये कहानी मेरी ज़िंदगी का वो हिस्सा है जो मैं कभी किसी को बताना नहीं चाहता था, लेकिन
मेरा नाम अली है. बचपन से घर में गरीबी होने की वजसे ठीक से परवरिश हो नहीं पायी. पापा टैक्सी
कुछ दिनों पहले की बात है. सुभह का वक्त था. बड़े भैया काम से जल्दी घर से निकल गए थे.
हाई फ्रेंड, मेरा परिचय तो आप जानते ही हैं. मैं आपकी संस्कृति हूँ. अन्तर्वासना पर मेरी पिछली दो कहानियाँअजीब दास्ताँ