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कैसेहो दोस्तों. मेरा नाम मनोज है. में उत्तरप्रदेश का रहनेवाला हु. अभी में १३वी कक्षा में पड़ता हु. कुछी दिन
कुछ दिनों पहले की बात है. सुभह का वक्त था. बड़े भैया काम से जल्दी घर से निकल गए थे.
मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ और हमें अक्सर ट्रेनिंग्स और मीटिंग्स के लिए दुसरे शहरों में जाना
दो दिन पहले की बात है. संजना ने मुझे फोन किया और मिलने बुलाया। संजना और में कॉलेज के दोस्त
सुभह नास्ता करते समय पति ने मुझे कपडे पहनते हुए बुलाया. शीतल यहाँ आना जरा. पति ने बताया के आज
कुछ ही दिनों पहले की बात है. में अपने कंप्यूटर क्लास से ७ बजे घर आई. घर आके देखा तो
संत बाबा एक ऊची पद्दवी होती है लेकिन कुछ बाबा उसका गलत इस्तेमाल करते है और भोली भाली औरतों का
कुछ दिनों पहले की बात है. पापा ने मुझे आकर पूछा, आकाश मेरे दोस्त ने दो टिकट भेजी है. हम
दोस्त की बर्थडे पार्टी में सब नाच रहे थे. अचानक पिछेसे किसी लड़की ने आवाज लगायी …..  विवेक. में धीरेसे
मेरा नाम विनोद है. में स्कूल में पड़ता हु. ये कहानी कुछ महीनो पहले की है. मेरी नजर हमेशासे मेरी
दोस्तो मैं अंकिता, अपने घर में मैं सब चुदवा चुकी हूँ. मैंने जब जवानी की दहलीज पर कदम रखा तब
मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह
मेरी शादी की रात मुझे महसूस हुआ कि मेरी पत्नी एक मस्त माल थी और वह पहले भी कई बार
उस पहली रात के बाद से हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। रुचिका अब मेरी लाइफ का सबसे बड़ा एडिक्शन
निकुंज मेरे पति है. उनके चाचा कुछ ही दिन पहले शहर से गांव आये थे. उनका घर हमारे घर से
ससुर और बहू यह कहानी उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक गांव के एक परिवार की है। ननकू 45
मेरा नाम शंकर है. में उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु. हमारा घर रास्तेके किनारे एक दुकान के ऊपर के
सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। नॉनवेज स्टोरी
हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा.
मेरा नाम अनुज है. में ऑफिस में काम करता हु. ऑफिस छोटा है. सिर्फ ९ लोग ऑफिस में काम करते