सास की बड़ी गांड से प्यार हो गया

रितिका और में कुछ दिनों के लिए उसके मायके रहने आये थे. मेरी सास बड़ी हसमुख किसम की औरत है. उनके सात मेरी अछि बनती थी. जब भी मिलते हम घंटो बाते करते। में हमेशा से अपनी सास की तरफ आकर्षित था. क्यो की उनकी बड़ी गांड देखकर मेरा लंड मचलने लगता.

रितिका जब भी आस पास नहीं होती, हमारी नज़रे मिलती. सास को भी पता था के में उनकी तरफ आकर्षित हो गया हु . घरमे रितिका के पापा हमेशा होते थे इसलिए मुझे कभी मौका नहीं मिला अपने सास को चोदने का. लेकिन दो बार मेने सास के स्तनों को दबाया था. एक बार गांड को भी हात लगाया था. मेरी सास और में हमेशा से करीब आना चाहते थे. लेकिन मौका ही नहीं मिल रहा था.

लेकिन आज रितिका के पापा अपने दोस्तों के सात गोवा गए थे. वो ३ दिन के बाद आने वाले थे. मेरे लिए ये सही मौका था.

हम जैसे ही घर पोहचे. अंदर आते ही सास से मेरी नजरे मिली. हम दोनों को भी पता था की इस मोके का हमें फायदा उठाना है.

अंदर आकर हम बैठे, कुछ देर हमारी बाते चली. रितिका घर आकर बहोत ही उस्सुक थी. उसे अपने घर वापस आकर बड़ा अच्छा लगता था.

कुछ देर बाद रितिका ने कहा में अपने कपडे अंदर अलमारी में रख देती हु. मुझे बताकर वो हमारी बैग लेकर अंदर के कमरे में चली गयी. में टीवी देखते बैठा था. सामने मेरी सास बैठी थी.

जैसे ही रितिका अंदर चली गयी. मेरी सास मुझे देखकर मुस्कुराई, मुझे कहने लगी. दामादजी आप बैठो में काम कर लेती हु. और मुस्कुराते हुए उठी और जानभूझकर मेरी तरफ झुककर मुझे अपने स्तनों का दर्शन देने लगी. अपनी साडी को दूर कर लिया था ताके मुझे अंदर तक ठीक से दिखाई दे.

झुककर चाय की प्याली उठाते हुए मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई। मेरी तो आँखे खुली की खुली रह गयी. इतने बड़े बड़े स्तनों को देखकर मुँह में पानी आ गया.

अभी अगर रितिका आस पास नहीं होती तो जाकर सीधा स्तनों को दबा देता। अह्ह्ह्ह। . गोर गोर बड़े स्तनों को देखकर दिल खुश हो गया.

सास ने चाय के प्याले उठाये और अंदर किचेन में जाने लगी. जैसे वो मुड़ी और चलने लगी. सास की मटकती हुई गांड देखकर तो लंड खड़ा ही हो गया. जैसे वो कमर मटकाते हुए चल रही थी. मेरा हात अपने आप मेरे लंड को मसलने लगा. अह्ह्ह.. शहहह

सास अंदर चली गयी, लेकिन में यहाँ तड़पने लगा. कुछ देर तो मेने अपने आप को संभाला, लेकिन फिर मुजसे रहा नहीं गया. में उठकर किचेन में गया तो देखा सास बर्तन धो रही थी.

मेने दूर से देखा की रितिका अभी भी अपने कमरे में है. मेने सोचा यही मौका है. में किचेन में अंदर आया, सास ने मुझे आते हुए देखा लेकिन कुछ बोली नहीं. में जानबूझकर सामने रखे फ्रिज से पानी की बोतल लेने आगे बढ़ा. जब में सास के पीछे से जा रहा था. मेने धीरेसे अपना हात सास की गांड पे घिस दिया।

सास ने कुछ नहीं कहा. मेने पानी की बोतल फ्रिज से निकाली, और सास के करीब खड़े होकर उनसे बाते करते हुए सास के कटीले बदन को ऊपर से निचे नज़रे घुमाते हुए टटोल रहा था. इस उम्र में भी सास का शरीर कामुक था.

मुजसे रहा नहीं गया. हात बार बार सास की तरफ बढ़ रहा था.

मेरे एक हात में पानी की बोतल पकडे हुए, दूसरे हात को सीधा सास के स्तनों पर ले गया. वो काम करती रही. मे दरवाजे की तरफ आँखे रखते हुए सास के स्तनों को दबाने लगा. अह्ह्ह्ह.. सास थोड़ा सिसकने लगी.

सास के चेहरे पे बदलते हुए भाव देखकर मेरा लौड़ा तन गया. मेने कसकर सास के स्तनों को पकड़ा और दबाते रहा. दोनों स्तनों को बारी बारी दबाता रहा। अह्ह्ह अहहह. रितिका के स्तनों से भी बड़े थे मेरी सास के स्तन. अह्ह्ह्ह. मजा आ रहा था.

स्तनों को दबाने के बाद , मेने अपना हात निचे सरकाया और पेट से निचे रगड़ते हुए चुत की तरफ पोहचा, और साडी के ऊपर से ही धीरेसे सास की चुत को सहलाने लगा. सास और मचलने लगी. अह्ह्ह अहहह. अह्ह्ह. अहह. उसकी मदहोश अदा देख मेरा जी मचलने लगा. ऐसे लगा की अभी इसको नंगा करू और चोदना सुरु करू.

लेकिन रितिका दूसरे कमरे में ही थी. जैसे ही हात चुत पे रगड़ने लगा. सास से भी रहा नहीं गया, उसने अपना एक हात सीधा मेरे लौड़े पे रखा और पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड दबाने लगी. आह्ह्ह्ह. लंड पहले से ही तना हुआ था. सास ने ऊपर से ही लंड को पकड़ लिया और मसलने लगी. अह्ह्ह्ह अहहह. अहहह

सास जिस तरह लंड दबा रही थी. मेरा दिमाग पागल होने लगा, मेने बोतल को पास में रख दिया. और दूसरा हात सास की गांड पे रखकर गांड को भी कसकर पकड़के दबाने लगा. आह्ह्ह्ह. बड़ी गांड काफी मुलायम थी. आगे चुत को रगड़ रहा था, और पीछे गांड को. अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.

सास भी जोश में आ गयी और मेरे लंड को और जोर से दबाने लगी. अह्ह्ह अहहहह अहह.. अहहह अहहह.

दोनों भी चुदाई के मूड में आ ही गए थे तभी रितिका की बाहर से आवाज सुनाई दी. हम डर गए और में झट से पीछे मुड़ा। फ्रिज खोलकर अंदर कुछ ढूंढने का नाटक करने लगा.

उतने में रितिका किचेन में आ गयी. सास बरतन धोने लगी.

उसने आकर मुजसे पूछा, तुम अभी नहाने वाले हो. तो मेने कहा, हां… थोड़ी देर में नाहा लूंगा।

में रितिका की तरफ देखते हुए किचेन से बाहर निकला.

मेरा लंड पेंट के अंदर तना हुआ था. में अपने कमरे में गया और नाहा लिया.

पुरे दिन सास और में एक दूसरे को चुपके चुपके देखते रहे. रितिका आस पास ही घूमती रहती तो कुछ करना मुश्किल था.

किसी तरह दिन ख़तम हुआ. मेरे मन में तो आग लगी थी, सास की आखे देख पता चल रहा था की वो भी अंदर से तड़प रही है.

करीब ८ बजे शामको हम खाना खाने बैठे. खाना लेने के लिए रितिका टेबल पे आने के पहले मेने उसके पानी के गिलास में नींद की गोली दाल दी.

सास ने मुझे देखा। मेने कहा नींद की गोली। वो समज गयी.

हम बिना कुछ कहे खाना खाने लगे. खाना ख़तम हुआ. और सोने जाने लगे.

तभी रितिका ने कहा, मुझे बहोत नींद आ रही है. में सोने जा रही हु. में और सास एक दूसरे की तरफ देखने लगे.

रितिका कमरे में चली गयी और अंदर जाते ही सो गयी.

कुछ देर बाद में कमरे में गया, और रितिका को उठाने की कोशिश करने लगा. लेकिन रितिका गहरी नींद में थी. नींद की गोली ने अपना असर कर दिया. अब रितिका सीधा सुभह ही उठेगी।

रातके ११ बज रहे थे. मेने रितिका के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद किया. और जैसे ही में सास के कमरे में पोहचा, सास ने सीधा मेरी तरफ आकर मुझे कसकर गले लगा लिया.

मेने भी पीठ पे हात रखकर सास को कसकर पकड़ लिया. एक हात से पीछे का दरवाजा बंद किया और सास को चूमते हुए में उसे पलंग के करीब ले आया. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह . दोनों भी हवस से भरे थे.

एक दूसरे को पागलो की तरह चूमने लगे. होठो पे होठ घिसने लगे. सास को देखकर लग रहा था की वो भी किसी मर्द का इतंजार कर रही थी.

सास की तड़प देखकर तो में हैरान हो गया. उसने मेरा टीशर्ट उतार दिया और मेरी गर्दन पे चूमने लगी. अह्ह्ह्हह. मुजसे भी रहा नहीं गया, मेने उसकी पहनी हुई साडी को निकालना सुरु किया. पल्लू निचे गिरा और स्तनों का स्पर्श मेरे छाती पे होने लगा. सास की गर्दन चूमने हुए मेने कसकर स्तनों को पकड़ा और दबाने लगा. अहहह अहहह. उम्म्म्म ाएममममम

देखते ही देखते सास का ब्लाउज़ निकला, जैसे ही दोनों स्तन बाहर निकले, देखकर मेरे तो होश ही उड़ गए. इतने बड़े स्तन और सुंदर निप्पल को देखकर में पागल ही हो उठा. मेने दोनों हातोंसे से स्तनों को पकड़ा और निप्पल को चूसने लगा. अह्ह्ह्ह अहहह. अहहह. ऐसे ही बड़े स्तन मुझे पसंद है. अह्ह्ह आह्हः. अहहह सास भी सिसकने लगी. आहहह हहहह। …

आज तो इसे चोद दूंगा। . अह्ह्ह अहहह. कसकर स्तनों को पकड़के दबा रहा था और आनंद लेने लगा. अह्ह्ह. दोनों स्तनों को चुम लिया.

मेरे हात जैसे ही स्तनों से हटे, मेने साडी का पल्लू पकड़ा और खींचकर सास को नंगा करने लगा. साडी हटी और सास मेरे सामने अपनी निकर पे खड़ी हुई. अह्ह्ह्ह कटीला बदन, बड़े बड़े स्तन, और नशीली आखे देख में घायल हो गया.

मेने अपनी पैंट उतारी. पीछे रखे पलंग पे सास को बिठाया, उसके सामने अपनी अंडरवेर राखी, सास ने दोनों हातोंसे से मेरी अंडरवेर निचे उतारदी.

जैसे ही मेरा खड़ा लंड उछल के बाहर निकला, सास ने तुरंत उसे मुठी में पकड़ा और मुँह में लेकर चूसने लगी. आअह्हह्ह्ह्ह.. अह्ह्ह. इतनी बैचेनी देखकर में खुश हो गया.

सास ने जोर जोर से लंड को हिलाते हुए चूसना सुरु किया. अहःअहः. सास के मुँह में अपना लंड अंदर बाहर होते हुए देख जो आनंद मिल रहा था, शब्दोमे बया करना मुश्किल है. अह्ह्ह्ह अहहह.

अह्ह्ह्ह क्या चूस रही थी आह्हः अहःअहः अहहह. मन खुश कर दिया सास ने. अह्ह्ह्हह अहहह

काफी देर सास ने लंड को चूसा फिर जैसे ही में पीछे हटा, सास पलंग पे लेट गयी, में सास के ऊपर चढ़ा और उसके पेट पे चुनते हुए नाभि को चाटने लगा . आह्ह्ह्ह. सास मछली की तरह तड़पने लगी. मेरी जीभ नाभि के ऊपर घूमती रही.

चूमते हुए में निचे जाने लगा. सास की टाँगे भी काफी आकर्षित थी. गोरी मॉस से भरी जांग को में चूमने लगा. अह्ह्ह अहहह. उम्म्म्म

जांग को चूमते हुए सास की निकर को पकड़ा और खींचकर निचे उतार दिया। जैसे ही निकर उतरी और सास की चुत के दर्शन हुए. मेरा सबर टूट गया. मेने सास के पैर फैलाये और सीधा चुत पे टूट पड़ा. जबान से चुत को चाटने लगा. आह्ह्ह्ह हहहह.. उफ्फ्फ्फ़. चुत पहलेसेही गीली हो चुकी थी. में जबान को अंदर डालकर चूसने लगा.

अह्ह्ह्हह सास पलंग पे तड़पने लगी अहहह अहहह यह. उम्म्म्म अह्ह्ह्ह.

मेने चुत को चाटना जारी रखा. अह्ह्ह्हह. अहह. चुत का पानी चाट चाट के पि रहा था. अह्ह्ह अहह. उम्मम्मम्म

अब मुजसे रहा नहीं गया. निचे लंड भी उछल रहा था. मेने ऊपर उठाकर लंड को आगे किया, चुत के छेद में लंड को रखा और धीरेसे अंदर डालते हुए सास के ऊपर लेट गया. निचे से लंड भी चुत में अंदर तक चला गया. आह्ह्ह्ह. लंड चुत में फस गया. आहहह बड़ा अच्छा लग रहा था.

सास की आखो में देखकर निचे कमर को आगे पीछे करते हुए लंड को चुत के अंदर पटकने लगा. अह्ह्ह्ह अहह हहहह. उम्म्म्म फम्म्म्म

सास के चेहरे के भाव देखकर चोदने में और भी मजा आ रहा था. अहहह अहह. उफ्फ्फ्फ़. उम्म्म्म अह्ह्ह्ह

मेरा शरीर भट्टी की तरह तप रहा था, मेने अपनी गति बधाई और दे दनादन चुत में लंड को मारते हुए सास को चोदने लगा अहहह अहह अहह फ़फ़फ़फ़फ़. अहहह फ्फ्फ

अह्ह्ह सास भी चीखने लगी. अहह अहहह अहहह। उफ्फ्फ्फ़. आआह्ह्ह. उफ्फ्फ

अब दोनों को किसी का भी डर नहीं था. अह्ह्ह अहहह अहहह.

काफी देर तक ऊपर से चुदाई की फिर मेने सास को पलट के सुलाया.

जैसे ही सास की बड़ी गांड मेरे सामने आयी, मेने अपना मुँह गांड के ऊपर रखा और गांड पे अपना मुँह घिसने लगा. अह्ह्ह अहहह. उफ्फ्फ्फ़. अह्ह्ह्ह अहह..

बहोत बड़ी गांड थी सास की. और इतनी कोमल के मेरा मन गांड पे काटने का हो रहा था. मेने किसी तरह अपने आप को संभाले रखा और होठो से गांड को चूमकर में पीछे घुटनो पे बैठा.

फिर सास को घोड़ी बनाकर जैसे ही मेने लंड को चुत में धकेला. चुत ने लंड को कसकर जकड लिया.

जकड़ी हुई चुत में लंड को अंदर बाहर करने में और भी मजा आ रहा था. लंड अछि तरह चुत में घिस रहा था. अह्ह्ह अहहहहहह अह्ह्म्म उफ्फ्फ्फ़

मेने गांड पे दो चपेट लगायी. और गांड को दबाते हुए सास को चोदने लगा अह्ह्ह अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह

कसकर कमर पे पड़के, जोर से धक्के लगा रहा था. अहहह। दोनों भी चिल्ला रहे थे. अहहह अहहह हाहाहा

पूरा पलंग हिल रहा था. अह्ह्ह अहहह. उफ्फ्फ. अम्मम्म। .. सास की नंगी पीठ पे हात घुमाते हुए चोद रहा था. हहह अह्ह्ह

काफी देर चुदाई चली फिर जैसे ही मेरे लंड ने पानी निकलने का इशारा दिया, मेने लंड को तुरंत बाहर खींचा और सास की गांड के बिच लंड को दबा दिया. लंड ने सारा पानी वही छोड़ दिया. आह्ह्ह्हह. अहहह. गांड की दरार में मेरे लंड से निकला पानी बहने लगा. अह्ह्ह्ह अहहहह अहहहहहहहहह

जब पूरा पानी निकला. लंड को पकड़ के गिला लंड गांड पे घिसते हुए साफ किया और फिर में पीछे हटा.

सास इस लम्बी चुदाई से बाद थक गयी थी. वो नंगी ही पलंग पे सो गयी.

मेने अपने कपडे उठाये और पहनकर अपने कमरे में चला आया.

रितिका अभी भी गहरी नींद में थी. में सो गया.

उस रात के बारेमे रितिका को कभी पता नहीं चला

उस दिन की चुदाई के बाद से सास और मेरे बिच गहरा रिस्ता बन गया था.

कैसी लगी आपको मेरी कहानी कमेंट करके जरूर बताना

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