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कुछ दिनों पहले की बात है. पड़ोस की आंटी दुपहर के करीब २ बजे छत पे आकर कपडे सुखाया करती
मेरा नाम रेनू है. मेरे पति नीरज काफी दिनों से हम बाते कर रहे थे की एक बार बीवियों की
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर
मेरा नाम श्याम है में कॉलेज में पढता हु. कुछ ही महीनो पहले हमारी फॅमिली अल्ल्हाबाद आ गयी थी. पापा
मेरा नाम सुबु है. में नेपाल से कुछ ही दिनों पहले एक स्पा में काम करने आयी थी. हमारे यहाँ
शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर
मेरा नाम श्रुति है. में बिहार की रहने वाली हु. मेरे माता पिता दोनों भी अछि जॉब करते थे. पैसा
निकुंज मेरे पति है. उनके चाचा कुछ ही दिन पहले शहर से गांव आये थे. उनका घर हमारे घर से
आज सुभह जल्दी उठ गई थी. सोचा काम करके दुपहर को थोड़ा आराम कर लुंगी. काम करनेही लगी थी तभी
हम एक गांव में रहते हे. गांव में हमारी बड़ी कोठी है. वैसे गांव में ज्यादा लोग नहीं है. बहोतसे
आज सुभह जल्दी उठकर कॉलेज चला गया. दोस्तों से भी मिलना था और कुछ किताबे लेनी थी. लेकिन जैसे ही
में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम
सुभह का वक्त था. नहाकर निकली और कपडे पहनके ऑफिस के लिए निकल रही थी. कमरे से बाहर आई तो
मेरी शादी को अभी १ साल होने आया है. लेकिन इन एक साल में मेरे पति ने जो मुझे पेला
डिवोर्स के बाद में अपनी बेटी को लेकर बड़े शहर चली आयी. जब डिवोर्स हुआ तब मेरी बेटी १२ साल
मुंबई की एक बड़ी कंपनी में में सिक्योरिटी गॉर्ड की जगह लगा हु. मेरा नाम सुरेंद्र है. उम्र २४ साल
दो दिन पहले की बात है. संजना ने मुझे फोन किया और मिलने बुलाया। संजना और में कॉलेज के दोस्त
मेरा नाम राज कुमार है. प्यार से लोग मुझे राज कहते है. कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे चाचा
मेरा नाम जय है. में रोहतक में रहता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. में अपनी छोटी चाची के
मेरा नाम नंदिनी है. ये कथा कुछ दिनों पहले की है. में एक स्कल में टीचर हु. बड़े बच्चो को