Raj sharma hindi

नमस्कार, मैं महेश हूँ। यह कहानी मेरी एक छात्रा और मेरे बीच प्रेम संबंध की है, जो बाद में शारीरिक
मेरा नाम अनुज है. में ऑफिस में काम करता हु. ऑफिस छोटा है. सिर्फ ९ लोग ऑफिस में काम करते
पत्नी के मायके जाने के बाद, बेटी ने पत्नी की भूमिका संभाली। नमस्कार. मैं महेश हूँ। आज मैं आपको बताने
मेरा नाम नमिका है. में दिल्ली की एक कंपनी की मालकिन हु. पापा का बिज़नेस था जो अभी में चलाती
मेरा नाम तन्वी है. में २४ साल की हु. मेरे पापा एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिज़नेस करते है. माँ डॉक्टर है. कुछ
सतीश के साथ काफी दिनों से व्हाट्सप्प पे बात चल रही थी. कॉलेज के वक्त उसने मुझे पटा लिया था.
आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही हूँ। मेरा नाम कविता है और मेरी शादी हुए मात्र छह महीने हुए
मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ और हमें अक्सर ट्रेनिंग्स और मीटिंग्स के लिए दुसरे शहरों में जाना
कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने
भल्ला सर हमारे कंपनी के नए सी ए थे और उनके आने से अच्छी खासी टाइटनेस हो गई थी सिस्टम
मेरा नाम मीरा है. जबसे मेरे स्तनों का आकर बढ़ा है, बार बार मेरा मन स्तनों को दबानेका करता रहता
शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर
हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मनोज है, और मैं ग़ाज़ियाबाद का रहने वाला हूं। मैं एक इंजीनियर हूं। मेरी हाईट 5
मेरी शादी की रात मुझे महसूस हुआ कि मेरी पत्नी एक मस्त माल थी और वह पहले भी कई बार
मेरा नाम नंदिनी है. ये कथा कुछ दिनों पहले की है. में एक स्कल में टीचर हु. बड़े बच्चो को
मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ती हूँ और आनन्द लेती हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और
दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है। मेरी ज़िंदगी में कहानियाँ बहुत कम हैं। मैंने सोचा था कि यह भी ज़िन्दगी
में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम
रात के अँधेरे में मैंने लंड चूसा अपने पड़ोस के भैया का. वह मुझे चॉकलेट कैंडी लॉलीपॉप दिलाते थे. एक
मेरा सर्किल काफी बड़ा है लेकिन बेस्ट फ्रेंड सिर्फ एक थी उसका नाम है अनामिका पेट नेम एनी, हम लोग

राज शर्मा हिन्दी

आपका स्वागत है इस वेबसाइट पर, जहां आप राज शर्मा की पूरी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानियां बिना किसी रोक-टोक या सेंसरशिप के, सच्चाई, गंदगी, संघर्ष और जिंदगी के हर कड़वे सच के साथ पढ़ सकते हैं। राज शर्मा की हिन्दी दास्तां कोई साधारण प्रेरणादायक कथा नहीं है। यह एक आम गांव के लड़के की वो कहानी है जो सपनों को हकीकत बनाने के लिए दिल्ली की क्रूर दुनिया से टकराया। बचपन में पिता की मौत का सदमा, मां के आंसू और खेतों में मजदूरी करते हुए राज ने कभी हार नहीं मानी। स्कूल के बाद भी काम करता, रात को किताबों में डूबकर बड़े-बड़े सपने देखता।

बीस साल की उम्र में दिल्ली पहुंचा तो जेब में सिर्फ कुछ सौ रुपये थे। स्टेशन की बेंच पर पहली रात काटी। सुबह चाय की दुकान पर काम शुरू किया, फिर होटल में वेटर, छोटी कंपनी में क्लर्क। लेकिन राज में कुछ खास था। वह चुपचाप सीखता गया, रातों को कंप्यूटर पर हाथ आजमाता, स्किल्स बढ़ाता। एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिली लेकिन बॉस की लालची नजरें और ऑफिस की गंदी राजनीति ने उसे तोड़ने की कोशिश की। राज ने सब झेला और जब ब्लैकमेल हुआ तो उसने सब एक्सपोज कर दिया। नौकरी गई लेकिन इज्जत बची।

फिर शुरू हुई असली जंग। अपना स्टार्टअप शुरू किया। पुरानी लैपटॉप, छोटी टीम और अनगिनत बिना सोए रातें। पैसे की तंगी में कई बार मौत के कगार पर पहुंचा। दोस्तों ने धोखा दिया, गर्लफ्रेंड प्रिया ने छोड़ दिया। राज टूटा, शराब पी, सिगरेट फूंकी, बारों में रातें बिताईं और जिंदगी की हर गंदगी को चखा। लेकिन हर गिरावट के बाद वह और मजबूत उठा। एक दिन मेहनत रंग लाई। बड़ा इन्वेस्टर मिला और कंपनी चल निकली। राज शर्मा अब शहर का जाना-माना बिजनेसमैन बन चुका था। महंगी गाड़ियां, बड़ा बंगला, लेकिन अंदर खालीपन।

फिर पुरानी पड़ोसन सीमा वापस आई। दोनों ने बिना औपचारिकता के साथ रहना शुरू किया। उनके रिश्ते में जुनून था, लड़ाइयां थीं और समझ थी। सफलता के साथ दुश्मन भी बढ़े। प्रतिद्वंद्वियों ने फंसाया, पुलिस केस लगे, मीडिया ट्रायल हुआ। राज ने गंदा खेल खेला और कहा, “जिंदगी गंदी है तो मैं भी गंदा बनकर लड़ूंगा।” आखिरकार वह जीत गया। आज राज शर्मा करोड़पति है लेकिन गांव जाता है, गरीब बच्चों को मदद करता है और कहता है – सपने देखो लेकिन हर कीमत चुकाने को तैयार रहो।

राज शर्मा की ये हिन्दी कहानियां टूटने, गिरने, गंदा होने और फिर खड़े होने की सच्ची दास्तां हैं। यहां आप इस पूरी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानी को विस्तार से पढ़ सकते हैं। हर संघर्ष, हर धोखा, हर रात की अकेलापन, हर सफलता का जश्न और हर सबक। इसमें कोई झूठा नायक नहीं, सिर्फ एक इंसान है जो लड़ता रहा।

अगर आपको राज शर्मा जैसी सच्ची, बिना फिल्टर वाली हिन्दी कहानियां पसंद हैं तो इस वेबसाइट पर और भी कई दास्तानें उपलब्ध हैं। पढ़िए, महसूस कीजिए, सीखिए और अपनी जिंदगी में हौसला भरिए। राज शर्मा की तरह कभी हार मत मानिए। जिंदगी चाहे कितनी भी कठिन हो, लड़ाई जारी रखनी चाहिए।