Mami sex story

दोस्तो, मैं पंकज … आज आपके सामने जीवन की एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ। मैं एक कंपनी में
मेरा नाम रेनू है. में एक गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में पढ़ती हु. कॉलेज की छुट्टियों में घर आयी थी.
हाई फ्रेंड, मेरा परिचय तो आप जानते ही हैं. मैं आपकी संस्कृति हूँ. अन्तर्वासना पर मेरी पिछली दो कहानियाँअजीब दास्ताँ
पार्ट २ के बाद से हर दिन ऑफिस में उसकी एक झलक भी मुझे पागल कर देती थी। वो जानबूझकर
जब मेरी शादी हुई तो मैं चुदने को बेताब थी, पर मेरा पति अपनी छोटी सी लुल्ली लेके आया और
लड़कियों की चूत और गांड को चोदने का मजा ही कुछ और है। मुझे लड़कियों के निप्पल को चूसना बेहद
मेरा नाम जय है. में रोहतक में रहता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. में अपनी छोटी चाची के
मेरा नाम वैभवी है. मेरी शादी घरवालों ने करवा दी. मेरे पति आदित्य एक प्रायवेट कंपनी में जॉब करते है.
ईशा की खूबसूरती और हॉट एंड सेक्सी फिगर ने कॉलेज के सभी लड़कों को दीवाना बना रखा है। उसकाएक क्लासमेट
पम्मी दीदी के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुए अभी महिना ही गुज़रा था की एक दिन जब मैं और
मेरी शादी की रात मुझे महसूस हुआ कि मेरी पत्नी एक मस्त माल थी और वह पहले भी कई बार
ये माँ-बेटे की सेक्स कहानी मेरी अपनी कहानी है. अपने सौतेले बेटे के साथ सेक्स करने के बाद मैं गर्भवती
मेरा नाम अनिल कुमार है. मे कुछ दिनों पहले  गुरुग्राम में रहने आया था. उम्र २६ साल. मेरी कंपनी का
सिस्टर ब्रा पैंटी सेक्स कहानी में कॉलेज में एक लड़की को मैंने बहन बना लिया. उसका बॉयफ्रेंड उसे चोदता था.
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
सुभह जब में उठा, निचे काफी शोर गुल चल रहा था. उठकर आया आया और झांककर देखा तो मौसी और
शामको में जिम से आया, लिफ्ट के लिए रुका था, तभी हमारे बिल्डिंग के ७वी मंजिल पे रहने वाले अंकल
कुछ दिनों पहले की बात है. पापा ने मुझे आकर पूछा, आकाश मेरे दोस्त ने दो टिकट भेजी है. हम
जब पंकज की बीवी गर्भवती थी, तो उनको भी संयम रखना पड़ता था. पर एक दिन आखिरकार वो संयम टूटा
दोस्तों मेरा नाम अविनाश हैं और मैं आज आप लोगों के लिए एक मस्त हिंदी सेक्स कहानी ले के आया