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Pranay katha

सुभह करीब ११ बजे में गौरव के घर गया. गौरव मेरा दोस्त है. मेरा नाम गोपाल है. में २० साल
सुभह नास्ता करते समय पति ने मुझे कपडे पहनते हुए बुलाया. शीतल यहाँ आना जरा. पति ने बताया के आज
मेरा नाम सोहम है. में अपनी बीवी रीना के साथ जैसेलमेर घूमने आया था. रीना और में हम दोनों काफी
मेरा नाम वैभवी है. मेरी शादी घरवालों ने करवा दी. मेरे पति आदित्य एक प्रायवेट कंपनी में जॉब करते है.
मेरा नाम रविंद्र है. लोग मुझे रवि के नाम से जानते है. में कॉलेज में पढता हु. आज जो स्टोरी
मेरा नाम नमिका है. में दिल्ली की एक कंपनी की मालकिन हु. पापा का बिज़नेस था जो अभी में चलाती
मेरा नाम युसूफ है. में स्कूल में पढता हु. ये मेरे बचपन की कहानी है. अब्बू ने दो शादिया की
मेरा नाम मीरा है. जबसे मेरे स्तनों का आकर बढ़ा है, बार बार मेरा मन स्तनों को दबानेका करता रहता
मेरा नाम अनीता है. में दिल्ली में रहती हु. आज जो में कहानी बताने जा रही हु. वो सच्ची घटना
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
सुभह जब में उठा, निचे काफी शोर गुल चल रहा था. उठकर आया आया और झांककर देखा तो मौसी और
मुंबई की एक बड़ी कंपनी में में सिक्योरिटी गॉर्ड की जगह लगा हु. मेरा नाम सुरेंद्र है. उम्र २४ साल
डिवोर्स के बाद में अपनी बेटी को लेकर बड़े शहर चली आयी. जब डिवोर्स हुआ तब मेरी बेटी १२ साल
मेरी शादी को अब १ साल हो गया था. मेरी बीवी सलोनी काफी दिन से कह रही थी कही बहार
मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह
मेरा नाम जय है. में रोहतक में रहता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. में अपनी छोटी चाची के
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर
मेरा नाम कविता है. मेरा २२ साल का एक बेटा है. कुछ दिनों पहले मेरे पति ने ऑफिस से घर
मेरा नाम सुबु है. में नेपाल से कुछ ही दिनों पहले एक स्पा में काम करने आयी थी. हमारे यहाँ
मेने घर में कैमरा लगा के रखा था ताके मुझे पता रहे के मेरे काम के जाने के बाद घर

प्रणय कथा

आपका स्वागत है इस वेबसाइट पर, जहां आप प्रणय की पूरी अनफिल्टर्ड कथा बिना किसी रोक-टोक या सेंसरशिप के, सच्चाई, गंदगी, संघर्ष, प्यार और जिंदगी के हर कड़वे-सच्चे मोड़ के साथ पढ़ सकते हैं। प्रणय की कथा कोई फिल्मी नायक वाली कहानी नहीं है। यह एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार के लड़के की वो दास्तां है जो सपनों के पीछे भागते हुए दुनिया की सच्चाई से टकराया। बचपन में पिता की सख्ती, मां की ममता और छोटे शहर की सीमित जिंदगी ने प्रणय को हमेशा कुछ बड़ा करने की चाहत दी। स्कूल में अच्छे नंबर लाता, लेकिन अंदर से विद्रोही था।

कॉलेज पहुंचते ही प्रणय की जिंदगी बदल गई। दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिला तो घरवालों ने बहुत विरोध किया, लेकिन उसने हार नहीं मानी। वहां दोस्ती हुई रिया से। रिया खूबसूरत, जिंदादिल और थोड़ी विद्रोही। दोनों की दोस्ती जल्दी प्यार में बदल गई। रातें लाइब्रेरी के बाद हॉस्टल की छत पर गुजरतीं, चुम्बन, छुअन और वो गंदी बातें जो शरीर को गर्म कर देतीं। प्रणय ने पहली बार रिया के साथ सेक्स किया। रिया की नरम चूचियां, गीली चूत और जोरदार चुदाई की वो रातें आज भी याद आती हैं। लेकिन प्यार के साथ धोखा भी आया। रिया ने दूसरे लड़के के साथ संबंध बना लिए। प्रणय टूट गया, शराब पी, सिगरेट फूंकी और कई रातें बार में गुजारीं।

फिर शुरू हुई असली लड़ाई। ग्रेजुएशन के बाद प्रणय ने जॉब की तलाश शुरू की। कई इंटरव्यू फेल हुए, पैसे की तंगी रही। एक छोटी कंपनी में काम मिला तो बॉस की गंदी राजनीति का सामना करना पड़ा। प्रणय ने छोड़ दिया और अपना स्टार्टअप शुरू किया। अनगिनत रातें, असफलताएं, दोस्तों का साथ छोड़ना और परिवार का दबाव। एक बार तो आत्महत्या तक सोच लिया था। लेकिन मां की याद ने उसे संभाला। फिर एक दिन बड़ा ब्रेक मिला। उसका आइडिया इन्वेस्टर को पसंद आया। कंपनी चल निकली। सफलता के साथ पैसे आए, नाम आया, लेकिन अंदर का खालीपन रहा।

प्रणय की जिंदगी में फिर प्रिया आई। प्रिया एक तलाकशुदा औरत थी, समझदार और जुनूनी। दोनों ने बिना शादी के साथ रहना शुरू किया। उनके रिश्ते में प्यार था, लड़ाइयां थीं, बेड पर वो जुनून था जो दोनों को जीवित रखता। प्रणय अब खुलकर जीता – पैसे, पावर, गुस्सा और इच्छाएं। लेकिन सफलता के साथ दुश्मन भी बढ़े। बिजनेस राइवल्स ने फंसाने की कोशिश की, कानूनी मामले आए। प्रणय ने सबका सामना किया और कहा, “जिंदगी गंदी खेल है, तो मैं भी गंदा खेल खेलूंगा।” आखिरकार वह जीत गया।

आज प्रणय सफल उद्यमी है लेकिन वह कभी नहीं भूलता कि कहां से शुरू किया था। वह छोटे शहर जाता है, युवाओं को मार्गदर्शन देता है और कहता है – सपने देखो, लेकिन गिरने और उठने के लिए तैयार रहो। प्रणय की कथा टूटने, गिरने, गंदा होने और फिर मजबूत बनने की सच्ची दास्तां है।

यहां आप प्रणय की पूरी अनफिल्टर्ड कथा विस्तार से पढ़ सकते हैं। हर संघर्ष, हर प्यार, हर धोखा, हर रात की अकेलापन और हर विजय का किस्सा। अगर आपको प्रणय जैसी सच्ची, बिना फिल्टर वाली हिन्दी कथाएं पसंद हैं तो इस वेबसाइट पर और भी कई दास्तानें उपलब्ध हैं। पढ़िए, महसूस कीजिए, सीखिए और अपनी जिंदगी में हौसला भरिए। प्रणय की तरह कभी हार मत मानिए।