अंतर्वासना

हाई माय फ्रेंड, मैं ये स्टोरी पहली बार लिख रहा हु। अगर आप को मेरी चुदाई स्टोरी पसंद आये, तो
शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर
पत्नी के मायके जाने के बाद, बेटी ने पत्नी की भूमिका संभाली। नमस्कार. मैं महेश हूँ। आज मैं आपको बताने
रात के अँधेरे में मैंने लंड चूसा अपने पड़ोस के भैया का. वह मुझे चॉकलेट कैंडी लॉलीपॉप दिलाते थे. एक
मेरा नाम सुबु है. में नेपाल से कुछ ही दिनों पहले एक स्पा में काम करने आयी थी. हमारे यहाँ
मेरा नाम राजन है. में २६ साल का हु. अभी अभी में नई कंपनी में काम पे लगा था. ऑफिस
आज सुभह जल्दी उठ गई थी. सोचा काम करके दुपहर को थोड़ा आराम कर लुंगी. काम करनेही लगी थी तभी
मेरा नाम विकास है और मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में मेनेजर हूँ, बात उन दिनों की है जब मैं
हेलो , आज जो बड़ा लण्ड और प्यासी चूत की कहानी बताने जा रहा हू वो मेरी प्यासी चूत की
दोस्तों ये जो कहानी में आपको सुनाने जा रहा हु ये मेरे जीवन का एक काला सच है जो मेने
मेरा नाम सुनीता है. मेरी शादी को करीब ३ साल हो गए है लेकिन अभी तक मेरा पति मुझे बच्चा
पार्ट २ के बाद से हर दिन ऑफिस में उसकी एक झलक भी मुझे पागल कर देती थी। वो जानबूझकर
सुभह का वक्त था. नहाकर निकली और कपडे पहनके ऑफिस के लिए निकल रही थी. कमरे से बाहर आई तो
सडक पर खड़े खड़े अपनी तीसरी सिगरेट के बट को नवीन ने खिंच खिंच के उसके आखरी धुंए को भी
सुबह की बात थी. पापा ने मुझे बाहर से आवाज लगायी. अर्जुन स्कूल नहीं जाना. जल्दी उठो. में पापा से
हेलों मेरे प्यारे सेक्स रीडर, आज हम आपको एक एसी रियल सेक्स स्टोरी बताने वाले हैं। जिसमें एक हसबैंड ने
मेरा नाम रचना है. लखनऊ में बक्शी का तालाब में मेरा घर पड़ता है. मैं 30 साल की जवान और
जब मेरी शादी हुई तो मैं चुदने को बेताब थी, पर मेरा पति अपनी छोटी सी लुल्ली लेके आया और
मेरा नाम सुनील है. में २३ साल का हु. ये जो कहानी में आपको बताने जा रहा हु, ये मेरी
कुछ दिनों पहले की बात है. शाम को दरवाजेकी घंटी बजती है. में अपने मोबाइल पे गेम खेल रहा था.