सतीश के साथ काफी दिनों से व्हाट्सप्प पे बात चल रही थी. कॉलेज के वक्त उसने मुझे पटा लिया था. तब मुझे कोई अच्छा लड़का मिल नहीं रहा था. में शरीर से भी दुबली पतली थी. कोई भी लड़का मेरी तरफ ध्यान नहीं देता था. इसलिए चुत को ठंडा करने के लिए मेने सतीश के साथ प्यार कर लिया। सतीश मुझे दूर होटल में या कभी लॉज में ले जाता और वह बहोत चोदता था. सतीश का लंड इतना बड़ा नहीं था, लेकिन काम चलना पड़ा.
अभी करीब ५ साल बाद फिर से सतीश ने मुझे मेसेज किया। उसने पूछा कैसी हो नीलम। हमारी बाते होने लगी. अभी मे काफी अछि दिखने लगी हु. स्तनों बड़ा हुआ आकर, बड़ी हुई गांड देखकर बहोत सारे लड़के मेरे पीछे पड़ते है. काफी लड़के मुजसे बाते करते समय मेरे स्तनों को टटोलते रहते है. वो भी क्या करे, मेरे स्तन ओका आकर भी ऐसे गोलाकार हो गया है के नजरे सामने से हटती ही नहीं उनकी।
सतीश ने जब फोन किया में उससे बाते करने में ज्यादा इस्चुक नहीं थी. क्यूंकि वो सीधा चुदाई के बारेमे ही बाते करने लगा. उसने मेरी इंस्टाग्राम पे फोटो देखि थी. वही फोटो देखकर कहता, के तेरे आम तो काफी बड़े हो गए है, अभी तो दबाने में और चूसने में बहोत मजा आएगा। एक फोटो में में अपना पिछवाड़ा दिखा रही थी. तो सतीश उस फोटो को देखकर कहने लगा, के तेरी गांड भी बड़ी हो गयी है. बहोत मन कर रहा है दबाने में.
ऐसी ऐसी गन्दी बाते उसके मुँह से निकलती। में उसे अभी ज्यादा भाव नहीं दे रही थी.
लेकिन एक दिन दोस्त के सधी में मेरी सतीश से मुलाकात हो गयी. मुझे नहीं पता था के वो भी शादी में आने वाला है.
मिलते ही वो मेरी तरफ हवस भरी नजरो से देखने लगा. पुरे वक्त मेरे साथ ही खड़ा रहा. मुजसे बाते करने लगा. जिस लड़के ने आपको पहले चोदा हो उसको फिर से कई सालो बाद मिलते है तो थोड़ा अजीब तो लगता ही है. में थोड़ी सहम गयी थी. बहोत काम बात कर रही थी.
जैसे ही शादी ख़तम होने आयी. हमने खाना खाया और घर जाने के लिए निकल ही रहे थे के सतीश कहने लगा मेरे घर चलो. थोड़ा वक्त सात में बिताते है. बहोत दिन के बाद मिले है.
वैसे सतीश ने पूरा दिन आज अच्छा ही बर्ताव किया था. में सोच में पड़ गयी के क्या किया जाये। फिर सतीश ने कहा के में अपनी गाड़ी लेकर आया हु, सात चलते है, में तुम्हे फिर घर भी छोड़ दूंगा.
जैसे उसने कहा की गाड़ी लेकर आया है, मेने अपना इरादा बदल दिया। सतीश अच्छा कमाने लगा था. उसने गाड़ी भी ले ली थी.
मेने है कर दिया, हम उसकी गाड़ी से निकले। सतीश मुझे अपने घर ले आया. उसका घर ७ वि मंजिल पे था.
हम सतीश के घर के अंदर ए. सतीश ने दरवाजा बंद किया। में अंदर आ चुकी थी. घर देख रही थी. घर काफी आलीशान और बड़ा था. मेने पूछा के घर में कोण कोण है. तो कहने लगा के कोई नहीं है.
ऐस कहते हुए उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया। में चौक गयी. मुझे वो छूने लगा. उसके हात मेरी कमर से होकर आगे की और बढे. मेने सतीश को कहा नहीं सतीश मत करो ये सब, लेकिन सतीश ने मेरी बात नहीं मानी। उसने मुझे कसकर पकड़ा और अपने दोनों हात मेरे स्तनों के ऊपर रखे और जोर जोर से दबाने लगा. अह्ह्ह्ह उम्म्म मममम सतीश क्या कर रहे हो.
सतीश कहने लगा, नीलम। .. अह्ह्ह्ह उम्म्म। … क्या बड़े हो गए है तुम्हारे। दबाने ने बहोत मजा आ रहा है. अह्ह्ह अहह उम्म्म अम्म्म अह्ह्ह्ह मेरे स्तनों को दबाते हुए अपने पेंट में खड़े लंड को गांड पे घिसने लगा.
मुझे कसकर पकड़कर मेरी गर्दन को चूमने लगा. मेने उसे दूर करने की कोशिश की लेकिन नहीं माना। उसने दबाना सुरु रखा.
फिर अचानक मुझे पलट दिया, मेरी आखो में देखते हुए उसने जबरदस्ती मुझे अपने गले से लगाया और मेरे गालो को चूमने लगा. आह्हः अहह. में कहने लगी, नहीं सतीश मत करो. लेकिन उसने मेरे होठो को छू ही लिया और चूमने लगा. आह्हः अहह. सतीश और में होठो से होठ रगड़ते हुए एक दूसरे को चुम रहे थे. अह्ह्ह उम्म्म अम्मम्म अम्म। उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह। …
चूमते हुए उसकी हरकते और बढ़ने लगी, मेरी पीठ पे अपने हात रगड़ते हुए सीधा निचे ले गया और मेरी गांड पे रखकर जोर से मेरी गांड दबा दी. अह्ह्ह आह. मेरी कोमल गांड को दबाते हुए मुझे अपने करीब खींचने लगा. दोनों के शरीर एक दूसरे को रगड़ने लगे. आह्ह्ह्ह। मेरे शरीर की गर्मी बढ़ने लगी.
सतीश ने चूमते हुए अपना शर्ट निकाल दिया। फिर वो मेरे कपडे निकलने लगा. मेरा कुरता हटते ही सतीश मेरे ब्रा पे टूट पड़ा, अपने हातो से ब्रा को दबाते हुए उसे नोचने लगा. उसकी ऐसी जानवरो वाली हरकते देखकर मुझे लगा के ये तो मेरा ब्रा ही फाड् देगा, डरके मारे मेने खुद ब्रा निकाल के पास में फेक दी.
जैसे ही मेरे बड़े स्तनों का आकर सतीश ने देखा, उसके मुँह से पानी टपकने लगा. सतीश ने मेरा निप्पल मुँह में लिया और जोर जोर से चबाते हुए चूसने लगा. स्तनों को दोनों हातोंसे दबाते हुए चूस रहा था. अह्ह्ह अहह उम्मम्मम। अह्ह्ह्ह अहह उफ्फफ्फ्फ़ क्या कर रहे हो सतीश, धीरे से.
सतीश कहने लगा, नहीं संभाला जाता नीलम। अह्ह्ह अहह. कितने बड़े हो गए हे तुम्हारे मम्मे आह्हः अहह.. बहोत मजा आ रहा है.
अपने दोनों पंजो से दबाते हुए उसने मुझे और भी उत्तेजित कर दिया। उसके होठो के बिच फसे मेरे निप्पल मुझे पागल कर रहे थे. अह्ह्ह अहह सतीश अह्ह्ह अहह
काफी देर मेरे दूध चूसने के बाद उसने अपनी पेंट खोली और अपना लंड बाहर निकल दिया। आअह्ह्ह ये क्या देख लिया मेने। इतना बड़ा कैसे हो गया सतीश तुम्हाला लें.
सतीश मेरी तरफ देखते हुए अपने लंड को सहलाते हुए कहने लगा, तुम्हारी याद में रोज हिलता था. हिला हिला के देखो कितना लम्बा हो गया.
सतीश ने मेरा हात पकड़के मेरे हात में अपना लंड थमा दिया। जैसे ही मेरा कोमल हात सतीश के लंड छुआ, सतीश के अंग अंग में बिजली बहने लगी. अह्ह्ह की आवाज करते हुए मेरी तरफ हवस भरी नजरो से देखने लगा. मेने भी लंड को मुठी में पकड़े हिलना सुरु किया। अह्ह्ह अह्ह्ह नीलम अह्ह्ह अहहह। उसकी आवाज में एक अजीब ही उत्तेजना थी.
मुजसे रहा नहीं गया और में सीधा निचे बैठी और सतीश के लम्बे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी. अह्ह्ह अहहह। उम्म्म्म अम्म्म आम उफ्फ्फ्फ़।
जबान लंड को घिसते हुए पूरा लंड चाटने लगी. अहह अह्ह्ह उम्म्म। उफ्फ्फफ्फ्फ़ सतीश के गोते भी काफी बड़े थे. मेने उसके गोटे हात में पकड़के मसलना सुरु किया और लंड मुँह में था. आह्हः आह्हः। उसकी कहराने की आवाज बता रही थी के उसे बहोत मजा आ रहा है. कभी में उसके लंड को होठो से पकड़कर खींचती तो कभी गोटो को पकड़कर दबती। अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म नीलम फ्फ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह
लंड को पूरा चाटने के बाद, सतीश ने मुझे उठाया, और अपने कमरे में ले गया. उसके घर का कमरा भी आलीशान था.
बीएड पे मुझे सुलाया और सीधा मेरी चुत की तरफ बढ़ गया. मेरा पजामा खींचकर निकर भी खींच ली. जैसे ही में नंगी हुई. मेरी गोरी जांग को चूमने लगा. उसके होठ मेरी चुत की तरफ जैसे जैसे बढ़ रहे थे, मेरा बदन तड़प रहा था. अह्ह्ह उम्मम्मम अह्ह्ह्ह
सतीश जांग को चूमते हुए मेरी चुत तक पोहच गया, अपनी जबान चुत में डालकर जैसे उसने चुत को चाटना सुरु किया, में पागल ही हो गयी. अह्ह्ह आह सतीश।
उसकी जबान वही पे चाट रही थी जहा मुझे ज्यादा मजा आ रहा था. मेरे पैर पुरे फैलाकर चुत को खोल दिया और अंदर तक चुत के जबान डालकर चाटने लगा. अह्ह्ह्ह अहहहह अहहह। उम्मम्मम्मम्म मेरी चुत से पानी टपकने लगा. अहह अहहह सतीश अहहह अह्ह्ह
अचानक सतीश ने अपनी बड़ी ऊँगली चुत में डाली और रगड़ने लगा. आह्हः अहहह अह्ह्ह्ह अहहह। ऊँगली से चुदाई का मजा आने लगा. अह्ह्ह अहहह अहहह अहह..
थोड़ी देर के बाद सतीश उठकर बैठा, उसने अपना चुत पे रखा और धीरेसे अंदर डालने लगा आह्हः अहहह चुत में लंड डालते हुए मेरे ऊपर आकर सोया और मुझे चूमते हुए उसे अपना पूरा लंड चुत में धकेल दिया। अह्ह्ह्हह्हहह्ह।
लंड पूरा अंदर चला गया और फिर सतीश ने चुदाई सुरु की अह्ह्ह अहह। उम्म्म्म अम्म्म मेने सतीश को कसकर पकड़ लिया उसके होठो को चूमने लगी. अह्ह्ह अहहह अह्ह्ह चूमते हुए लंड को चुत में लेना पागल कर रहा था.
अह्ह्ह अह्ह्ह। सतीश का लंड बड़ा होने की वजसे काफी अंदर तक जा रहा था. उससे और भी मजा आ रहा था. चुत के इतने अंदर अभी तक किसी का भी लंड गया नहीं था. आह्हः अहह. एक अनोखा अनुभव था. आह्हः अहहह सतीश चोदो मुझे आह्हः अहाः
सतीश ने अपनी पूरी भड़ास निकाली मुझे चोद चोद के। ..
फिर उसने मुझे अपने लौड़े पे बैठने कहा. वो निचे लेट गया. में उसके ऊपर आयी और लंड को अपनी चुत में लेकर उसपे कूदने लगी. अह्ह्ह अहह उम्म्म्म अम्मम्म
उफ्फ्फफ्फ्फ़। लंड फिर से चुत के अंदर तक घिसने लगा. अह्ह्ह अहहह। इतना मजा आएगा सतीश के सात चोदने में मेने कभी सोचा नहीं नहीं था. अह्ह्ह सतीश लेटे लेटे मजे ले रहा था.
में उछल उछल के मजे ले रही थी. अह्ह्ह अह्ह्ह अहहह अहहह
कुछ देर लंड पे कूदने के बाद जब में हटी, सतीश ने कहा अब तुझे में कुतिया बनाकर चोदूगा और जैसे में झुकी, सतीश ने मेरे पीछे आकर अपना लंड घुसेड़ दिया मेरी चुत में. अह्ह्ह अहहह अहहह अहहह।।।। उम्म्म्म चुदाई सुरु हुई. आह्हः अहहहहह
एक के बाद एक नए नए शॉट लेने में चुत को मजा आ रहा था. अहह अहहहह अहःअहः। इस पोजीशन में तो सतीश जोर जोर से मेरी चुत में लंड मरे जा रहा था. आह्हः मेरी गांड पे चपेट गिर रही रही थी आह्हः अह्ह्ह सतीश अहह अहह उम्म्म्म मममम।
काफी देर चुदाई चली, में २ बार झड़ चुकी थी. फिर जैसे ही सतीश की झड़ने की बरी आयी, उसने अपना लंड चुत से बाहर खींचा और मेरे मुँह के सामने आकर मेरे मुँह में दे दिया।
जैसे ही मेने लंड चूसना सुरु किया सतीश के लंड पानी की बौछार कर दी. आह्हः उम्म्म में पूरा पानी अपने अंदर लेने लगी. सारा पानी पि गयी. बहोत दिने से लंड का पानी नहीं पिया था. आज पिने मिला तो बहोत अच्छा लगा. पूरा लंड खाली होने के बाद में एक कुतिया की तरफ लंड को चाटने लगी. चाटकर पुरे लंड को साफ किया। तब जाकर सतीश शांत हुआ
कुश देर में सतीश के घर रुकी, फिर वह से निकल गयी.
काफी दिन बाद आज चुदाई का मजा आया था. मेने सतीश को धन्यवाद कहा, और फिर जल्दी आउंगी कहकर निकल गयी.
