Hindi fuck story

मेरा नाम तन्वी है. में २४ साल की हु. मेरे पापा एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिज़नेस करते है. माँ डॉक्टर है. कुछ
हाय दोस्तों, ये कहानी मेरी ज़िंदगी का वो हिस्सा है जो मैं कभी किसी को बताना नहीं चाहता था, लेकिन
दो दिन पहले की बात है. संजना ने मुझे फोन किया और मिलने बुलाया। संजना और में कॉलेज के दोस्त
मेरा नाम कविता है. में कॉलेज में पढ़ती हु. में बहोत दिनों से इसी बात पे ध्यान दे रही थी
दोस्तो मैं अंकिता, अपने घर में मैं सब चुदवा चुकी हूँ. मैंने जब जवानी की दहलीज पर कदम रखा तब
हम एक गांव में रहते हे. गांव में हमारी बड़ी कोठी है. वैसे गांव में ज्यादा लोग नहीं है. बहोतसे
ईशा की खूबसूरती और हॉट एंड सेक्सी फिगर ने कॉलेज के सभी लड़कों को दीवाना बना रखा है। उसकाएक क्लासमेट
दोस्तों, मैं सायली हूं। आज मैं आपको बताने जा रही हूं कि कैसे मैंने जोखिम उठाया और अपने पिता की
सुबह का वक्त था. मेरे पति सोहम नाहने गए थे. में कमरे में आई और बेड की चद्दर ठीक से
मेरे पति एक कंपनी में नौकरी करते हैं गुजरात में, और 2-3 महीने में घर आते हैं। हमने अपने लिए
मेरी शादी को अभी १ साल होने आया है. लेकिन इन एक साल में मेरे पति ने जो मुझे पेला
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
मेरा नाम अनीता है. में दिल्ली में रहती हु. आज जो में कहानी बताने जा रही हु. वो सच्ची घटना
मैं पढ़ाई के लिए दिल्ली आया और एक कमरा लिया रहने के लिए. मकान मालकिन भाभी को देख कर लगा
मेरा नाम अनिरुद्ध है. में बिहार से हु लेकिन अभी मुंबई में एक दुकान में काम करता हु. दुकान एक
में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर
मेरे बीवी की बड़ी बहन यानि मेरी बड़ी साली का नाम कविता है, उसके पति संदीप जी दुबई में हैं,
मेरा नाम राजन है. में २६ साल का हु. अभी अभी में नई कंपनी में काम पे लगा था. ऑफिस