ऑटोरिक्शा में गर्लफ्रेंड के सात चुदाई – Girlfriend hindi sex story

मेरा नाम सुनील है. में २३ साल का हु. ये जो कहानी में आपको बताने जा रहा हु, ये मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड अनीता की कहानी है. अनीता और में कॉलेज में सात पढ़ते थे. १२ वि की परीक्षा के बाद मेने अनीता को प्रपोज़ कर दिया था.

तभी से हम सात थे. लेकिन कॉलेज ख़तम होने के बाद दोनों का मिलना जुलना काफी कम हो गया था. ज्यादातर फोन पे ही बात होती थी.

बहोत दिनों बाद अनीता से आज मिलने का मौका आया था. में इस मौके को छोड़ना नहीं चाहता था.

और में बतादू के ये कहानी सच्ची घटना पे आधारित है.

शाम का वक्त था. अनीता मुजसे मुलने आई. दोनों भी बहोत दिनों बाद एक दूसरे को सामने देख रहे थे तो बहोत खुश थे. एक गार्डन के पास से चलते हुए मेने अनीता के कुल्फी वाली आइस क्रीम ली. उस वक्त में ज्यादा कमाता नहीं था. इसलिए पैसे नहीं होते थे.

आइसक्रीम खाते खाते रस्ते पे बाते करते हुए चलते जा रहा थे. बातो बातो में मेने अनीता के कंधे पे हात रख दिया। वो बहोत शर्मा रही थी. अनीता को कुल्फी खाते हुए देख, मेने पूछा, बहोत अच्छे से चूस रही हो. तो वो शर्माने लगी और हसने लगी.

फिर मेरी तरफ देखते हुए कुल्फी को पूरी जबान रगड़ते हुए चाटने लगी और कहने लगी. मुझे लंबी सी कुल्फी चाटना अच्छा लगता है. ऐसे कहते हुए कुल्फी के चारो और अपनी लम्बी जबान रगड़ते हुए चाटने लगी. और फिर कुल्फी को पूरा अंदर लेकर चूसने लगी.

अनीता को पूरी कुल्फी मुँह में लेते देख मेरा लंड खड़ा होने लगा. चलते चलते मेने अपना हात जो अनीता के कंधे पे रखा था वो निचे सरका दिया और अनीता की पीठ को सहलाने लगा. कोमल पीठ को छूने में मजा आ रहा था. पीठ पे हात घुमाते समय अनीता की ब्रा की पट्टी हात को लग रही थी.

अनीता की पीठ सहलाते हुए मेरे बदन इतना तप गया के अब मुजसे रहा नहीं जा रहा था. चलते चलते अनीता ने पूरी कुल्फी ख़तम की. अँधेरा भी होने ही लगा था. थोड़ी दूर जाने के बाद मेने एक ऑटो को रास्ते के कोने में खड़ा देखा। ऑटो के आगे और पीछे दोनों तरफ छोटे टेम्पो खड़े थे. उस रस्ते पे ज्यादा गाड़िया भी नहीं थी.

एखाद दो गाड़िया या मोटरसाइकल आ जा रही थी. तो मेने सोचा कुछ देर इसी ऑटो में बैठकर बाते करते है. मेने अनीता को कहा ऑटो में बैठते है.

हम ऑटो में बैठे बाते करने लगे. अनीता तो बाते कर रही थी, लेकिन मेरी आखे और हात दोनों अनीता के के बदन को छू रही थी. अनीता ने भी मुझे रोका नहीं। तो मेने अपना हात अनीता के जांग पे रखा और उसे सहलाने लगा. अनीता का मुँह सहमने लगा. उसकी आखे नशीली होने लगी. जैसे ही अनीता ने अपनी बाते रोकी और हम एक दूसरे की आखो में देखने लगे, मेरा सबर टूट गया और मेने आगे आकर अनीता को चुम लिया। आह्हः। होठो को होठ छूने लगे.

प्यार से दोनों ने एक दूसरे को गले लगाया और चूमने लगे. आह्हः उम्म्म अम्म्मम्म।।।।।

मेरा बाया हात अनीता के मम्मो को दबाने लगा. आह्ह्ह्हह्ह। बहोत दिनों बाद आज मम्मो को छूने मिला था. अह्ह्ह्ह। काफी बड़े भी हो गए थे अनीता के मम्मे आह्ह्ह्ह अहह…. दोनों हातो से से मम्मो को दबाते हुए मेने अनीता को चूमना सुरु किया। अनीता भी भरी पड़ी थी. एक दूसरे के मुँह में जबान दाल के हम चूमने लगे. आह्हः अहह उम्मम्मम्म ाम्म्म

चूमने के बाद में पीछे हटा, ऑटो के बाहर देखा तो अँधेरा काफी हो चूका था. मेने अनीता की और देखा और उसका कुरता ऊपर उठाया, अनीता मना करने लगी, लेकिन मेने उसकी कोई बात नहीं मानी।

कुरते के सात जैसे ही ब्रा भी ऊपर उठा, अनीता के दोनों मम्मे उछल के बाहर निकले। मेने जरा भी देर नहीं की और झुककर दोनों मम्मो को चूसने लगा. उम्म्म्म ामममम उम्म्म अम्म्मम्म्म्म ओममममम

निप्पल को मुँह में लेकर चबाते हुए चूस रहा था. दोनों हातो से मम्मो को दबाते हुए मजे ले रहा था. अनीता मुँह से आह्ह्ह्ह की आवाज करने लगी. मुझे रुकने के लिए कहने लगी, लेकिन में उसके मम्मो को चूसता रहा. आह्ह्ह्हह्ह।।।

अनीता के मम्मो को अच्छे से चूसकर जब पीछे हुआ, मेरा लंड अब पूरा तन गया था. मेने एक नजर बाहर देखा, धीरेसे अपनी ट्रैक पैंट निचे की, और जैसे ही मेरा ७ इंच का लंड अनीता ने देखा, वो चौक गयी, मेरे लंड को देखकर वो कुछ देर के लिए स्तब्ध हो गयी.

मेने धीरेसे अनीता का हात पकड़कर अपने लंड पे लगाया। वो शर्मा रही थी. धीरेसे उसने मेरे लंड को मुठी में पकड़ा और ऊपर निचे करते हुए हिलने लगी. जब उसे मजा आने लगा. उसने दोनों हातो से लंड पकड़ा और जोर जोर से हिलने लगी. मेने अनीता को कहा मुँह में भी ले ले अब. तो मना करने लगी.

मेने उसकी गर्दन के पीछे हात रखा और जबरदस्ती उसके मुँह को अपने लंड पे दबाया। वो झुकने लगी, और आखिरकार मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्ह हां.. लड़की के मुँह में लंड को महसूस करना एक अनोखा अनुभव है. आह्ह्ह्ह उम्मम्मम उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़।।।।

अनीता कुल्फी खा रही थी उसी तरह अपनी जबान बाहर निकाल के मेरे लंड को चाटने लगी. अह्ह्ह्हह ऊपर से निचे तक लंड पे जबान घिसते हुए पूरा लंड थूक से गिला कर दिया। आह्ह्ह्हह उम्मम्मम उम्म्म्म

लंड के गुलाबी भाग को जबान से चाटते हुए मेरे दोनों गोटो को मसलने लगी. आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़। .. मेरा आधे से ज्यादा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. आह्ह्ह्ह अहह अनीता आह्हः अहहह हहह। …… जोर जोर से मुठी में पकड़े लंड को हिलाती और फिर मुँह में लेकर जबान से चाटती। आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह

अनीता के घुँघरालु बालो में अपने हात घुमाते हुए उसे लंड को चूसते देखना आअह्ह्ह्ह अहह.. उसकी पीठ को सहलाते हुए आनंद ले रहा था. आअह्ह्ह्ह अहहह हह..

लंड को अच्छे से अनीता से चुसवा के जब वो पीछे हटी, मेने उसे ऑटो के अंदर सीट पे ही सुला दिया। फिर धीरेसे उसकी सलवार निचे खींची, अंदर की चड्डी की निचे उतरी, और अनीता की चुत को चाटने लगा. आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह। अनीता की चुत पे छोटे छोटे बाल थे. में धीरे धीरे उसकी चुत चाटने लगा. उम्मम्मम अम्म्मम्म अम्म्मम्म ाममम

पूरी सलवार तो निकाल नहीं सकते थे. तो मेने उसकी दोनों टंगे ऊपर की. निचे से चुत दिखने लगी, मेने दोनों हातो से अनीता की टाँगे ऊपर उठाकर चुत को चाटना सुरु किया आआह्ह्ह्हह।। अम्म्मम्म उम्मम्मम। ामममम।

अब पूरी चुत में जबान डालने मिल रहा था. आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह।। गीली चुत पानी छोड़ रही थी. मेने अपनी जबान को चुत में अंदर तक धकेला और जितना हो सके चुत को जबान से घिसते हुए चाटने मिले उतना घिस रहा था. आह्ह्ह्हह अहहहहह हम्म्म्म्म।।।।

चुत को काफी देर चाटने के बाद, पीछे हुआ, ऐसे ही अनीता के पैर पकड़े मेने अपने लंड को आगे किया और सीधा चुत के अंदर धकेल दिया। आह्ह्ह्ह अहह उम्म्म्म ाममममम आम उम्मम्मम अम्म्मम्म

जोर जोर से अनीता को चोदने लगा। .. अह्ह्ह्ह अहहह अहह.. उफ्फफ्फ्फ़। आअह्हह्ह्ह्हह।।

पूरी ऑटो रिक्शा हिलने लगी. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह। पूरा ७ इंच का लंड अनीता की चुत में था. आह्ह्ह्हह अहह अनीता आह्ह्ह्ह अहहहहहह।।।।।।।

काफी देर की चुदाई के बाद मेने लंड बाहर खींचा। मेने देखा ऑटो की दूसरी तरफ दिवार और ऑटो के बिच जगा थी. में दीवार की तरफ से बाहर निकला, और अनीता को भी वही ले लिया, फिर मेने अनीता को ऑटो की आगे की सीट के ऊपर उसे झुकाके खड़ा किया। पीछे से उसकी गांड दिखने लगी. मेने जोर से गांड पे चपेट मरी. आआह्ह्ह्ह। गांड को दोनों हातो से दबाया। काफी मुलायम गांड थी.

फिर लंड को धीरेसे चुत में डालकर अनीता की कमर पकड़ी और कसकर चुदाई सुरु की. आह्ह्ह्ह आह्हः। . जोर जोर से अनीता की चुत को चोदने लगा. आअह्ह्ह्ह अहहहहह ाहः

वापस कब मिलने आएगी पता नहीं। तो आज पूरा हिसाब चुकता कर लेना था. आअह्ह्ह्ह अहहहह।।। लंड अब पूरा तन गया था. पूरा ७ इंच अनीता की चुत में अंदर जा रहा था. आह्हः अहह उम्म्म्म अम्म्म उफ्फ्फफ्फ्फ़ आआअह्ह्ह्हह

कुछ ही देर बाद अनीता ने कहा जोर जोर से अह्ह्ह्हह्ह। वो झड़ने ही वाली थी, तो मेने अपनी गति बधाई और अपनी जांग को अनीता के गांड पे जोर जोर से पटकने लगा. आह्हः अहहह हहहह।।।।।

आखिरकार अनीता झड़ गयी. मेने जाना मेरे लंड को अनीता के चुत का पानी लग रहा था. मेरा भी लंड अब झड़ने ही वाला था. मेने भी अपनी गति बधाई और कुछ ही पल में जैसे ही लंड ने पानी निकलने का इशारा दिया, मेने लंड को चुत से बाहर खींचा और पानी सीधा उसकी गांड की दरार में उड़ा दिया। आह्ह्ह्ह अहहह यह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ उम्मम्मम्म आह्ह्हह्ह्ह्ह

सारा पानी अनीता की गांड की दरार में उदा के अपने लंड को कुछ देर मेने अनीता की गांड में दबाये रखा.

जब पूरा पानी निकलके ख़तम हुआ तब जाकर मेने चैन की सास ली.

दोनों फिर अपने अपने कड़पे पहने लगे. दोनों की सास फूली हुई थी.

कपडे पहनकर वही मेने अनीता को गले लगाया। दोनों ने एक दूसरे को चूमा फिर हम वहा से तुरंत निकल पड़े.

उस दिन ऑटोरिक्शा में अनीता को चोदने में बहोत मजा आया.

कैसी लगी मेरी कहानी मुझे जरूर कमेंट करके बताना

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