मेरा नाम कमल है. में २८ साल का हु और मध्यप्रदेश में एक किराये के माकन में रहता हु. पुराणी बिल्डिंग के तीसरी मंजिल पे मेरा माकन है. वैसे मेरे साथ और एक लड़का रहता है. लेकिन वो छुट्टियों में अपने घर दिल्ली गया था.
मेने काफी नौकरी की सेक्स कहानिया पढ़ी थी. मुझे बहोत पसंद भी आती है ऐसी कहानिया। लेकिन ऐसी कोई घटना मेरे सात होगी ये मुझे लगा नहीं था.
आज जो में आपको कहानी सुनाने जा रहा हु वो सच्ची घटना पे आधारित हे.
मेरे घर एक नौकरी झाड़ू पोछा करने आती थी. कभी कभी में उसे बर्तन भी धोने कह देता था. उसके में उसे ज्यादा पैसे भी दिया करता था.
थोड़ा अपनी नौकरानी के बारे में बता दू. उसकी उम्र करीब ४३ साल है. उसका एक बेटा भी है. दिखने में गोरी, काले लम्बे बाल, हमेशा साड़ी पहनके ही काम पे आती थी. शांत और हसमुख स्वाभाव की थी. हमें उससे कोई परेशानी नहीं थी. वो अपने वक्त घर आती, अपना काम करती और चली जाती। उनका नाम सुनीता था. लेकिन में उनको आंटी कहकर ही बुलाता।
ये तब की कहानी है जब मेरा दोस्त जो मेरे साथ रहता था वो अपने घर जाने निकला। जब वो जा रहा था तब नौकरानी किचेन में बर्तन धो रही थी.
तो शायद उसने हमारी सारी बाते सुन ली. मेरे दोस्त ने बताया के वो अब १५ दिन बाद आएगा।
मेरे दोस्त की ट्रैन थी तो वो निकल गया. कुछ वक्त बाद आंटी भी काम करकर निकल गयी.
दो दिन बाद जब में अपने लैपटॉप पे अंदर के कमरे में बैठे काम कर रहा था. तब झाड़ू पोछा करते समय आंटी कमरे में आई. अब वो हमेशा सा से ऐसे ही काम करती थी तो मेने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और अपने लैपटॉप पे काम करने में लगा रहा.
कुछ देर बाद नौकरानी ने मुझे कहा, कमल जी मुझे आपसे कुछ काम है. तो मेने आंटी की तरफ देखा। और कहा। है बताओ क्या काम है.
तो कहने लगी, मुझे न गांव पैसे भेजने है तो कुछ पैसे चाहिए थे उधार।
तो मेने सोचा कोई बात नहीं। आंटी से हमें कोई दिक्कत नहीं थी. मेने कहा कितने चाहिए।
तो कहने लगी. ५० हजार।
तो एक वक्त के लिए में सोचने लगा. वैसे में पैसे दे सकता था. लेकिन आंटी पैसे लेकर भाग तो नहीं जाएगी ये ख्याल मेरे दिमाग में आने लगा.
मुझे सोच में देखकर आंटी अपनी परेशानी बताने लगी. गांव घर को बनाना है तो पैसे देने। ये सब कहानी चलने लगी.
मेने उनको बोलने से रोका, और कहा में दे देता हु. लेकिन जल्दी वापस भी कर देना।
ऐसे कहकर मेने दूसरे दिन आंटी को पैसे दे दिए.
अब तक तो सब कुछ सही चल रहा था. लेकिन दूसरे दिन से कुछ नया ही खेल सुरु हो गया.
में अपने कमरे में बैठा काम कर रहा था. आंटी पोछा करने आयी तो मेरे बगल में खड़े होकर पास का टेबल पोछ रही थी.
तभी मेरी नजर आंटी की गोरी कमर पे पड़ी. मेरी नौकरानी ने आज साडी ऐसे पहनी थी के उनकी कमर मुझे दिख रही थी. और इतने करीब खड़ी थी के किसी का भी मन मचलने लगे.
किसी तरह उस वक्त तो मेने अपने आप को संभाल लिया, लेकिन जैसे ही आंटी निचे बैठे पोछा लगाने लगी. मेने देखा, आंटी के स्तन दिखाई दे रहे थे. जैसे जैसे वो झुक रही थी, वैसे नजर और भी आकर्षक हो रहा था. और वो मेरे आखो के सामने ही निचे बैठे मेरे करीब आते जा रही थी. उनके बड़े बड़े स्तनों को देखकर मेरा जी मचलने लगा.
मेरा हात अपने आप लंड पे चला गया और में आंटी की तरफ देखते हुए लंड को दबाने लगा. आअह्ह्ह्ह।।
धीरे धीरे पोछा करते हुए आंटी मेरे खुर्सी के करीब आई.
शायद आंटी ने भी मुझे अपने लंड को दबाते हुए देख लिया था. जैसे ही वो नजदीक आयी, वो अपना साड़ी का पल्लू ठीक करने लगी. पहले उसने पूरा पल्लू निचे किया। तब उनका ब्लाउज़ देखकर में चौक गया.
ब्लाउज़ के ऊपर से बाहर आते स्तनों को देख में पागल ही हो गया. आंटी ने मुझे पूरा मौका दे रही थी उनके बड़े स्तनों को निहारनेका। आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह
लंड खड़ा हो गया था. आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
आंटी ने पोछा कर दिया। फिर वो बाहर के हॉल में पोछा करने लगी.
में उठकर अपने कमरे के दरवाजे से उनको पीछा करते हुए देखने लगा. आंटी की अब पीठ मेरे तरफ थी, जमीन पे बैठे जब झुककर पोछा कर रही थी, उनकी बड़ी गांड गोलाकार गांड ऊपर उठने लगी. आह्ह्ह्ह।। ऐसे आंटी को घोड़ी बने देखकर मन में ख्याल आया, जाकर पीछे से साडी उठा दू और सीधा चुत में लंड डालकर चोदना सुरु करू. आह्हः। अह्ह्ह्ह
में वही खड़े रहकर अपने लंड को मसल रहा था. अब तो पूरा लंड तन गया था. कब लंड को पैंट से बाहर निकलू ऐसे लग रहा था.
वह आंटी पोछा करते हुए पलटी, में घबरा गया, आंटी देख न ले. तो में तुरंत पीछे हुआ और दरवाजा आधा बंद करकर झाकने लगा. अब आंटी जब पोछा कर रही थी. उनकी साडी ऊपर उठ गयी और गोरी जांग दिखने लगी. जैसे जैसे वो मेरी तरफ मूड रही थी, मुझे चुत दरवाजा खुलते हुए देख रहा था.
सच कहु तो आंटी को ऐसे करते हुए देखकर लग रहा था आंटी जानभूझकर ये सब कर रही है.
धीरे धीरे आंटी पोछा करते हुए मेरी तरफ पूरा मुड़ी। उनके पैर फैले और अंदर गहराई में आंटी की नील रंग की चड्डी दिखने लगी. आअह्ह्ह्ह।। मेने लंड को कसकर पकड़े रखा. आणि पोछा करते हुए अब मेरी तरफ बढ़ रही थी. एक दो बार उन्होंने कमरे के दरवाजे के तरफ भी देखा, में अंदर से देख रहा था.
लेकिन उन्होंने अंधेका करते हुए बढ़ने लगी. उनको पता था की उनकी जांग दिख रही है. में सामने ही हु. उनकी चड्डी भी दिख रही है. फिर भी वो वैसे ही काम करती रही.
आखिरकार वो उठी और किचेन में चली गयी. अंदर कुछ बर्तन रखे थे. उसे धोने लगी. मेने सोचा अब बर्तन धोकर आंटी चली जाएगी।
अभी अगर मेने कुछ किया नहीं तो हात में आया मौका चला जायेगा।
मेने हिम्मत करते हुए किचेन में चला गया. आंटी सामने खड़ी थी. बर्तन घिस रही थी. पूरी शांति के बिच मेरी धड़कन चढ़ गयी.
मुझे समज नहीं आ रहा था के क्या करू.
मेने पानी की बोतल ली और पानी पिने लगा. फिर मेने सोचा पैंट के अंदर जो खड़ा लंड हे एक बार आंटी की तरफ कर देता हु. देखते हे आंटी देखकर क्या कहती है.
कुछ तो इशारा आंटी को देना पड़ेगा।
तो मेने शार्ट पैंट पहनी थी. मेने अपनी दोनों जेब में हात डाला और अंदर से अंडरवेर को निचे कर दिया। अंडरवेर निचे होते ही लंड सीधा खड़ा हो गया. पैंट पे तम्बू बन गया.
मेने फ्रिज खोला और एक कटोरी में जो कल की सब्जी थी वो उठाकर कचरे के डिब्बे में फेक दी और बर्तन देने के लिए आंटी के करीब गया.
आंटी को कहा, आंटी ये भी धो लो. आंटी जैसे ही पलट के मेरे हात से बर्तन लेने गयी, उनकी नजर निचे मेरे पैंट पे बने तम्बू पे पड़ी.
एक पल के लिए आंटी और में दोनों एक दूसरे को देखने लगे.
में आंटी की तरफ देख ही रहा था के आंटी ने अपनी साडी का पल्लू निचे खींच दिया और मेरी आखो के सामने आंटी का ब्लाउज़ दिखने लगा.
जैसे ही पल्लू निचे गिरा और मेरी नजर स्तनों के बिच की गुफा में पड़ी, मेने अपना आपा खो दिया।
मेने अपना मुँह स्तनों पे रखा और चूमने लगा. आअह्ह्ह्ह। अह्ह्ह्हह। आंटी भी सिसकने लगी. आह्हः आह्हः उम्म्म।।
में दोनों हातो से आंटी के स्तनों को दबाने लगा. आह्ह्ह्ह पहली बार इतने बड़े स्तनों को दबाने का मौका मिला है. आह्ह्ह्ह हह आ. जोर जोर से दबाते हुए गर्दन को चूमने लगा. आंटी ने मेरी हवस को भाफ लिया। उन्होंने खुद ब्लाउज़ खोला।
जैसे ही ब्लाउज़ निचे गिरा और बड़े स्तन उछल के बाहर निकले में पागल ही हो गया. आंटी के गोर स्तन थे. इतने बड़े थे के मेरे दो हातो से एक एक स्तन को दबाना पड़ रहा था. आह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम्मम्म
निप्पल गहरे भूरे रंग के, मेने मुँह में ले लिए. आअह्ह्ह्ह। स्तनों को दबाते हुए निप्पल को चूसने लगा. आअह्ह्ह्ह अहहह अह्ह्ह्ह। .
नौकरानी के स्तनों को चूसने मिलेगा ये कभी सोचा नहीं था. आअह्ह्ह्ह। आज तो जैकपॉट ही लग गया. आह्हः अह्ह्ह आह्हः
उम्मम्मम अम्म्मम्म्म्म। ….. आंटी भी मुझे ऐसे दूध पीला रही थी जैसे अपने बच्चे को दूध पीला रही हो. मेरे बालो में अपनी उंगलिया दबाके निप्पल को मुँह में दबा रही थी.
आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अहहह हहह। उम्मम्मम्म अह्ह्ह्हह्हह उम्म्म्म
निप्पल चूसकर, जैसे ही आंटी के गलो को चूमने लगा, आंटी ने मेरे मुँह को कसकर पकड़ा और मेरे होठो को अपने होठ लगाकर चूमने लगी. आह्ह्ह्ह अहहह। उम्म्म। जैसे मुझे जबरदस्ती चुम रही थी, ऐसे लग रहा था के उनको भी काफी दिनों से किसे ने चौदा नहीं है. मेरे होठो को चूस चूस के चूमे जा रही थी.
आह्हः उम्म्म्म अम्म्मम्म अम्मम्म उम्मम्मम्म
गले लगाकर कसकर पड़के हम एक दोनों एक दूसरे को चुम रहे थे. मेरे हात आंटी की कोमल पीठ पे रगड़ रहे थे. देखते ही देखते आंटी ने मेरी टीशर्ट उतार दी. मेरे नंगे बदन पे अपना हात घूमने लगी. आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
फिर चूमते हुए रुकी, अपनी साडी खोल दी. अंदर सिर्फ आंटी ने चड्डी पहनी थी.
आंटी को चड्डी में देख ही रहा था के अचानक आंटी निचे बैठी, मेरी शार्ट पैंट को कीचकर निचे उतार दिया। और इतनी जल्दबाजी में उन्होंने मेरा लंड मुँह में खींच एके में हक्का बक्का रह गया.
आंटी इतनी जोश में थी के रुक ही नहीं रही थी. आह्ह्ह्हह। आंटी मेरा लंड मुँह में लेकर चाटने लगी. आअह्ह्ह्ह आह्हः अहह.. में अपने लंड को आंटी के मुँह में जाते हुए देख रहा था. अह्ह्ह्ह अहहहहह अह्ह्ह्ह
लंड का गुलाबी भाग इतना फूल गया था के जैसे ही आंटी की जबान उसपे रगड़ती मेरे शरीर में कपकपी सी होने लगती। आह्ह्ह्ह आह्हः उम्म्म्म अम्म्मम्म
उफ्फफ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह
पूरा लंड आंटी ने चाट लिया, मेरे गोटोंको दबा दबा के चाटने लगी. आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अहहहह
जैसे आंटी मेरा लंड चूसकर उठी, मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी. कहने लगी, कैसा लगा. ठीक से किया ना मेने।
यहाँ मेरी आखे नशीली हो चुकी थी. मेने बिना कुछ कहे आंटी की तरफ देखा, उनका हात पकड़ा और उनको अपने कमरे में ले आया. दरवाजा धकेला और आणि को कसकर गले लगा दिया।
आआह्ह्ह्ह आंटी आज तो अपने स्वर्ग ही दिखा दिया। आअह्ह्ह्ह।।। आंटी के स्तनों को दबाते हुए मेने वही बेड पे आंटी को सुला दिया। आंटी के ऊपर चढ़ गया और स्तनों को चूमते हुए, आंटी की नाभि चाटने लगा. अह्ह्ह्ह आह्हः आंटी मचलने लगी. नीच निचे आते हुए. मेने आंटी की गोरी जांग को भी चाट लिया। जांग को चूमते हुए जैसे ही मेने आंटी की चड्डी निचे खींच दी, और चूत सामने आयी, आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।
चुत को सामने जैसे ही देखा मेने , मेरे हात कापने लगे. मुँह से लाल टपकने लगी. मेने आंटी की चड्डी उतार के निचे फेक दी.
धीरेसे पैर फैलाये। चुत खुलने लगी. आअह्ह्ह्ह। चुत को इतनी नजदीक से खुलते हुए देखने में मजा आ रहा था.
आह्ह्ह्हह्ह।।।
मेने अपना मुँह रखा चुत पे और चाटने लगा. आअह्ह्ह्हह। जबान को आंटी की चुत में डालकर चाट रहा था. आह्ह्ह्ह आह्हः उम्म्म्म। अह्ह्ह्हह। ..
उम्मम्मम उम्मम्मम्मम्म
चुत का मीठा पानी पिने लगा. नौकरानी की चुत’मिले तो कोण छोड़े आह्हः अह्ह्ह्ह उम्मम्मम
पूरी चुत को दोनों हातो से फैलाते हुए एक ऊँगली चुत में डालकर रगड़ने लगा. आह्ह्ह्ह अहहह उम्म्म्म।।।
पूरी चुत गीली हो गयी थी. आह्ह्ह्ह आह उम्मम्मम्मम
चुत को ठीक से चाटने के बाद, मेने अपने लंड को आगे किया। एंटी के दोनों पेअर के बिच बैठकर लंड को चुत में धकेला, आअह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह
लौड़े को पूरा अंदर चुत में डालकर आंटी के ऊपर लेटा और जो चुदाई सुरु की मेने, आह्ह्ह्हह अहहहह हहह. अब तो में अपने आप को रोक नहीं पा रहा था.
आह्हः हहहह अहहह। जोर जोर से चुदाई होने लगी. आणि भी सिसकने लगी. अपनी गर्दन को दाये बाये हिलाते हुए आअह्हह्ह्ह्ह की आवाज करने लगी. आह्ह्ह्ह आह्हः अहह
उम्मम्मम्म ाममममममम
आंटी के चेहरे पे जो बैचेनी देखकर और मजा आ रहा था. में और जोश से लंड को चुत में मार रहा था. आह्ह्ह्ह अहहहहह। . मेरा लंड ऐसे तन गया था के पूरा अंदर तक पटक रहा था. आह्हः अह्ह्ह्हह अहह
देखते ही देखते चुत अंदर से भी गीली हो गयी. में समाज गया आंटी झड़ रही है.
में जोर जोर से चुदाई करने लगा. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
आंटी के स्तनों को दबाते हुए, निप्पल को चूसते हुए लंड पटक रहा था.
काफी देर चुदाई के बाद लंड जब बाहर खींचा, तो वो चुत की पानी से गिला हो चूका था. चिपचिपा पानी चुत से टपकने लगा.
मेने आंटी को पलटा, जैसे ही गांड सामने आयी, मेरा मन मचलने लगा. मेने दोनों हातो से आंटी की गांड दबाई। प्यार से मसलने लगा. दबा दबाके गांड की कोमलता महसूस करने लगा.
अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह
गांड को चूमकर मेने आंटी को घोड़ी बना दिया। आंटी घुटनो के बल बैठी और गांड ऊपर उठ गयी.
मेने धीरेसे निचे से चुत को ढूंढते हुए जब लंड को अंदर धकेला में अब आखरी पड़ाव के लिए तैयार था. आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
चुत में लंड पटकने लगा. आह्ह्ह्ह अहहह अहहहह।।
आंटी की कमर को कसकर पकड़के जब मेने आखरी चुदाई का दाव खेला आअह्ह्ह्ह अहहह अहहह।।।।
लंड अब कभी भी पानी छोड़ सकता था. आह्हः आह्हः अहह. में जोर जोर से आंटी की चुत को चोदने लगा. आंटी भी बेड पे मुँह दबाकर चीखने लगी. आह्हः अहह अह्ह्ह्ह। .. लंड चुत में घिसते घिसते तप गया था. आह्हः अहहह अहहह अहहह
उम्म्म्म अम्मम्म आह्ह्हह्ह्ह्ह
कुछ ही पल में मेरा लंड पानी छोड़ने ही वाला था. मेने लंड को चुत से बाहर खींचा और आंटी के मुँह में लंड दे दिया। आंटी ने भी बिना कुछ सोचे लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी.
अह्ह्ह्हह अहहहहह अह्हह्ह
आंटी की जबान लंड को लगते ही मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया आह्हः अहहह हाहाहा उम्म्म्म अम्म्मम्म्म्म अह्ह्ह्हह
पूरा पानी आंटी के मुँह में चला गया. आअह्ह्ह्हह आंटी भी पानी पि गयी. आह्ह्हह्ह्ह्ह
कुछ देर बाद लंड शांता हुआ, तब में पीछे हटा. आंटी कुछ देर बेड पे सोइ रही। मेने कपडे पहन लिए और हाथ मुँह धोने बाथरूम में चला गया.
वापस आया तो देखा आंटी साडी पहन रही थी.
आंटी ने साडी पहन ली. और चली गयी.
उस दिन के बाद हर हफ्ते एक बार में आंटी को चोदता था.
आंटी इतनी चालक निकली के मुझे चुदाई में फसा के अपने ५० हजार वसूल कर लिए.
कैसी लगी, मेरी कहानी मुझे जरूर कमेंट करके बताना
