मेरा नाम सुधीर है. में २६ साल का हु. एक बड़ी कंपनी में मैनेजर की जॉब करता हु. आज जो में आपको कहानी बताने जा रहा हु वो सच्ची घटना पे लिखी गयी है. ये कहानी है मेरी और मेरी ऑफिस की दोस्त शिवानी की है.
शिवानी मुजसे एक साल छोटी है. मतलब अभी वो २५ साल की है. हम दोनों भी एक ही कंपनी में साथ में काम करते है. इस वजसे हमारी अछि दोस्ती हो गयी थी. शिवानी के बारे में बताऊ तो उसका रंग गोरा। शरीर आकर्षक एक मॉडल की तरह. बड़े ऑफिस में काम करते थे तो कभी कभी वो शर्ट और पैंट पहनके आती थी. बाकि के दिन सलवार कमीज या पंजाबी ड्रेस। लेकिन एक बात थी शिवानी की, उसके सारे कपडे शरीर से चिपके रहते थे. मेने कभी उसे ढीले ढाले कपड़ो में नहीं देखा।
सलवार सूट में उसके स्तनों का आकर देखकर मेरा मन दबाने के हो जाता। और जब शर्ट पेंट पहनती, उसकी पेंट उसकी जांग और गांड पे इतनी कसकर चिपकी होती, के मन करता गांड पे दो चपेट लगा दू और कसकर दोनों हातो से गांड को दबा दू. बहोत बार तो लंड भी शिवानी के गांड पे घिसने का मन किया था.
अब जैसे हम अच्छे दोस्त बनते गए, हमने दुपहर के वक्त बाहर जाकर खाना सुरु किया। एक दिन ऐसे ही ऑफिस में काम नहीं था. बॉस भी नहीं था. और ऑफिस में लोग भी कम आये थे. उस दिन में अपने बड़े भाई की गाड़ी लेकर ऑफिस आया था.
तो मेने शिवानी को कहा, के हम दुपहर को कही बाहर जाकर खाना खाते है. शिवानी मान गयी. हम दुपहर को एक अच्छे से रेस्टुरेंट में जाकर खाना खाये और फिर कुछ देर बाद ऑफिस पोहचे।
में सीधा गाड़ी ऑफिस की बिल्डिंग के अंदर ले आया. पार्किंग २ रे मंजिल पे थी. काफी अँधेरा भी था. बड़ी बिल्डिंग होने की वजसे काफी गाड़िया पार्किंग में लगी थी. मेने गाडी को पार्क करने के लिए जगा ढुंडी और गाड़ी लगा दी.
मेरी गाड़ी जहा मेने लगाई, हमारे दोनों तरफ बड़ी गाड़िया कड़ी थे. एक तरफ थार और दूसरी तरफ फॉर्चूनर। जिस वजस से मेरी गाड़ी दोनों गाड़ियों के बिच छुप सी गयी थी.
गाड़ी पार्क करकर शिवानी से बाते चल ही रही थी. के शिवानी ने कहा के उसका सीट बेल्ट खुल नहीं रहा. मेने सोचा ऐसे तो नहीं होना चाहिए। मेने अंदर से खोलने की कोशिश की लेकिन खुल नहीं पाया। तो में गाड़ी से उतरा, और दूसरी तरफ से शिवानी के पास आया. दरवाजा खोलकर सीट बेल्ट देखि ही रहा था के उसी हड़बड़ाहट में मेरा हात शिवानी के जांग को छू गया. मेरा हात लगते ही शिवानी के मुँह से सिसकनेकी आवाज आयी.
मेरा चेहरा शिवानी के इतने करीब था के मेरे कानो में वो आवाज गूंजने लगी. मेरी नज़ारे शिवानी की तरफ मुड़ी, शिवानी ने भी मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे पे एक डर सा दिखाई दे रहा था. उसकी आँखे मुझे ही देख रही थी. उसकी तरफ देखते हुए मेरे हात सीट बेल्ट को खोल रहे थे.
अचानक सीट बेल्ट खुला, मेने सीट बेल्ट को हात में पकड़ा हुआ था, धीरेसे से सीट बेल्ट को पीछे लेते समय मेने जानभूझकर शिवानी के जांग पे फिर से अपना हात रगड़ा। सिवनी फिर से सिसकने लगी, और पीछे होने लगी.
मेरी नज़ारे उसके होठो पे चली गयी. गुलाबी होठ इतने करीब थे के में अपने आप को रोक नहीं पाया और अपने चेहरे को धीरेसे से शिवानी के होटो की तरफ बढ़ाये और धीरेसे से मेने शिवानी को चुम लिया।
आह्ह्ह्ह हहह उम्म्म्म अह्ह्ह्ह उम्मम्मम्मम।।।
सीट बेल्ट पीछे ले ली और शिवानी के शरीर पे अपना शरीर टीकाकार उसे गले लगा दिया। आअह्ह्ह्हह।। होटो से होठ रगड़ने लगे. मने शिवानी को गले लगाया। उसकी पीठ पे अपने हात घूमने लगा. आअह्हह्ह्ह्ह। क्या बदन था शिवानी का. उसके कोमल बदन को छूते ही पैंट के अंदर मेरा लंड खड़ा हो गया.
मेरी हवस बढ़ने लगी, और मेने शिवानी को चूमते हुए उसके कसकर जकड लिया। शिवानी के दोनों स्तन मेरे छाती पे रगड़ने लगे. आअह्ह्ह्ह।। लड़की का कोमल बदन जब छूता है तो एक अजीब सा मजा आने लगता है. मेने कसकर शिवानी को जकड़े होठो का रास पिने लगा. जबान से जबान जब लड़ने लगी, में समाज गया की शिवानी को भी अब मजा आ रहा है. उसकी हरकते देखकर मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया और मेने शिवानी के स्तनों को दोनों हातो से दबा दिया। आह्हः अहहह अहह अहहह ओममममममम।।।।।
शिवानी के स्तन काफी बड़े थे. दबाने पे पता चला के दूध थैली दबा रहा हु ऐसे लग रहा था. आह्ह्ह्ह अहहह छः हहह. अहहह। अहह..
अछि बात ये थी के वहा कोने में हमें कोई देख नहीं सकता था. मेने जोर जोर से स्तनों को दबाया तो शिवानी के होठो दूर हुए और उसके मुँह से आह्हः की आवाज निकलने लगी. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह।। शिवानी की सिसकती आवाज कानो के पास ही गूंज रही थी. जिससे में और उत्तेजित हो गया और जोर जोर से शिवानी के स्तनों को दबाने लगा.
अह्ह्ह्ह अहहह हहहह हहहह अहह उम्मम्मम्मम्म
उत्तेजना इतनी बढ़ी के मेने शिवानी के कुर्ते को ऊपर उठा दिया। शिवानी ने भी कुरता ऊपर पकड़ा और मेरी आखो के सामने शिवानी की ब्रा दिखने लगी. नील रंग की ब्रा में लिपटे गोर स्तनों को देख मुँह में पानी आ गया. बिना देरी किये मेने ब्रा भी ऊपर किया और जैसे ही दोनों स्तन निचे से बाहर निकले में पागल ही हो गया.
मेने दोनों हातो से शिवानी के गोर बड़े बड़े स्तनों को दबाया और निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा. आअह्ह्ह्ह अहहहहह।।। निप्पल काफी मीठे थे. बुरे रंग के लेकिन हलकी सा गुलाबी रंग की चूचिया मुँह में जाते ही में उसे चबाने लगा. अहहह अहहह। उम्मम्मम्मम्म
चबाते चबाते मेने दोनों स्तनों को अच्छे से दबा लिया। अपने मुँह को दोनों स्तनों के बिच रगड़ने लगा. उसकी कोमलता को महसूस करने लगा. आह्ह्ह्ह अहह….
स्तनों को चूसने के बाद, में पीछे हुआ और हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे. शिवानी की आखे नशीली हो चुकी थी. मेने उसकी तरफ देखते हुए एक नजर उसकी चुत की तरफ की. वो भी मुझे देखने लगी. मेने हलके से अपना हात उसकी जांग पे रगड़ा तो जैसे वो हिचकिचाई और तड़पने लगी, मेरे शरीर में आग ही लग गयी.
मेने दोनों हात उसकी कमर की और बढ़ाये। उसकी सलवार निचे उतरने लगा तो पहले तो वो मना करने लगी, कहने लगी कोई देख लेगा तो. मेने कहा कोई नहीं देखेगा और सीट को मेने पीछे की और निचे कर दिया और शिवानी को सुला दिया।
जैसे शिवानी सीट पे सोइ, मेने उसकी सलवार घुटने तक निचे खींच ली. उसकी गोरी जांग देखते ही मेरा सबर टूट गया और मेने अपने मुँह को उसकी जांग पे रखकर चूमना सुरु किया। आह्हः अहहह अह्ह्ह्ह उम्मम्मम्म अह्ह्ह्ह
जल्द बाजी में चूमते हुए मेने शिवानी के जांग को काट लिया। आअह्ह्ह्हह।। मास से भरी गोरी जांग देखकर काटने का मन किया।
अह्ह्ह्ह उम्मम्मम आह्ह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़
उसके बाद जैसे ही मेने शिवानी की पैंटी की तरफ हात बढ़ाया नजदीक से मुझे चुत की दरार में फसी पैंटी दिख रही थी. धीरेसे से मेने शिवानी की पैंटी निचे खींची और जब चुत सामने आई, में पागल ही हो गया. सीधा अपनी जबान को चुत पे रखकर रगड़ने लगा. आह्ह्ह्हह हहहहह।। मन में चल रहा था, कितने दिन से इसी चुत को चाटने की ख्वाइश थी, आज मिल गयी है तो छोड़ना नहीं है.
आह्ह्ह्ह शिवानी भी आवाज करने लगी. अहहह अहहहह ाहहममममम।।।
हवस से भरा मेरा शरीर पागल हो उठा था. जैसे ही मेने चुत ऊपर से चाट ली, मेने शिवानी के दोनों घुटने ऊपर उठाये और निचे से चुत को चाटने लगा. अह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम चुत तो पूरी गीली हो चुकी थी. पानी बाहर निकल रहा था. मेने कसकर शिवानी की दोनों जांग ऊपर उठाई पकड़के रखी और चुत में जबान डालते हुए चाटने लगा. आह्हः अहहह उम्म्म्म मममममम।।।
गोरी मीठी चुत चाटने में बहोत मजा आ रहा था. आह्हः अह्ह्ह अहहह।।। उम्मम्मम उफ्फफ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह
चुत को अच्छे से चाटकर जैसे ही में पीछे मुड़ा मेरे लंड की छटपटाहट इतनी बढ़ी थी के उसे बाहर नीकाले बिना रह नहीं सकता था. मेने अपनी पेंट खोली।
शिवानी ने मुझे लंड को बाहर निकलते देखा तो कहने लगी, नहीं ये मत करो. और उठकर जाने लगी. मेने जबरदस्ती उसे सुलाए रखा. कहा कुछ नहीं होगा। और पेंट निचे कर दी.
मेरा तड़पता हुआ ७ इंच का लंड उछल के बाहर निकला। शिवानी देखकर ही डर गयी. और नहीं नहीं। .. मना करने लगी.
मेने उसकी बात नहीं मानी। पेंट निचे घुटने तक ली, लंड को सीधा खड़ा किया, और गाड़ी का पीछे का दरवाजा खोलकर सीधा लंड को शिवानी के मुँह के पास ले गया. शिवानी लेटी हुई मेरे लंड के पास मुँह। मना करने लगी.
मुझे आया घुसा, मेने कहा ज्यादा वक्त नहीं है हमारे पास और ऐसे कहते हुए जबरदस्ती शिवानी के मुँह में अपना लंड घुसेड़ दिया आह्हः अहह अहहह अह्ह्ह्हह
शिवानी के मुँह में जैसे ही मेरा लंड चला गया, एक झटका सा महसूस हुआ. शिवानी ने मेरे लंड को मुठी में पकड़े चूसना सुरु किया आह्हः अहहह अहह
शिवानी की जबान लंड को रगड़ने लगी तो एक के बाद एक झटके महसूस होने लगे. आह्हः अहहह श शिवानी अह्ह्ह्ह अहहह हहह
शिवानी भी जोश में आ गयी और लंड को पूरा मुँह में लेकर चूसने लगी. आह्ह्ह्ह अहहह।।। मेरे लंड को उसके मुँह में देखकर जो आनंद आ रहा था आह्ह्ह्ह। शब्दों में बया नहीं कर सकता।
अह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्माएमं अह्ह्ह्हह्हह
शिवानी ने लंड को अच्छे से चूसकर गिला कर दिया। में अपना लंड पकड़े आगे की और आया, गाड़ी अंदर आकर शिवानी की सलवार पैंटी के साथ उतार दी.
शिवानी के दोनों पैर फैलाके लंड को चुत में डाला और शिवानी के ऊपर सोकर जो चुदाई सुरु की आह्हः हहह अहहह अह्ह्ह। लौड़ा पूरा चुत में चला गया. आह्ह्ह्ह अहहह अहह उम्म्म्म। आह्ह्ह्हह अहहह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़
जोर जोर से लंड को चुत में मरने लगा. अह्ह्ह्हह अहहह। शिवानी के चेहरे पे जो तड़पते हुए भाव थे, वो देखकर और जोर जोर से चोदने के मन करने लगा. आह्हः अहह अहह उम्म्म्म आह्हः अहह शिवानी आह्हः हह.
शिवानी भी जोर जोर से सिसकने लगी. अह्ह्ह्ह अहहह अहह..उम्मम्मम बस आह्हः आह मंत करो आह्ह्ह्ह।।। उसकी बड़ी आवाज किसी को सुनाई दे सकती थी. इसलिए मेने उसको कसकर चूमा और जोर जोर से लंड को चुत में मारते हुए चोदने लगा आह्हः अहहह अहहह अह्ह्ह
काफी देर चुदाई चली. फिर में उठकर बाहर आया. शिवानी कहने लगी, बस हो गया अभी… चलते है ऑफिस में. मेने कहा बस थोड़ी देर और.
मेने उसकी कमर को पकड़के उसे निचे खींचा। वो नहीं नहीं कर रही थी.
मेने उसको पलटके खड़ा किया, वही गाड़ी के अंदर अपने दोनों हात सीट पे रखकर शिवानी झुककर खड़ी हुई. में पीछे गया और पहले तो कसकर शिवानी की गोरी बड़ी गांड को दबाया। एक चपेट मरी. आह्ह्ह्हह। बहोत खुश हुआ में शिवानी की गांड को देखकर,
अपने लंड को हात में पकड़कर आगे किया, धीरेसे चुत में डालकर धक्का दिया। आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह। लंड अंदर जाने लगा तो चुत ने भी लंड को कसकर पकड़ लिया। मुझे लंड पे खिचाव महसूस हो रहा था. आह्ह्ह्ह अहहह अहहह। लंड अच्छे से चुत में फस गया था.
आअह्ह्ह्ह।। धीरे धीरे आगे पीछे करते हुए मेने शिवानी की चुदाई सुरु की. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह। दोनों हातो से शिवानी की कमर पकड़ी और जोर जोर से शिवानी को चोदने लगा अहहह अहहह अहह उम्म्म्म। आह्हः अहहह। उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह्ह
बहोत जोर से में शिवानी को चोदने लगा अहहह अह्ह्ह। ओमममम। अम्मम्म अहम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह। .. बहोत मजा आ रहा था. लंड की कठोरता और चुत की कोमलता महसूस करते हुए चुदाई चल रही थी. आह्हः अहहह उम्मम्मम्मम
काफी देर चुदाई चली फिर लंड से पानी निकलने ही वाला था तो मेने लंड बाहर खींच लिया। आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
लंड ने शिवानी की गांड पे पानी की बौछार कर दी. आह्ह्ह्ह अहहह अहहह अह्ह्ह। . इतना पानी निकला के गांड की दरार से पानी निचे बहने लगा. आअह्ह्ह्ह हह यह अहहू मममम
कुछ देर बाद जब शांत हुआ, शिवानी ने गाड़ी में रखे टिशू पेपर लिए और अपनी गांड को पोछने लगी. लंड ने इतना पानी छोड़ा था के बहोत सारे टिशू पेपर शिवानी को इस्तेमाल करने लगे. आह्ह्हह्ह्ह्ह
मेने भी अपनी पेंट ऊपर करदी। और शिवानी को अपनी पैंटी और सलवार पहनते हुए देखने लगा. उसकी हिलती हुई गांड देखकर मन को सुकून मिल रहा था. कपडे पहनकर हम ऑफिस के और बढे.
आकर अपना काम करने लगे जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
कैसी लगी मेरी कहानी मुझे कमेंट में जरूर बताना
