मेरा नाम ईशान है. २२ साल का हु. आज दुपहर को पापा के दोस्त ने उन्हें ऑफिस में दो अरिजीत सींग के कॉन्सर्ट की टिकटे दी. पापा ने घरपर दीदी को फोन करके बताया के उनको टिकटे मिल गयी है और शामको अगर उसे जाना है तो वो जा सकती है.
मेरी बड़ी बहन अन्वी २५ साल की है. अन्वी अरिजीत सींग की बहोत बड़ी फैन है तो जब उसको पता चला की कॉन्सर्ट में जाने मिल रहा है तो वो बहोत ही खुश हुई. वो अपनी दोस्त को फोन करने लगी. कोई उसे सात चाहिए था. वो अकेली नहीं जाना चाहती थी.
शाम होने ही वाली थी, ज्यादा वक्त नहीं था. एक एक करके सरे दोस्त को पूछ रही थी. लेकिन कोई भी आज उसके सात जाने के लिए तैयार नहीं हो रहा था.
शामको पापा ५ बजे घर आये तो देखा की दीदी अभी भी किसी को राजी नहीं कर पा रही थी कॉन्सर्ट में जाने के लिए.
तो पापा ने कहा ईशान को ले जाना। वैसे भी वह भीड़ बहोत होगी।
दीदी के पास अब कोई और रास्ता नहीं था. वो सीधा मेरे कमरे में आयी. में अपने मोबाइल पे गेम खेल रहा था. तो मुझे मनाने ने लगी.
वैसे मुझे भी अरिजीत सींग पसंद है लेकिन में अपनी दीदी के साथ नहीं जाना चाहता था. तो पहले तो मेने मना कर दिया। लेकिन फिर पापा मुझे मनाने लगे.
अब में नहीं जाता तो अन्वी दीदी भी नहीं जा पाती। दो किटते थी वो भी बर्बाद हो जाती।
तो मेने आखिरकार हां कर दिया।
मेरी हां सुनते ही दीदी बहोत खुश हुई. हम दोनों तुरंत तैयार हो गए.
८ बजे का शो था. लेकिन ७ बजे तक पोहचना था. आधे घंटे का रास्ता था.
हम निकल पड़े. एक बड़े स्टेडियम में शो था. जैसे जैसे स्टेडियम के पास पोहच रहे थे, रास्ते पे भीड़ बढ़ रही थी. हमें गेट नंबर ८ से अंदर जाने मिला। अछि बात ये थी के पापा के दोस्त ने आगे की जगह की टिकटे ली थी तो हमें अच्छे से आगे खड़े रहने की जगा मिल गयी. हमारे आगे कोई नहीं था. सीधा स्टेज दिख रहा था. हमें काफी करीब से अरिजीत सिंघ को देखने मिलने वाला था.
अन्वी दीदी काफी खुश थी. भीड़ से धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए मेने दीदी के कंधो पे हात रखा. दीदी चलती रही में पीछे से आगे बढ़ता रहा. आखिरकार हम हमारी जगह पर खड़े हो गए.
कुछ देर बाद भीड़ बढ़ने लगी. हमारे पीछे से मुझे धक्के लगने लगे. शो जैसे ही सुरु हुआ, पहले कुछ नए सिंगरोने गाना गया. अँधेरा काफी था. डिस्को लाइट के बिच सब नाच रहे थे.
नाचते हुए मेने देखा, मेरी दाई तरफ जो लड़का लड़की खड़े थे. वो दोनों एक दूसरे को बिच बिच में चुम रहे थे. लड़का लड़की को पीछे से कसकर पकडे हुए था और लड़की पीछे गर्दन घुमाकर उसे चुम रही थी. निचे नजर घुमाई तो तो लड़की की गांड पे लड़के ने अपना लंड दबाये रखा था. लड़की भी नाचते हुए अपनी गांड हिलाते हुए लंड पे रगड़ रही थी.
धीरे धीरे शो आगे बढ़ने लगा तो भीड़ आगे आगे हमें धकेल ने लगी. मेरे आगे कड़ी अन्वी दीदी को मेरा शरीर पूरा चिपक गया. पीछे से आगे की और धकेल रहे लोगो की वजसे मेरा शरीर दीदी के पीठ पे पटक रहा था.
मेने भी दीदी को कंधे पे हात रखकर पकड़ा और उसे सँभालने लगा.
फिर जैसे ही अरिजीत सिंघ स्टेज पे आये और गाना गाने लगे तो सभी बेकाबू हो गए. जभी नाचने लगे, चिल्लाने लगे.
हमारी दोनों तरफ जो कपल खड़े थे उनकी हरकते बढ़ गयी. कभी वो एक दूसरे को चूमते तो कभी लड़का लड़की के बदन को ऊपर से निचे छूने लगता।
ये सभी कपल की हरकते दीदी को भी दिख रही थी. कुछ देर बाद अचानक दीदी ने मेरा कंधे पे रखा हात निचे कर लिया और अपनी कमर पे दोनों हात लेकर मुझे पकडनेका इशारा दिया।
अन्वी दीदी खुद मुझे पकड़ने दे रही थी तो मेने भी कसकर दीदी के कमर को पकड़ा और पीछे से शरीर को दीदी के शरीर से रगड़ दिया। आह्ह्ह्हह्ह
जैसे ही मेरा लंड दीदी की गांड पे रगड़ने लगा तो में बैचेन होने लगा. नाचते हुए दीदी हिल रही थी तो दीदी की बड़ी कोमल गांड मेरे लंड पे घिसने लगी. आह्ह्ह्ह। …. कुछ ही पल में मेरा लंड खड़ा हो गया.
मुझे ऐसास हुआ के दीदी को शायद मेरे चुबते हुए खड़े लंड का पता चल गया होगा। लेकिन दीदी ने कुछ कहा नहीं। तो में भी लगा रहा।
सामने स्टेज पे अरिजीत सिंघ गाना गए रहा था और यहाँ में अपनी बड़ी दीदी की गांड पे अपना खड़ा लंड रगड़ रहा था. आअह्ह्ह्हह।। मेरा शरीर तपने लगा.
पास में खड़े कपल भी पूरा खुल गए थे. लड़का कभी लकड़ी की गांड दबाता तो कभी उसके स्तनों को चुपकेसे दबा देता।
अँधेरे का दोनों भी अच्छा इस्तेमाल कर रहे थे.
कुछ देर तक तो ऐसे ही चलता रहा लेकिन एक पल के बाद मुजसे रहा नहीं गया.मेरा शरीर तपने लगा. मेरे दिमाग में दीदी को चोदने का ख्याल उछलने लगा.
लंड को अन्वी दीदी को गांड में रगड़ते इतना तन गया था के अब अंडरवेर के अंदर समा नहीं पा रहा था. तो मेने जो ट्रक पैंट पहनी थी, उसकी दोनों जेब में अपना हात डाला, और अपनी अंडरवेर को अंदर से निचे खींच दिया। जैसे ही अंडरवेर ट्रैक पैंट के अंदर निचे उतरी, मेरा खड़ा लंड सीधा हो गया. मेने तुरंत दीदी की गांड के अंदर लंड को दबा दिया। आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।। उफ्फ्फ्फ़ आह्हः
किसी को खड़ा लंड दिखाई ना दे इसलिए दीदी की गांड पे लंड को दबाये रखा था.
कुछ देर बाद मेने देखा के दीदी ने भी अपनी पैंट की जेब के अंदर हात डाला। दीदी ने एक पतले कपडे की ढीली ढाली नायलोन की पैंट पहनी थी. जेब में दोनों हात डालकर दीदी ने भी अपनी अंदर पहनी हुई पैंटी निचे कर दी. जैसे ही पैंटी निचे हुई और मेने अपना लंड दीद के गांड के भीतर दबाया, पतले नायलोन के कपडे की वजसे लंड बहोत अंदर तक गया. आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह। में बहोत खुश हुआ.
दीदी को कसकर कमर से पकड़े मेने लंड को अंदर पूरा दबा दिया। … आअह्ह्ह्हह।।। उफ्फ्फफ्फ्फ़
अरिजीत सिंघ के गाने पे डोलते हुए में पीछे से दीदी की गांड में लंड दबाये जा रहा था. अपनी कमर को धीरे धीरे आगे पीछे करते हुए लंड को अन्वी दीदी की गांड में मारे जा रहा था. आह्हः अहहह अह्ह्ह .उम्मम्मम्म
गाना जोरो शोरो से चल रहा था. सभी लोग चिल्ला रहे थे. तभी हमारे दोनों तरफ के कपल एक दूसरे को चूमने लगे. अब शो ख़तम होने ही वाला था. तो सभी आखिरी मौका छोड़ना नहीं चाहते थे. दाये तरफ की लड़की तो पीछे ही मूड गयी और दोनों लड़का लड़की कसकर एक दूसरे को गले लगाकर चूमने लगे.
दीदी ने उनकी तरफ देखा और पता नहीं दीदी को क्या हुआ, वो भी पलटी और मुझे कसकर गले लगाकर मेरे होठो को दीदी ने चुम लिया। आह्ह्ह्हह्ह।। जैसे ही दीदी को में चूमने लगा, मेरे दिमाग ने काम करना ही बंद कर दिया। आह्ह्ह्हह।।
मेने कसकर दीदी की पीठ को पकड़ा। और दीदी की कोमल पीठ पे अपने हात रखकर हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. आअह्ह्ह उम्मम्मम। उम्मम्मम
निचे खड़ा लंड सीधा दीदी की चुत को छू रहा था. ऐसे लग रहा था के यही पे अन्वी दीदी को चोद दू… लेकिन वो हो नहीं पाया।
काफी देर चूमने के बाद जब अरिजीत सिंह जाने लगे तो हम फिर से सीधे खड़े हो गए.
मेने धीरेसे से अपनी जेब में हात डालकर अंडरवेर को ऊपर कर लिया। तने हुए लंड को छुपा लिया।
आआह्ह्ह्ह
अरिजीत सिंह जाने के बाद भीड़ निकलने लगी. हम भी स्टेडियम से बाहर निकले और घर के लिए ओला बुक कर ली.
जब ओला में बैठे थे तो दीदी मेरे कंधो पे सर रखकर सो गयी. दोनों ने एक दूसरे का हात पकड़ा था. दोनों अभी भी बहोत तप रहे थे.
ऐसे लग रहा था जैसे दोनों भी गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड है.
कुछ ही देर में हम घर पोहचे, घंटी बजी. माँ ने दरवाजा खोला। घर के अंदर आये तो देखा। हॉल में मौसी बैठी हुई थी.
दीदी ने पूछा क्या हुआ तो, मौसी ने कहा की गांव में दादी रहती है उनकी तबियत ठीक नहीं है. तो वो तुरंत गांव जा रहे है.
माँ ने फिर कहा, में और तेरे पापा भी जा रहे है. दो दिन बाद वापस आएंगे।
ये बात सुनकर दीदी ने मेरी तरफ नजर घुमाई। जिस तरह से दीदी मुझे देख रही थी, उनकी आखो में हवस मुझे साफ़ दिखाई दे रही थी.
पापा मम्मी अभी चले जायेंगे तो रात भर घर पर सिर्फ में और दीदी होंगे।
ऐसे लग रहा था मानो सब कुछ हमारे हिसाब से हो रहा है.
माँ ने तुरंत बैग भर ली. कुछ ही पल में चाचा की गाड़ी निचे आ गयी. और माँ, पापा और मौसी तीनो निकल पड़े.
मेने उनकी बैग गाड़ी में रखवा दी. जाते समय पापा ने कुछ पैसे भी मुझे दिए. जैसे ही गाड़ी निकली, में तुरंत ऊपर घर पे आ गया.
दीदी सामने ही खड़ी थी. मेने दरवाजा बंद किया और चुपचाप अपने कमरे में चला गया. अपने कमरे का दरवाजा खुला ही छोड़ दिया।
अब मुझे बैचेनी होने लगी. समज नहीं आ रहा था के में क्या करू. घर में कोई नहीं। मौका भी साथी था लेकिन डर भी लग रहा था.
मुजसे अब रहा नहीं जा रहा था. मेरा लंड पेंट के अंदर उछल रहा था. मेने कमरे की लाइट बंद की और अपने बीएड पे लेटा।
अपने मोबाइल पे भाई बहन की सेक्स वीडियो लगाकर देखते हुए अपने लंड को सहलाने लगा. आअह्ह्ह्ह आह लंड बहोत ही तन गया था.
हात की मुट्ठी बनाके धीरे धीरे लंड को सहलाते हुए आनंद लेने लगा. अह्ह्ह्ह उम्मम्मम। अह्ह्ह मममम उफ्फफ्फ्फ़ आह्हः
दीदी को याद करते हुए लंड को दबाने लगा. मुट्ठी में पकड़े खींचने लगा. काफी लम्बा हो गया था. अह्ह्ह उम्म्म्म अम्मम्म
वीडियो में जो लड़की दिख रह थी. बिलकुल दीदी जैसी दिख रही थी. वही बड़े बड़े स्तन। बड़ी लचीली गांड आअह्ह्ह अह्ह्ह अहा उम्म्म्म अहहहह
कुछ ही पल में उस वीडियो में इतना खो गया के मुझे आस पास क्या हो रहा है इसका पता ही नहीं चला.
में वीडियो देख ही रहा था के अचानक, कमरे की लाइट चल गयी. कमरे में उजाला जैसे हुआ मेने देखा सामने दीदी दरवाजे के पास खड़ी
मे डर गया और पास पड़ा तकिया उठाकर अपने लंड पे दबा दिया। दीदी ने मुझे नंगा देख लिया।
वो मेरे तरफ देखने लगी. फिर दीदी ने धीरेसे दरवाजा बंद किया। और मेरी तरफ बड़ी.
मेरी धड़कने बढ़ने लगी. मेरे दिमाग ने काम करना ही बंद कर दिया था. शरीर कापने लगा. आअह्ह्ह्ह अहह उम्म्म।।।।
दीदी करीब आई. में इतना डर गया था के हात में पकडे मोबइल पे जो सेक्स वीडियो चल रहा था वो मेने बंद भी नहीं किया। दीदी ने मेरे हात से मोबाइल लिया और उसने देखा तो सामने वीडियो में लड़का लड़की की चुदाई चल रही थी. शायद वीडियो के नाम से दीदी को भी पता चल गया होगा के वीडियो भाई बहन की है.
दीदी ने वीडियो बंद किया। फ़ोन पास में रखा,
मेने जो तकिया अपने लंड पे दबाया था. वो खींचकर हटा दिया।
जैसे ही तकिया हटा, मेरा तना हुआ ७ इंच का लंड उछलकर सीधा खड़ा हो गया. लंड में झटके लग रहे थे. लंड हिल रहा था.
दीदी ने लंड को देखा और अपनी मुट्ठी में कसकर पकड़लिया। आअह्ह्ह्ह हहह। … दीदी के कोमल हात का स्पर्श होते ही. मेरे अंग अंग में बिजली दौड़ने लगी.
दीदी लंड के पास बैठी और ऊपर निचे लंड को हिलाते हुए लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी. आअह्ह्ह्ह अहह उम्. उम्म्म्म। आआह्ह्ह्ह अह्ह्ह
दीदी आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह। दीदी ने पूरा लंड चूसना सुरु किया। उनकी जबान लंड पे गहने लगी. आअह्ह्ह्हह अहह.. दीदी अच्छे से लंड को चूस रही थी. आह्हः अह्ह्ह उम्म्म ाममममम।।।
हिला हिला के लंड को मुँह में लेकर चाट रही थी. आह्ह्ह्ह अहह… मेरे बदन में बिजली के झटको पे झटके लग रहे थे.
अन्वी दीदी को अपनी आखो के सामने मेरे लंड को चूसते देखना सपने ने कम नहीं था. आअह्ह्ह अहह उम्मम्मम
पूरा लौड़ा मुँह में लेकर चूसकर फिर मेरे दोनों गोटियों को दबाने लगी. दबाते दबाते अपनी जबान गोटियों पे ले गयी और गोटियों को भी चूसने लगी. आअह्ह्ह अहह.. जबान गोटियों पे घिसते हुए चाटने लगी. आअह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह। एक हात में लंड को कसकर पकडे ऊपर उठा रही थी. और धीरे धीरे लंड को हिला रही थी. आअह्ह्ह अहहह उम्म्म्म।।
पूरा लंड दीदी ने चाटकर गिला कर दिया। फिर वो मेरी कमर को चूमते हुए. मेरी नाभि को चूमते हुए ऊपर आने लगी. मेरे पेट को चूमते हुए टीशर्ट को ऊपर उठा दिया। मेरे निप्पल तक पोहची और मेरे निप्पल को चूसने लगी. आअह्ह्ह्ह अहह. मेरे निप्पल को होठो से चबाने लगी. आह्ह्ह्ह उम्म्म्म
फिर जैसे ही मेरे चेहरे के पास पोहची। एक पल हमने एक दूसरे को देखा, और जैसे अन्वी दीदी ने मेरे होठो को अपने होठ लगाए। में पागल ही हो गया.
मेने कसकर दीदी को चुम लिया। दीदी को पकड़के पलंग पे घुमा दिया और में दीदी के ऊपर चढ़ गया. आअह्ह्ह अहहह।। मेरे अंदर का डर अब हवस में बदल गया. आह्हः हह… दीदी के होठो को पागलो की तरह चूमने लगा. दीदी के दोनों हातो को बेड पर पकड़ रखा और दीदी के होठो को, गलो को, गर्दन को चूमने लगा. आअह्ह्ह अहह उम्म्म्म।।
दीदी भी हवस से भर गयी थी. उसके मुँह से आह्ह्ह्ह की आवाज सुनाई दे रह थी. आअह्ह्ह अहहह उम्मम्मम आआह्ह्ह
गर्दन को चूमते हुए मेने दीदी का ड्रेस ऊपर उठा दिया। ब्रा को देखकर मेरी आखे चमकने लगी. ब्रा को दबाते हुए दीदी के स्तनों को दबाने लगा. आअह्ह्ह अहह… बहोत ही मुलायम थे दीदी के स्तन। दोनों हातो से दबाते हुए दीदी के चेहरे के भाव देखना एक अनोखा अनुभव था. आह्ह्हह्ह्ह्ह
दीदी की ब्रा मेने खोली और जैसे ही स्तन उछल के बाहर निकले, मेरे मुँह से पानी आ गया. मेने तुरंत निप्पल को मुँह में लिया और स्तनों को दबाते हुए चूसने लगा. आअह्ह्ह्ह अहह…. दीदी के दूध से भरे स्तनों को दबाने में मजा आ रहा था. आह्ह्ह्हह अहह. अन्वी दीदी के स्तन काफी बड़े थे. मेरे हात में भी नहीं समां रहे थे. आह्हः अहह हम्म्म्म्म।।।।
दोनों निप्पल को चूसने के बाद मेने दीदी का ड्रेस उतर दिया। दीदी की नाभि को चूमते हुए निचे जाने लगा. दीदी की पहनी हुई पैंट को निचे खींचकर उतर दिया। अब दीदी सिर्फ पैंटी पे लेटी हुई थी. आह्ह्ह्ह क्या नजारा था.
दीदी की आँखे मुझे देख रही थी. मेने अपनी टीशर्ट उतर दी तो पूरा नंगा हो गया.
दीदी की पैंटी की तरफ बड़ा. पहले उसकी गोरी गोरी जांग को चाटने लगा. आअह्ह्ह अहह. उम्म्म। अम्मम्म।। दीदी तड़पने लगी. आअह्ह्ह की आवाज करने लगी. आह्ह्ह्ह उम्मम्मम। अम्म्म।।
दीदी की पैंटी को फिर दोनों हातो से पकड़ा और निचे खींच लिया। जैसे ही दीदी को पैंटी निकली, चुत देखते ही मेरे लंड ने सलामी दे दी.
मेने तुरंत अपना मुँह चुत में घुसेड़ा और अन्वी दीदी की चुत को चाटने लगा.आह्हः अहहह ाःहाहा।। अहहह अहह..
इसी का तो इंतजार था आह्हः अहह आह उम्मम्मम। ामममम
पूरी चुत में जबान डालकर चूसने लगा. आह्हः। चुत से पानी टपक रहा था. आह्हः अहहह उम्म्म्म अह्ह्ह्ह
पूरा पानी चाटकर में पि गया. आह्ह्ह्ह।।। चुत को चाटते हुए एक ऊँगली चुत में डालकर रगड़ने लगा. आह्ह्ह्ह अहहह आह्हः। …वही गीली ऊँगली में चाटता और फिर से चुत में डालकर रगड़ता आअह्ह्ह्ह अहहहहह
काफी देर बाद में पीछे हटा. दीदी के पैर फैलाये। और धीरेसे लंड को चुत के अंदर डालकर धकेल ने लगा. आह्ह्ह्ह अहह उम्मम्मम
दीदी आह्ह्ह्हह्ह। चुदाई सुरु हुई. आह्हः अहह अहहह अहहह।। दोनों दीदी की जांग पकड़े पच पच पच चुदाई सुरु हुई. आह्हः अहह हहहहह।।।
अन्वी दीदी के चुत में लंड अच्छे से फस गया था. आह्हः अहहह अहह.. में जोर जोर से दीदी की चुदाई कर रहा था. आह्ह्ह्ह अहहह हहह
काफी देर दीदी की चुदाई की, फिर लंड को चुत से बाहर खींचा।
अब दीदी के मुँह पे लंड ले गया और ६९ की पोजीशन में दीदी के मुँह में लंड देकर में उसके ऊपर लेट गया.
अब दीदी मेरा लंड चूसने लगी, और में दीदी की चुत को चूसने लगा. आअह्ह्ह्ह अहह. अह्ह्ह। दीदी अब बहोत तप गयी थी. जोर जोर से लंड को हिलाते हुए चूस रही थी. लंड को अपने मुँह पे मर रही थी. आअह्ह्ह्ह।। फिर मुँह में लेकर चूस रही थी. अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह।।।
लंड को मुठी में कसकर पकड़के खींचने लगी. मानो दूध ही निकाल रही हो. आह्ह्ह्ह आह्हः उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह
कुछ देर बाद, मेने पोजीशन बदली, दीदी को पलट दिया। जैसे ही दीदी पलटी, दीदी की बड़ी गांड देखकर में पागल हो गया. मेने दीदी की गांड में अपना मुँह डाला और रगड़ने लगा.
आह्ह्ह्हह।। दीदी की गांड काफी बड़ी थी. मुँह जब में घिस रहा था गांड पे, ऐसे लग रहा था मानो किसी रुई के गद्दे पे मुँह घिस रहा हु. आह्हः अहहह उम्मम्मम्मम
गांड को चूमकर दीदी को घोड़ी बना दिया। जैसे ही गांड ऊपर आयी और जो सामने आकर दिखने लगा. में खुश हो गया. आआह्ह्ह।।।
मेने अपना लंड आगे किया। दीदी की गांड को लंड रगड़ते हुए निचे ले गया. दीदी की चुत में फिर से लंड डालकर चुदाई सुरु की. आह्हः अहहह अह्ह्ह दीदी अह्ह्ह्ह अहह उम्मम्मम आह्हः अहह उम्म्म आह्ह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़
दीदी की कमर को पकड़े जोर जोर दीदी की चुदाई सुरु की. आह्ह्ह्ह अहहह गांड पे चपेट मारते हुए जो चुदाई का मजा आ रहा था. आअह्हह्ह्ह्ह। .
दीदी भी चीख रही थी. उसकी चीख सुनकर और भी जोर जोर से चोदने का मन कर रहा था. आह्ह्ह्ह। मेने जोर जोर से चुदाई की और जैसे ही लंड ने पानी निकलने का इशारा दिया, मेने दीदी को पूछा अंदर ही छोड़ दू दीदी।
तो दीदी ने कहा नहीं। और लंड चुत से बाहर निकाल दिया। दीदी पलटी और उसने मेरे लंड अपने मुँह में लिया। में घुटने पे बैठा दीदी को लंड को चूसते हुए देख खुश हो गया. आआह्ह्ह। दीदी ने जोर जोर से हिलाते हुए लंड को मुँह के सामने लिया। आह्ह्ह्हह
अचानक लंड से जोर की पानी की धार निकली और एक के बाद एक झटके के साथ गरम पानी की बौछार दीदी की मुँह पे उड़ने लगी. आह्ह्ह्ह अहह. कुछ पानी दीदी के मुँह में गया तो कुछ उसके गलो पे फ़ैल गया. दीदी के होठो सफ़ेद पानी से भर गए थे. आह्हः अहह उम्म्म्म अह्ह्ह्हह
दीदी ने पुरे लंड को आखिर तक अपने मुँह में रखा. पूरा पानी वो पि गयी. फिर जैसे लंड छोटा होने लगा. तब लंड को बाहर निकाल के चूमने लगी और चाटकर बचा कुचा पानी भी पि गयी.
अह्हह्ह्ह्ह। .. मेरी सास फूल गयी थी. दीदी भी थक गयी थी. वो वैसी ही नंगी बेड पे सो गयी. में उठकर खड़ा हुआ. लाइट बंद की और चद्दर ओढ़कर दीदी को गले लगाकर नंगा ही दीदी के बगल में सो गया.
उस दिन दोनों को बहोत ही चैन की नींद मिली।
उस दिन के बाद अन्वी दीदी को मेने बहोत बार चोदा था. दीदी का बॉयफ्रेंड भी हुआ, लेकिन एक घरपर मुजसे एक बार महीने में चुदवा ही लेती थी.
आपकी भी ऐसी कोई बहन है जिसे आप चोदना चाहते हो तो उसके बारेमे निचे कमेंट में जरूर बताना
